एयर कंडीशनर की हवा बन सकती है सेहत के लिए खतरा, यहां जानिए किन लोगों को AC में नहीं सोना चाहिए
Who Should Not Sleep In AC: ऐसे बहुत से लोग हैं जिन्हें एयर कंडीशनर की हवा से नुकसान हो सकता है. ऐसे में यहां जानिए वो कौन से लोग हैं जिनके लिए AC की हवा सही नहीं है और जिन्हें AC के सामने सोने से परहेज करना चाहिए.
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पंजाब में मान सरकार की उपलब्धि, मात्र 4 सालों में भाखड़ा नहर के बराबर पानी राज्य के खेतों तक पहुंचाया
Punjab News: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने बताया कि राज्य में पिछले कुछ वर्षों में सिंचाई व्यवस्था को मजबूत करने के लिए बड़े स्तर पर काम किया गया है. उनका कहना है कि सरकार ने नहरों को सुधारकर और पुराने सिस्टम को दोबारा चालू करके किसानों तक ज्यादा पानी पहुंचाने की कोशिश की है.
बंद पड़ी नहरों को फिर से चालू किया
मुख्यमंत्री के अनुसार, पहले पंजाब में नहरी पानी से केवल करीब 26.5 प्रतिशत खेतों की सिंचाई हो रही थी, लेकिन अब यह बढ़कर लगभग 78 प्रतिशत तक पहुंच गई है. यानी पहले के मुकाबले काफी ज्यादा खेतों को नहरों का पानी मिलने लगा है. उन्होंने कहा कि सरकार ने मौसमी नदियों से अतिरिक्त पानी सुनिश्चित किया है और बंद पड़ी नहरों को फिर से चालू किया है, जिससे खेती को फायदा हुआ है.
पिछले 4 सालों में हुए करीब 6,700 करोड़ रुपये खर्च
सीएम ने बताया कि पिछले चार सालों में नहरों की मरम्मत, सफाई और सुधार के लिए करीब 6,700 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं. इसके अलावा लगभग 13,000 किलोमीटर लंबी नहरों के निर्माण और मरम्मत पर भी काम हुआ है. इससे नहरी पानी अब करीब 58 लाख एकड़ जमीन तक पहुंच रहा है, जो पहले काफी कम था.
18 हजार से ज्यादा मार्गों को दोबारा चालू किया
सरकार ने करीब 15,500 से ज्यादा नहरों की सफाई करवाई और 18,000 से ज्यादा जल मार्गों को दोबारा चालू किया. इसके साथ ही 7 हजार से अधिक छोटे पानी के रास्तों (खालों) को भी बहाल किया गया है. इससे दूर-दराज के खेतों तक भी पानी पहुंचने लगा है.
नहीं ली गई नई जमीन
मुख्यमंत्री ने कहा कि कई नहरें ऐसी थीं जो 30-40 साल से बंद पड़ी थीं. अब उनमें से 100 से ज्यादा नहरों को फिर से चालू किया गया है. इनकी कुल लंबाई करीब 545 किलोमीटर है. खास बात यह है कि इन कामों के लिए नई जमीन नहीं ली गई, बल्कि पुराने सिस्टम को ही सुधारकर उपयोग में लाया गया. उन्होंने तरनतारन जिले की सरहाली नहर का उदाहरण दिया, जो लगभग 22 किलोमीटर लंबी है और लंबे समय से बंद पड़ी थी. अब इसे फिर से चालू कर दिया गया है और इससे आसपास के किसानों को फायदा मिल रहा है.
किसानों को हो रही खेती में सुविधा
इसके अलावा फिरोजपुर फीडर और सरहिंद नहर जैसी बड़ी नहरों की क्षमता भी बढ़ाई गई है, जिससे ज्यादा पानी उपलब्ध हो रहा है. नहरों की लाइनिंग (पक्कीकरण) से पानी की बचत भी हो रही है और रिसाव कम हुआ है. पहले किसानों को नहर का पानी बारी-बारी से मिलता था, लेकिन अब व्यवस्था को बदलकर रोजाना पानी उपलब्ध कराने की कोशिश की गई है. इससे किसानों को खेती में सुविधा हो रही है.
भूजल पर निर्भरता में आई कमी
सरकार का कहना है कि इन प्रयासों से भूजल (जमीन के नीचे का पानी) पर निर्भरता भी कम हुई है. कुछ इलाकों में भूजल का इस्तेमाल पहले की तुलना में काफी घटा है, जो भविष्य के लिए अच्छा संकेत माना जा रहा है. इसके साथ ही बाढ़ से बचाव और जल प्रबंधन के लिए भी काम किए गए हैं. नदियों और नालों की सफाई, गाद निकालने और तटबंध मजबूत करने जैसे कार्य किए जा रहे हैं, ताकि नुकसान कम हो सके.
शाहपुर कंडी डैम प्रोजेक्ट भी हुआ पूरा
मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि लंबे समय से रुका हुआ शाहपुर कंडी डैम प्रोजेक्ट अब पूरा हो चुका है. इससे राज्य में पानी के बेहतर उपयोग में मदद मिलेगी. कुल मिलाकर, सरकार का कहना है कि इन सभी प्रयासों से पंजाब के किसानों को सिंचाई के लिए ज्यादा और नियमित पानी मिल रहा है, जिससे खेती में सुधार और उत्पादन बढ़ने की उम्मीद है.
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