ये हैं IPL इतिहास में सबसे ज्यादा POTM जीतने वाले टॉप-5 खिलाड़ी, पहले 2 नंबर्स पर है विदेशी प्लेयर्स का कब्जा
आईपीएल 2026 की शुरुआत 28 मार्च से होने जा रही है. फैंस बेसब्री से टूर्नामेंट का इंतजार कर रहे हैं. एक बार फिर मैदान पर एमएस धोनी, रोहित शर्मा और विराट कोहली जैसे दिग्गज खेलते और फैंस का मनोरंजन करते नजर आएंगे. इस बार भी आईपीएल इतिहास के कई रिकॉर्ड टूटेंते और बनते नजर आएंगे, तो चलिए जानते हैं कि आईपीएल इतिहास में सबसे ज्यादा प्लेयर ऑफ द मैच जीतने वाले टॉप-5 खिलाड़ी कौन हैं.
एबी डिविलियर्स
आईपीएल में सबसे ज्यादा प्लेयर ऑफ द मैच अवॉर्ड जीतने का रिकॉर्ड एबी डिविलियर्स के नाम है. उन्होंने आईपीएल के पहले सीजन 2008 में दिल्ली डेयरडेविल्स (अब दिल्ली कैपिटल्स) की ओर से अपना डेब्यू किया था. आईपीएल मं 13 साल खेलने के बाद एबी डिविलियर्स ने 2021 से संन्यास ले लिया था. एबी डिविलियर्स आईपीएल में 184 मैचों में खेलते हुए कुल 25 बार प्लेयर ऑफ द मैच अवॉर्ड को अपने नाम किए हैं. एबी डिविलियर्स एकलौते खिलाड़ी हैं, जिन्होंने 10 बार से ज्यादा प्लेयर ऑफ द मैच जीतने का कारनामा किया है.
क्रिस गेल
इस मामले में यूनिवर्स क्रिस गेल दूसरे नंबर पर हैं. क्रिस गेल ने आईपीएल की शुरुआत 2009 में की थी और उनका अपना आखिरी सीजन 2021 में खेला था. गेल ने कोलकाता नाइट राइडजर्स की ओर से आईपीएल डेब्यू किया था. 13 साल के आईपीएल करियर में गेल ने 142 मैचों में खेलते हुए कुल 22 बार प्लेयर ऑफ द मैच का अवॉर्ड अपने नाम किया है.
रोहित शर्मा
आईपीएल इतिहास में सबसे ज्यादा प्लेयर ऑफ द मैच जीतने के मामले में तीसरे नंबर पर रोहित शर्मा हैं. रोहित शर्मा ने आईपीएल की शुरुआत 2008 में डेक्कन चार्जर्स की ओर से किया था. इसके बाद वो मुंबई इंडियंस का हिस्सा बने और टीम को पांच बार चैंपियन बनाया. रोहित अब तक आईपीएल के 18 सालों में 272 मैच खेलते हुए 21 बार प्लेयर ऑफ द मैच का अवॉर्ड अपने नाम कर चुके हैं. रोहित शर्मा के पास एबी डिविलियर्स के इस रिकॉर्ड को ध्वस्त करने का मौका है. आईपीएल 2026 में रोहित कुछ अच्छी पारी खेलते हैं और मुंबई इंडियंस को जीत दिलाते हैं, तो उन्हें वो डिविलियर्स को पीछे छोड़ सकते हैं.
विराट कोहली
विराट कोहली ने अपने आईपीएल की शुरुआत पहले सीजन 2008 से ही किया था. उन्होंने रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु की ओर से आईपीएल डेब्यू किया था और 18 साल बाद भी कोहली रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु से जुड़े हुए हैं. विराट कोहली अब तक आईपीएल में 267 मैच खेलते हुए कुल 19 बार प्लेयर ऑफ द मैच का अवॉर्ड जीते हैं. विराट कोहली के पास भी डिविलियर्स को पीछे छोड़ने का मौका है. अब देखने वाली बात होगी कि डिविलियर्स का यह रिकॉर्ड आईपीएल 2026 में टूटता है या फिर कुछ सीजन और लगते हैं. इसे रोहित शर्मा और विराट कोहली ही तोड़ सकते हैं, क्योंकि वहीं इस रिकॉर्ड के ज्यादा पास हैं.
एमएस धोनी
एमएस धोनी आईपीएल में सबसे ज्यादा प्लेयर ऑफ द मैच अवॉर्ड जीतने के मामले में पांचवे नंबर पर हैं. धोनी ने चेन्नई सुपर किंग्स की ओर से खेलते हुए अपनी आईपीएल करियर की शुरुआत की थी. उन्होंने आईपीएल के पहले सीजन 2008 में सीएसके की ओर अपना डेब्यू किया था. हालांकि 2 साल चेन्नई सुपर किंग्स के बैन होने की वजह से धोनी राइजिंग पुणे सुपरजायंट्स खेले, लेकिन CSK के बैन हटते ही धोनी ने फिर से वापसी की थी और आईपीएल 2026 में भी वो सीएसके के लिए खेलते नजर आएंगे. अब देखने वाली बात होगी कि धोनी का यह आखिरी सीजन होता है या फिर वो अगले सीजन में खेलते नजर आते हैं.
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बढ़ते वैश्विक तनाव के बीच अमेरिकी सांसद ने धार्मिक संस्थानों की सुरक्षा की मांग की
वॉशिंगटन, 18 मार्च (आईएएनएस)। एक प्रभावशाली अमेरिकी सांसद ने धार्मिक संस्थानों की सुरक्षा के लिए फंड बढ़ाने की मांग की है। ऐसा इसलिए किया गया है क्योंकि मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव और हाल के हमलों ने पूरे देश में धार्मिक समुदायों के बीच डर बढ़ा दिया है।
डेमोक्रेटिक अमेरिकी सांसद जोश गॉटहाइमर ने मंगलवार को न्यू जर्सी में होमलैंड सिक्योरिटी अधिकारियों और धार्मिक नेताओं की बैठक बुलाई। इस बैठक का मकसद उस बढ़ते खतरे के माहौल पर चर्चा करना था, जिसका सामना उनके अनुसार पूजा स्थलों को करना पड़ रहा है।
इस बैठक में न्यू जर्सी ऑफिस ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी एंड प्रिपेयर्डनेस (एनजेओएचएसपी) के अधिकारी शामिल हुए, जिनमें निदेशक थॉमस हॉक और तैयारी निदेशक चार्ल्स एम्बियो भी थे। साथ ही यहूदी, ईसाई, हिंदू और अन्य धार्मिक समुदायों के नेता भी मौजूद रहे।
प्रतिभागियों ने मौजूदा खतरे की स्थिति की समीक्षा की और कानून प्रवर्तन एजेंसियों तथा धार्मिक संस्थानों के बीच समन्वय पर चर्चा की। खास तौर पर तैयारी और प्रतिक्रिया को बेहतर बनाने पर ध्यान दिया गया।
गॉटहाइमर ने कहा, “इस समय, जब मध्य पूर्व में तनाव बढ़ रहा है और ईरान से जुड़ा संघर्ष जारी है, तो यह पहले से कहीं ज्यादा जरूरी है कि हम खतरों के प्रति सतर्क रहें, खासकर अपने धार्मिक समुदायों के लिए।”
चर्चा के दौरान इस बात पर भी गौर किया गया कि मध्य पूर्व का संघर्ष घरेलू सुरक्षा चिंताओं को कैसे प्रभावित कर रहा है और स्थानीय संस्थानों पर सुरक्षा उपाय मजबूत करने का दबाव कैसे बढ़ा रहा है।
गॉटहाइमर ने हालिया घटनाओं को चेतावनी के रूप में बताया।
उन्होंने कहा, “हाल के हफ्तों में मिशिगन में एक सिनेगॉग पर हमला हुआ और यहीं टीनेक में एक 19 वर्षीय युवक को सिनेगॉग के बाहर पेलेट गन से गोली मारी गई। यह एक बेहद चिंताजनक याद दिलाता है कि यहूदी-विरोध और नफरत अभी भी मौजूद हैं।”
उन्होंने जोर देकर कहा कि खतरा सभी धार्मिक समूहों तक फैला हुआ है।
गॉटहाइमर ने कहा, “न्यू जर्सी या अमेरिका में कहीं भी किसी को भी सिनेगॉग, चर्च, मस्जिद या मंदिर में प्रवेश करते समय असुरक्षित महसूस नहीं होना चाहिए।”
बैठक का एक मुख्य मुद्दा संघीय गैर-लाभकारी सुरक्षा अनुदान कार्यक्रम (एनएसजीपी) था, जो निगरानी प्रणाली, प्रवेश नियंत्रण और प्रशिक्षित कर्मियों जैसे सुरक्षा उन्नयन के लिए धन प्रदान करता है।
गॉटहाइमर ने इस कार्यक्रम के विस्तार के लिए तत्काल कार्रवाई की मांग की और कहा कि वह वित्त वर्ष 2027 तक एनएसजीपीके फंड को एक अरब डॉलर तक बढ़ाने के लिए प्रयास कर रहे हैं।
--आईएएनएस
एवाई/डीकेपी
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