झारखंड बजट सत्र का हुआ समापन, सीएम हेमंत सोरेन ने विकास और भविष्य की योजनाओं का रखा खाका
झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के अंतिम दिन बुधवार (18 मार्च) को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सदन को संबोधित करते हुए राज्य के विकास, सामाजिक सुरक्षा और आने वाले वर्षों की योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की. उन्होंने कहा कि यह सत्र केवल बहस तक सीमित नहीं रहा, बल्कि झारखंड के उज्ज्वल भविष्य की दिशा तय करने वाला साबित हुआ. सत्र के अंत में विधानसभा को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया.
सीएम ने 6 वर्षों की गिनाईं उपलब्धियां
मुख्यमंत्री सोरेन ने अपने संबोधन में विपक्ष के आरोपों का जवाब देते हुए सरकार के छह वर्षों के कार्यकाल को ऐतिहासिक और प्रभावी बताया. उन्होंने कहा कि झारखंड अब केवल राष्ट्रीय स्तर पर ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी पहचान बना रहा है. हेमंत सोरेन ने बताया कि उनकी सरकार ने पिछले छह वर्षों में सामाजिक न्याय, लोकतंत्र और विकास को प्राथमिकता दी है. उन्होंने कहा कि 2019 में राज्य का बजट 86 हजार करोड़ रुपये था, जो अब बढ़कर लगभग 1.58 लाख करोड़ रुपये हो गया है. यह करीब 85 प्रतिशत की वृद्धि है, जो सरकार की बेहतर योजना और वित्तीय प्रबंधन को दर्शाती है.
महिला सशक्तिकरण, सामाजिक सुरक्षा और इंफ्रास्ट्रक्चर पर विशेष जोर
महिला सशक्तिकरण पर बात करते हुए मुख्यमंत्री सोरेन ने कहा कि राज्य की लाखों महिलाओं को हर महीने आर्थिक सहायता दी जा रही है. इसके अलावा युवाओं के लिए शिक्षा और रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए कई योजनाएं चलाई जा रही हैं. ‘स्कूल ऑफ एक्सीलेंस’ जैसी पहल से अब गरीब परिवारों के बच्चे भी बड़ी परीक्षाओं में सफल हो रहे हैं.
आज माननीय झारखंड विधानसभा में माननीय बिहार विधान परिषद की बाल संरक्षण एवं महिला सशक्तिकरण समिति के सदस्यों से शिष्टाचार भेंट हुई। pic.twitter.com/u9kGPVNIe9
— Hemant Soren (@HemantSorenJMM) March 18, 2026
सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में भी सरकार ने महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं. मुख्यमंत्री ने बताया कि पहले जहां 12-13 लाख लोगों को समय पर पेंशन नहीं मिलती थी, वहीं अब सर्वजन पेंशन योजना के तहत 36 लाख लोगों को लाभ मिल रहा है. ‘मंईयां सम्मान योजना’ के जरिए 50 लाख महिलाओं को जोड़ा गया है और अब तक 20 हजार करोड़ रुपये सीधे उनके खातों में भेजे जा चुके हैं.
षष्टम झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के आख़िरी दिन सदन में संबोधन.. https://t.co/6adKYp1d2S
— Hemant Soren (@HemantSorenJMM) March 18, 2026
प्रवासी श्रमिकों के लिए भी सरकार नई योजनाएं ला रही है. मुख्यमंत्री ने कहा कि खाड़ी देशों में काम कर रहे श्रमिकों की सुरक्षा के लिए ‘प्रवासी श्रमिक केंद्र’ खोले जाएंगे. यदि किसी श्रमिक की विदेश में मृत्यु हो जाती है, तो उसका पार्थिव शरीर सरकार अपने खर्च पर वापस लाएगी.
झारखंड विधानसभा परिसर में मीडिया के प्रतिनिधियों से बातचीत। pic.twitter.com/9Ollm1CHJa
— Hemant Soren (@HemantSorenJMM) March 18, 2026
अंत में मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार इंफ्रास्ट्रक्चर, निवेश, उद्योग और स्किल डेवलपमेंट पर तेजी से काम कर रही है. उनका लक्ष्य है कि अगले 25 वर्षों में झारखंड को एक विकसित राज्य बनाया जाए, जहां सभी वर्गों को समान अवसर और बेहतर जीवन मिले.
यह भी पढ़ें- Jharkhand Government: रांची में आवारा कुत्तों के लिए बनेगा ‘डॉग फीडिंग जोन’, निगम की नई पहल
घर ही नहीं सरकार भी चलाएंगी बेटियां, मुख्यमंत्री मान ने खोला सरकारी नौकरियों और आर्थिक मदद का पिटारा
पंजाब के गौरवशाली विकास के सफर में महिलाओं की अहम भूमिका का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज प्रशासन, अर्थव्यवस्था और समाज में महिलाओं के महत्व को विशेष रूप से रेखांकित किया. उन्होंने कहा कि वास्तविक महिला सशक्तिकरण शिक्षा, उचित प्रतिनिधित्व और आर्थिक अवसरों के माध्यम से ही संभव है. जमीनी स्तर पर अपने कौशल से सफल हुई महिला उद्यमियों को सम्मानित करने के लिए आज मोहाली में आयोजित समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने ‘आप’ सरकार की पहलों, नौकरियों में आरक्षण और वित्तीय सहायता सहित व्यापक आजीविका कार्यक्रमों की जानकारी दी और महिलाओं से निर्णय लेने वाले पदों तक पहुंचने और राज्य के भविष्य को संवारने की अपील की.
शिक्षा और राजनीति में सक्रिय भागीदारी की अपील
महिला उद्यमियों को सम्मानित करने के बाद सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “यह बेहद जरूरी है कि लड़कियां आगे आएं और शिक्षा के माध्यम से खुद को सशक्त बनाएं. यह देश के लिए लाभदायक है क्योंकि घर और परिवार को बेहतर तरीके से संभालने वाली महिलाएं देश की व्यवस्था को भी बेहतर ढंग से चला सकती हैं.” राजनीति में महिलाओं की भागीदारी को प्रोत्साहित करते हुए उन्होंने कहा कि लड़कियों को आगे आकर राजनीति में कदम रखना चाहिए ताकि वे निर्णय लेने में सक्रिय भागीदार बन सकें. आज लड़कियां लगभग हर क्षेत्र में लड़कों से आगे हैं, लेकिन राजनीति में अभी भी पीछे हैं. इस क्षेत्र को लंबे समय से पुरुषों का गढ़ माना जाता रहा है, लेकिन अब समय आ गया है कि महिलाएं यहां भी अपनी पहचान बनाएं.
प्रशासनिक पदों पर महिलाओं की रिकॉर्ड नियुक्तियां
राज्य के व्यापक दृष्टिकोण को उजागर करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह गर्व की बात है कि आज लड़कियां हर क्षेत्र में शानदार प्रदर्शन कर रही हैं. ‘आप’ सरकार ने कई महिलाओं को डिप्टी कमिश्नर और एसएसपी के पदों पर नियुक्त किया है, जो एक बड़ा बदलाव है. किसी भी सरकार की तुलना में वर्तमान सरकार द्वारा इन पदों पर सबसे अधिक महिलाओं को नियुक्त किया गया है. मुख्यमंत्री ने चीन का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां हर महिला किसी न किसी उत्पादन कार्य में लगी है. उन्होंने पंजाबी महिलाओं से माता गुजरी जी और माई भागो जैसी महान हस्तियों से प्रेरणा लेने को कहा.
स्वयं सहायता समूहों और स्टार्टअप को बड़ा समर्थन
मुख्यमंत्री ने बताया कि सिख सिद्धांतों में महिलाओं को हमेशा सम्मानजनक स्थान दिया गया है. आज पंजाब राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (पीएसआरएलएम) के तहत 23 जिलों की 100 सर्वश्रेष्ठ महिला उद्यमियों को सम्मानित किया जा रहा है, जिनमें से प्रत्येक को 25,000 रुपये और प्रमाणपत्र दिया गया. राज्य में कुल 58,303 स्वयं सहायता समूह बनाए गए हैं, जिनसे लगभग 5.89 लाख परिवार जुड़े हैं और इन्हें 147 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता दी गई है. इसके अलावा 'पहल स्टार्टअप प्रोजेक्ट' के तहत 2,000 से अधिक स्टार्टअप शुरू किए गए हैं, जिससे हजारों लोगों को रोजगार मिला है.
कल्याणकारी योजनाओं और वित्तीय सहायता का एलान
सशक्तिकरण को और मजबूती देने के लिए मुख्यमंत्री ने ‘मांवां-धियां सत्कार योजना’ का जिक्र किया. इसके तहत सामान्य वर्ग की महिलाओं को 1,000 रुपये और अनुसूचित जाति की महिलाओं को 1,500 रुपये प्रति माह दिए जाएंगे. यह योजना 13 अप्रैल से शुरू होगी और राज्य की 97 प्रतिशत महिलाओं को कवर करेगी. इसके अलावा ‘मेरी रसोई’ योजना के तहत 40 लाख परिवारों को मुफ्त राशन किट दी जाएगी. सीएम ने याद दिलाया कि सरकारी नौकरियों में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत और स्थानीय निकायों में 50 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित किया गया है.
आत्मनिर्भरता और सुरक्षित भविष्य की ओर पंजाब
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने अंत में कहा कि शिक्षा ही गरीबी के चक्र को तोड़ने का एकमात्र तरीका है. सरकार द्वारा महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा, आम आदमी क्लीनिक में मुफ्त इलाज और 90 प्रतिशत घरों को मुफ्त बिजली जैसी सुविधाएं दी जा रही हैं ताकि उनके आर्थिक बोझ को कम किया जा सके. इस अवसर पर ‘आप’ पंजाब प्रभारी मनीष सिसोदिया ने भी मुख्यमंत्री की इस पहल की सराहना की और कहा कि पहली बार सामान्य परिवारों की महिलाओं को इतने बड़े स्तर पर सम्मान मिल रहा है.
ये भी पढ़ें- भगवंत मान सरकार के 4 साल बेमिसाल, 'काम की राजनीति' से बदली पंजाब की तस्वीर, सभी गारंटियां पूरी करने का दावा
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
News Nation


















