केच और वाशुक में हुए हमले की बीएलएफ ने ली जिम्मेदारी, तीन पाकिस्तानी जवानों की मौत
क्वेटा, 18 मार्च (आईएएनएस)। बलूचिस्तान लिबरेशन फ्रंट (बीएलएफ) ने केच जिले में किए गए हमलों की जिम्मेदारी ली है, जिनमें तीन पाकिस्तानी सुरक्षाकर्मी मारे गए और चार अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थानीय मीडिया ने बताया कि इसके अलावा, इस हथियारबंद गुट ने वाशुक जिले में भी पाकिस्तान समर्थित डेथ स्क्वॉड को निशाना बनाया, जिसमें तीन ऑपरेटिव मारे गए।
एक बयान में बीएलएफ के प्रवक्ता मेजर ग्वाहरम बलूच ने कहा कि पक्की खुफिया जानकारी के आधार पर उनके लड़ाकों ने मंगलवार को वाशुक के गरारी इलाके में राज्य समर्थित डेथ स्क्वॉड के सदस्यों पर हमला किया।
प्रवक्ता के अनुसार, ये डेथ स्क्वॉड चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा (सीपीईसी) राजमार्ग पर अस्थायी चेकपोस्ट बनाकर ड्राइवरों को परेशान कर रहे थे और उनसे जबरन वसूली कर रहे थे। इसी दौरान बीएलएफ के लड़ाकों ने उन्हें घेरकर गोलीबारी शुरू कर दी।
ग्वाहरम ने कहा, “इस ऑपरेशन के परिणामस्वरूप तीन डेथ स्क्वॉड ऑपरेटिव मारे गए, जबकि एक को पकड़ लिया गया है और वह फिलहाल संगठन की हिरासत में है।”
उन्होंने दावा किया कि मारे गए लोगों में से एक की पहचान कहूर उर्फ मनन के रूप में हुई है, जो आवारान जिले के मशकाय का निवासी था, जबकि बाकी दो की पहचान अभी तक नहीं हो पाई है।
उन्होंने बताया कि पकड़े गए व्यक्ति की पहचान चाकर, पुत्र शेर मोहम्मद, निवासी नाग (वाशुक) के रूप में हुई है और उससे पूछताछ की जा रही है।
प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि यह समूह स्थानीय व्यक्ति अली हैदर मोहम्मद हसनी के संरक्षण में काम कर रहा था और राज्य के इशारे पर “एंटी-बलोच गतिविधियों” में शामिल था।
एक अलग ऑपरेशन में, ग्वाहरम ने कहा कि बीएलएफ के लड़ाकों ने 16 मार्च को केच के तुम्प इलाके के मलांत में पाकिस्तानी सेना के एक कैंप पर समन्वित हमला किया।
उन्होंने बताया कि लड़ाकों ने कैंप को कई दिशाओं से घेरकर “बी-10 रॉकेट, स्नाइपर, आरपीजी, और ग्रेनेड लॉन्चर” का इस्तेमाल करते हुए नजदीक से हमला किया, जिसमें तीन सैनिक मारे गए और चार गंभीर रूप से घायल हो गए।
बीएलएफ प्रवक्ता ने यह भी कहा कि लड़ाकों ने कैंप में लगे निगरानी कैमरों को नष्ट कर दिया और उन्हें नुकसान पहुंचाया, जबकि बाद में हेलीकॉप्टरों के जरिए घायलों को निकाला गया।
दोनों हमलों की जिम्मेदारी लेते हुए बीएलएफ ने चेतावनी दी कि बलोच आंदोलन के खिलाफ काम करने वाले किसी भी व्यक्ति को “अंजाम तक पहुंचाया जाएगा।”
ये ताज़ा घटनाएं ऐसे समय में सामने आई हैं, जब हाल के दिनों में बलूच उग्रवादी समूहों की ओर से पूरे बलूचिस्तान में पाकिस्तानी सेना और पुलिस बलों को निशाना बनाकर किए जाने वाले हमले बढ़ गए हैं, जिसके परिणामस्वरूप भारी जान-माल का नुकसान हुआ है और बुनियादी ढांचे को भी क्षति पहुंची है।
--आईएएनएस
एवाई/डीकेपी
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
कतर एयरवेज की अतिरिक्त उड़ानों से 2600 भारतीयों की हुई वतन वापसी
नई दिल्ली, 18 मार्च (आईएएनएस)। मिडिल ईस्ट संघर्ष के बीच कतर एयरवेज की ओर से भारत के विभिन्न शहरों के लिए उड़ानों की संख्या में बढ़ोतरी से काफी राहत हुई है। बुधवार को संचालित उड़ानों के जरिए बड़ी संख्या में भारतीय नागरिक अपने देश लौटे।
कतर स्थित भारतीय दूतावास लगातार लोगों की सहायता के लिए सक्रिय है और सुरक्षा दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील भी कर रहा है।
कतर स्थित भारतीय दूतावास की ओर से जारी एडवाइजरी के अनुसार, कतर एयरवेज ने बुधवार को भारत के अलग-अलग शहरों के लिए नौ उड़ानें संचालित कीं। कुल मिलाकर बुधवार को कतर एयरवेज की उड़ानों से लगभग 2600 भारतीय नागरिकों ने यात्रा की। जैसा कि कतर एयरवेज ने पहले बताया था, फ्लाइट टिकट की बुकिंग कतर एयरवेज की वेबसाइट, ऐप या ट्रैवल एजेंटों के जरिए की जा सकती है।
दूतावास की ओर से बताया गया कि जैसे-जैसे कतर से भारत के अलग-अलग शहरों के लिए ज्यादा उड़ानें उपलब्ध हुई हैं, कंट्रोल रूम में आने वाले फोन कॉल और ईमेल से पूछे जाने वाले सवालों की संख्या में लगातार कमी आई है। फिर भी, दूतावास लोगों के सवालों और चिंताओं को दूर करने के लिए अपने कंट्रोल रूम को हेल्पलाइन और ईमेल के जरिए 24X7 आधार पर चालू रखे हुए है।
उन्होंने दूतावास भारतीय समुदाय से आग्रह करते हुए कहा कि वे कतर के अधिकारियों की ओर से जारी किए गए दिशा-निर्देशों और एडवाइजरी का पूरी तरह से पालन करें। सभी को सामाजिक कार्यक्रम आयोजित करते समय, जिनमें शादियां और शोक सभाएं शामिल हैं, एहतियाती उपायों का पालन करना चाहिए। अधिकारियों ने इस बात पर जोर दिया है कि ऐसे कार्यक्रम केवल इनडोर हॉल और बंद जगहों पर ही आयोजित किए जाने चाहिए, ताकि लोगों की सुरक्षा को होने वाले संभावित जोखिमों से बचाया जा सके।
मिडिल ईस्ट तनाव के 19वें दिन बाद भी हालात सुधरने के बजाय और बिगड़ते जा रहे हैं। ऐसे में दूतावास ज्यादा से ज्यादा लोगों को सुरक्षित देश से बाहर निकालने के प्रयास में लगा हुआ है।
बुधवार को ही इजरायल डिफेंस फोर्स (आईडीएफ) ने हमले में हमास की उत्तरी गाजा ब्रिगेड के नौसैनिक दस्ते के कमांडर यूनुस मोहम्मद हुसैन अलियान के खात्मे का दावा किया है। इसके अलावा, आईडीएफ ने एयर स्ट्राइक में ईरान के एक और शीर्ष नेता की मौत का भी दावा किया है।
आईडीएफ का दावा है कि अलियान गाजा में ब्रिगेड की क्षमताओं को फिर से मजबूत करने के लिए काम कर रहा था। वो जल्द ही किसी बड़े हमले की साजिश बना रहा था। आम नागरिकों को नुकसान पहुंचने की आशंका थी।
आईडीएफ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कहा, इस्माइल खतीब ने पूरे ईरान में हाल ही में हुए विरोध प्रदर्शनों के दौरान एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी, जिसमें प्रदर्शनकारियों की गिरफ्तारी और हत्याएं शामिल थीं। इसके अलावा, उन्होंने दुनिया भर में इजरायलियों और अमेरिकियों के खिलाफ हमले की गतिविधियों का नेतृत्व किया। इसी तरह, उन्होंने महसा अमीनी विरोध प्रदर्शनों (2022–2023) के दौरान भी ईरानी नागरिकों के खिलाफ काम किया था।
--आईएएनएस
एवाई/डीकेपी
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