पाकिस्तान में 500 से अधिक लड़कियों का जबरन कराया गया धर्म परिवर्तन: मानवाधिकार संगठन
इस्लामाबाद, 18 मार्च (आईएएनएस)। अल्पसंख्यकों के अधिकारों के लिए काम करने वाले एक प्रमुख संगठन ने 2021 से 2025 के बीच पूरे पाकिस्तान में अल्पसंख्यक समुदाय की लड़कियों के अपहरण और जबरन धर्म परिवर्तन के एक चिंताजनक चलन की ओर ध्यान दिलाया है, जिसके तहत इस दौरान 515 मामले दर्ज किए गए।
अलग-अलग आंकड़ों का हवाला देते हुए, वॉयस ऑफ पाकिस्तान माइनॉरिटी (वीओपीएम) ने बताया कि भले ही ये आंकड़े सिर्फ अंक लगें, लेकिन हर एक नंबर एक मानवीय त्रासदी को दिखाता है—एक डरी हुई लड़की, एक तबाह परिवार, और एक ऐसा समुदाय जो लगातार डर के साए में जी रहा है।
रिपोर्ट के मुताबिक, पीड़ितों में 69 प्रतिशत हिंदू लड़कियां हैं, उसके बाद 31 प्रतिशत ईसाई समुदाय से हैं, जबकि कुछ मामले सिख लड़कियों के भी हैं।
वीओपीएम ने कहा, ये आंकड़े उन अल्पसंख्यक समुदायों की कमजोरी को दिखाते हैं जो पहले से ही समाज के हाशिए पर जी रहे हैं। जब किसी समुदाय के पास सामाजिक रसूख और संस्थागत सुरक्षा नहीं होती, तो उसके सबसे कमजोर सदस्यों -- खासकर युवतियों -- को अक्सर सबसे ज्यादा खतरों का सामना करना पड़ता है।
पीड़ितों की उम्र को लेकर चिंता जताते हुए, इस मानवाधिकार संस्था ने बताया कि 52 प्रतिशत पीड़ित 14 से 18 साल के बीच के हैं, जबकि 20 प्रतिशत 14 साल से कम उम्र के हैं।
संस्था ने कहा कि ऐसे मामलों के बाद अक्सर इंसाफ के लिए एक दर्दनाक संघर्ष शुरू होता है, जिसमें बेबस माता-पिता से कहा जाता है कि उनकी बेटी ने धर्म बदल लिया है या अपनी मर्जी से शादी कर ली है—जिससे यह गंभीर सवाल उठता है कि जब पीड़ित नाबालिग हों, तो उनकी मर्जी का मतलब क्या है?
मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने ऐसे मामलों पर बार-बार चिंता जताई है।
वीओपीएम ने उन रिपोर्टों का हवाला दिया जिनमें कहा गया है कि कई पीड़ितों को जबरदस्ती या बहला-फुसलाकर धर्म बदलने और शादी करने के लिए मजबूर किया जाता है; अक्सर ऐसी स्थितियों में जब अल्पसंख्यक परिवारों के पास कानूनी मदद लेने के लिए न तो संसाधन होते हैं और न ही कोई रसूख।
संस्था ने कहा कि कुछ मामलों में, पाकिस्तानी अदालतों ने भी ऐसी शादियों और धर्म बदलने को सही ठहराया है, जिससे परिवार तबाह और बेबस हो जाते हैं।
संस्था के मुताबिक, पाकिस्तान में काम करने वाली एक मानवाधिकार संस्था, सेंटर फॉर सोशल जस्टिस (सीएसजे), इस मुद्दे की गंभीरता को बताती है; इसने अल्पसंख्यक लड़कियों के अपहरण और जबरदस्ती धर्म बदलने के सैकड़ों मामलों को दर्ज किया है, जिनमें से कई लड़कियां नाबालिग थीं।
वीओपीएम ने कहा, ये आंकड़े बताते हैं कि इसे लेकर कानून को और सख्त करने की जरूरत है, साथ ही विभिन्न जिम्मेदार संस्थाओं की जवाबदेही भी तय होनी चाहिए। इस मुद्दे पर चुप्पी सबसे ज्यादा परेशान करती है। कोई मामला मीडिया या सोशल नेटवर्क पर कुछ समय के लिए तो हंगामा खड़ा कर सकता है, लेकिन जल्द ही ठंडा भी पड़ जाता है। उसकी जगह कोई दूसरी कहानी ले लेती है, और पिछले पीड़ित चुपचाप लोगों की बातचीत से गायब हो जाते हैं। इस बीच, यह सिलसिला चलता रहता है।
इसमें आगे कहा गया, यह चुप्पी अल्पसंख्यकों को अलग-थलग कर देती है। इसमें एक दर्दनाक संदेश छिपा है (चाहे जान-बूझकर हो या अनजाने में) वो ये कि उनकी पीड़ा को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा या उनके साथ कोई सहानुभूति नहीं दिखा रहा।
यह जोर देते हुए कि पूरे पाकिस्तान में अल्पसंख्यक लड़कियों के अपहरण और जबरन धर्म-परिवर्तन के मामलों में सिर्फ सहानुभूति या कभी-कभार खड़े किए जा रहे सवाल से कहीं ज्यादा की जरूरत है, वीओपीएम ने कहा, इसके लिए नाबालिगों को मजबूत कानूनी सुरक्षा, पारदर्शी जांच, दोषियों की जवाबदेही और कमजोर समुदायों के लिए सार्थक सुरक्षा उपायों की जरूरत है। सबसे बढ़कर, इसके लिए समाज को पीड़ितों और उनके परिवारों की आवाज सुनने की जरूरत है—ऐसी आवाजें जो अक्सर अनसुनी रह जाती हैं।
--आईएएनएस
केआर/
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
लगातार तीसरे दिन तेजी के साथ हरे निशान में बंद हुआ शेयर बाजार, सेंसेक्स 633 अंक उछला
मुंबई, 18 मार्च (आईएएनएस)। हफ्ते के तीसरे कारोबारी दिन बुधवार को भारतीय शेयर बाजार लगातार तीसरे सत्र में तेजी के साथ हरे निशान में बंद हुआ। आईटी और रियल्टी शेयरों के समर्थन से घरेलू बाजार के प्रमुख बेंचमार्क दिन के उच्चतम स्तर के करीब बंद हुए।
इस दौरान, 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 0.83 प्रतिशत या 633.29 अंक बढ़कर 76,704.13 पर बंद हुआ। वहीं एनएसई निफ्टी50 0.83 प्रतिशत या 196.65 अंक बढ़कर 23,777.80 पर बंद हुआ।
दिन के कारोबार में सेंसेक्स ने जहां Open :76,367.55 पर खुलकर 77,000.22 के उच्चतम स्तर को छुआ, वहीं निफ्टी ने 23,632.90 पर खुलकर 23,862.25 का उच्चतम स्तर छुआ।
बुधवार के सत्र में भी समग्र बाजार में तेजी देखने को मिली। व्यापक बाजारों ने बेंचमार्क सूचकांकों से बेहतर प्रदर्शन किया और निफ्टी मिडकैप में 2.02 प्रतिशत और निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स में 1.67 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई।
सेक्टरवार देखें तो निफ्टी मीडिया (3.35 प्रतिशत की उछाल), निफ्टी आईटी (2.78 प्रतिशत की तेजी) और निफ्टी रियल्टी (2.75 प्रतिशत की तेजी) सबसे अधिक लाभ कमाने वाले इंडेक्स रहे। इसके अलावा, निफ्टी ऑटो में 1.92 प्रतिशत, निफ्टी बैंक में 0.82 प्रतिशत और निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज में 0.79 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई। जबकि निफ्टी एफएमसीजी में मामूली गिरावट दर्ज की गई।
निफ्टी50 इटरनल, टेक महिंद्रा, एचसीएल टेक, इंफोसिस, अदाणी पोर्ट्स, महिंद्रा एंड महिंद्रा, टीसीएस, एक्सिस बैंक, इंडिगो, एलएंडटी, बजाज फाइनेंस और अदाणी इंटरप्राइजेज के शेयरों में सबसे ज्यादा तेजी देखने को मिली। जबकि, सिप्ला, एचयूएल, कोल इंडिया, एनटीपीस, सनफार्मा, टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स, अपोलो हॉस्पिटल्स और हिंडाल्को के शेयर सबसे ज्यादा नुकसान झेलने वाले शेयरों में शामिल रहे।
सेंसेक्स में आई इस तेजी से बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों के कुल बाजार पूंजीकरण (मार्केट कैप) में लगभग 5 लाख करोड़ रुपए की वृद्धि हुई, जिससे यह पहले के 433 लाख करोड़ रुपए से बढ़कर 438 लाख करोड़ रुपए से अधिक हो गया।
--आईएएनएस
डीबीपी
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