कतर एयरवेज की अतिरिक्त उड़ानों से 2600 भारतीयों की हुई वतन वापसी
नई दिल्ली, 18 मार्च (आईएएनएस)। मिडिल ईस्ट संघर्ष के बीच कतर एयरवेज की ओर से भारत के विभिन्न शहरों के लिए उड़ानों की संख्या में बढ़ोतरी से काफी राहत हुई है। बुधवार को संचालित उड़ानों के जरिए बड़ी संख्या में भारतीय नागरिक अपने देश लौटे।
कतर स्थित भारतीय दूतावास लगातार लोगों की सहायता के लिए सक्रिय है और सुरक्षा दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील भी कर रहा है।
कतर स्थित भारतीय दूतावास की ओर से जारी एडवाइजरी के अनुसार, कतर एयरवेज ने बुधवार को भारत के अलग-अलग शहरों के लिए नौ उड़ानें संचालित कीं। कुल मिलाकर बुधवार को कतर एयरवेज की उड़ानों से लगभग 2600 भारतीय नागरिकों ने यात्रा की। जैसा कि कतर एयरवेज ने पहले बताया था, फ्लाइट टिकट की बुकिंग कतर एयरवेज की वेबसाइट, ऐप या ट्रैवल एजेंटों के जरिए की जा सकती है।
दूतावास की ओर से बताया गया कि जैसे-जैसे कतर से भारत के अलग-अलग शहरों के लिए ज्यादा उड़ानें उपलब्ध हुई हैं, कंट्रोल रूम में आने वाले फोन कॉल और ईमेल से पूछे जाने वाले सवालों की संख्या में लगातार कमी आई है। फिर भी, दूतावास लोगों के सवालों और चिंताओं को दूर करने के लिए अपने कंट्रोल रूम को हेल्पलाइन और ईमेल के जरिए 24X7 आधार पर चालू रखे हुए है।
उन्होंने दूतावास भारतीय समुदाय से आग्रह करते हुए कहा कि वे कतर के अधिकारियों की ओर से जारी किए गए दिशा-निर्देशों और एडवाइजरी का पूरी तरह से पालन करें। सभी को सामाजिक कार्यक्रम आयोजित करते समय, जिनमें शादियां और शोक सभाएं शामिल हैं, एहतियाती उपायों का पालन करना चाहिए। अधिकारियों ने इस बात पर जोर दिया है कि ऐसे कार्यक्रम केवल इनडोर हॉल और बंद जगहों पर ही आयोजित किए जाने चाहिए, ताकि लोगों की सुरक्षा को होने वाले संभावित जोखिमों से बचाया जा सके।
मिडिल ईस्ट तनाव के 19वें दिन बाद भी हालात सुधरने के बजाय और बिगड़ते जा रहे हैं। ऐसे में दूतावास ज्यादा से ज्यादा लोगों को सुरक्षित देश से बाहर निकालने के प्रयास में लगा हुआ है।
बुधवार को ही इजरायल डिफेंस फोर्स (आईडीएफ) ने हमले में हमास की उत्तरी गाजा ब्रिगेड के नौसैनिक दस्ते के कमांडर यूनुस मोहम्मद हुसैन अलियान के खात्मे का दावा किया है। इसके अलावा, आईडीएफ ने एयर स्ट्राइक में ईरान के एक और शीर्ष नेता की मौत का भी दावा किया है।
आईडीएफ का दावा है कि अलियान गाजा में ब्रिगेड की क्षमताओं को फिर से मजबूत करने के लिए काम कर रहा था। वो जल्द ही किसी बड़े हमले की साजिश बना रहा था। आम नागरिकों को नुकसान पहुंचने की आशंका थी।
आईडीएफ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कहा, इस्माइल खतीब ने पूरे ईरान में हाल ही में हुए विरोध प्रदर्शनों के दौरान एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी, जिसमें प्रदर्शनकारियों की गिरफ्तारी और हत्याएं शामिल थीं। इसके अलावा, उन्होंने दुनिया भर में इजरायलियों और अमेरिकियों के खिलाफ हमले की गतिविधियों का नेतृत्व किया। इसी तरह, उन्होंने महसा अमीनी विरोध प्रदर्शनों (2022–2023) के दौरान भी ईरानी नागरिकों के खिलाफ काम किया था।
--आईएएनएस
एवाई/डीकेपी
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
अमेरिका ने 50 देशों के लिए वीजा बॉन्ड नियम में किया विस्तार, 15 हजार डॉलर जमा करना अनिवार्य
वॉशिंगटन, 18 मार्च (आईएएनएस)। अमेरिका ने अपने वीजा बॉन्ड कार्यक्रम का विस्तार करते हुए दो अप्रैल से इसे 50 देशों तक लागू करने का फैसला किया है। अमेरिकी विदेश विभाग ने बुधवार को बताया कि अब बिजनेस और पर्यटन (बी1 और बी2 वीजा) के लिए आवेदन करने वाले विदेशी नागरिकों को 15 हजार डॉलर का बॉन्ड जमा करना होगा।
यह बॉन्ड उन वीजा धारकों को वापस कर दिया जाएगा जो वीजा की शर्तों का पालन करते हैं और समय पर अमेरिका से लौट जाते हैं या फिर यात्रा ही नहीं करते।
इस कदम का उद्देश्य अवैध रूप से वीजा अवधि से अधिक ठहरने (ओवरस्टे) को कम करना है। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, इस कार्यक्रम के तहत अब तक लगभग एक हजार विदेशियों को वीजा जारी किया गया है, जिनमें से 97 प्रतिशत लोग समय पर अपने देश लौट गए।
इसके विपरीत, पिछले प्रशासन के अंतिम वर्ष में, वर्तमान में इस योजना के अंतर्गत आने वाले 50 देशों के 44 हजार से अधिक लोग वीजा अवधि से अधिक समय तक अमेरिका में रुके थे।
दो अप्रैल से इस नीति के तहत 12 नए देश, कंबोडिया, इथियोपिया, जॉर्जिया, ग्रेनेडा, लेसोथो, मॉरीशस, मंगोलिया, मोज़ाम्बिक, निकारागुआ, पापुआ न्यू गिनी, सेशेल्स और ट्यूनीशिया, शामिल किए जाएंगे।
ये देश उन 38 देशों में शामिल हो जाएंगे, जिन पर पहले से यह नियम लागू है, जैसे अल्जीरिया, अंगोला, बांग्लादेश, भूटान, नेपाल, नाइजीरिया, सेनेगल, तंजानिया, युगांडा, जाम्बिया, जिम्बाब्वे आदि।
विदेश विभाग ने कहा कि इस कार्यक्रम को भविष्य में इमिग्रेशन जोखिम कारकों के आधार पर और भी देशों तक बढ़ाया जा सकता है, यानी ओवरस्टे के आंकड़ों और नियमों के पालन के आधार पर नए देश जोड़े जा सकते हैं।
अधिकारियों ने इस नीति को आर्थिक रूप से भी लाभदायक बताया। उनके अनुसार, अमेरिका में अवैध रूप से रह रहे व्यक्ति को देश से निकालने में औसतन 18 हजार डॉलर का खर्च आता है।
इस कार्यक्रम के जरिए ओवरस्टे कम होने से अमेरिकी टैक्सपेयर्स के लगभग 800 मिलियन डॉलर प्रति वर्ष तक बचाए जा रहे हैं।
यह वीज़ा बॉन्ड नियम खासतौर पर बी1 (बिजनेस) और बी2 (टूरिज्म) जैसे अल्पकालिक वीज़ा पर लागू होता है। यह बॉन्ड एक वित्तीय गारंटी के रूप में काम करता है ताकि लोग वीजा की शर्तों का पालन करें।
बी1 और बी2 वीजा सबसे ज्यादा जारी किए जाने वाले नॉन-इमिग्रेंट वीजा हैं, जिनका उपयोग व्यापार, पर्यटन और पारिवारिक मुलाकातों के लिए किया जाता है। ओवरस्टे दर अमेरिका के लिए एक महत्वपूर्ण मापदंड है, जिसके आधार पर वीजा नीतियां तय की जाती हैं।
--आईएएनएस
एवाई/डीकेपी
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