नीतीश कुमार ने लगा दी बिहार के नए सीएम पर मुहर? जमुई में दिया बड़ा संकेत
बिहार की राजनीति में हलचल तेज हो गई है. नीतीश कुमार ने अपनी ‘समृद्धि यात्रा’ के दौरान जमुई में ऐसा संकेत दिया, जिसने सत्ता परिवर्तन की चर्चाओं को और हवा दे दी है. दरअसल जब से नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की चर्चाएं तेज हुईं तब से ही कयास लगाए जाने लगे कि आखिर उनके बाद बिहार का मुख्यमंत्री कौन होगा? अब उन्होंने राज्यसभा का चुनाव जीत भी लिया है. हालांकि इससे पहले ही नीतीश कुमार लगातार बिहार के दौरे पर हैं. समृद्धि यात्रा के जरिए वह लोगों के बीच जा रहे हैं. इसी कड़ी में एक मंच से उन्होंने नए मुख्यमंत्री की ओर इशारा भी कर दिया है. आइए जानते हैं कि आखिर नीतीश ने किस नेता के नाम का इशारा कर दिया है.
जमुई में आयोजित एक सभा के दौरान मंच पर मौजूद नीतीश कुमार और अन्य नेताओं के बीच नीतीश कुमार ने बीजेपी के कद्दावर नेता और उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की ओर इशारा किया. उन्होंने साफ कहा कि अब आगे इन्हें की काम करना है तो इन्हें आशीर्वाद दीजिए.
मंच से मिला इशारा
जमुई में आयोजित कार्यक्रम के दौरान नीतीश कुमार ने सार्वजनिक रूप से सम्राट चौधरी के कंधे पर हाथ रखा और लोगों से उनका समर्थन जताने को कहा. उन्होंने कहा, “अब सब काम यह (सम्राट) करेंगे.” यह बयान साधारण नहीं माना जा रहा, क्योंकि यह ऐसे समय में आया है जब नीतीश कुमार खुद राज्यसभा के लिए निर्वाचित हो चुके हैं और जल्द ही मुख्यमंत्री पद छोड़ने की संभावना जताई जा रही है.
राज्यसभा के बाद बदलेंगे समीकरण?
नीतीश कुमार का राज्यसभा जाना लगभग तय है और उनका कार्यकाल 10 अप्रैल के बाद शुरू होगा. ऐसे में बिहार की राजनीति में नेतृत्व परिवर्तन की चर्चा तेज हो गई है.
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर नीतीश कुमार मुख्यमंत्री पद छोड़ते हैं, तो नई सरकार के गठन के साथ एक नया चेहरा सामने आ सकता है. इस संदर्भ में सम्राट चौधरी का नाम सबसे आगे दिखाई दे रहा है.
बीजेपी का बढ़ता प्रभाव
बिहार में मौजूदा राजनीतिक स्थिति को देखते हुए यह संभावना भी जताई जा रही है कि अगला मुख्यमंत्री भारतीय जनता पार्टी से हो सकता है. ऐसे में सम्राट चौधरी जो बीजेपी के प्रमुख चेहरों में से एक हैं, एक मजबूत दावेदार के रूप में उभर रहे हैं. नीतीश कुमार का सार्वजनिक समर्थन इस संभावना को और मजबूत करता है.
पहले भी मिल चुके संकेत
यह पहला मौका नहीं है जब नीतीश कुमार ने सम्राट चौधरी को लेकर सकारात्मक संकेत दिए हों. कुछ दिन पहले कटिहार में भी उन्होंने कार्यक्रम के दौरान सम्राट चौधरी की पीठ थपथपाई थी. ऐसे इशारे अब लगातार सामने आ रहे हैं, जिससे यह साफ होता है कि यह कोई आकस्मिक बयान नहीं, बल्कि एक सोची-समझी राजनीतिक रणनीति हो सकती है.
विकास परियोजनाओं पर भी फोकस
जमुई दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने जमुई में कुंडघाट जलाशय परियोजना का उद्घाटन किया और विभिन्न विकास कार्यों का निरीक्षण भी किया. ‘समृद्धि यात्रा’ का उद्देश्य राज्य में चल रही योजनाओं की समीक्षा करना और जनता से सीधा संवाद स्थापित करना है. इस यात्रा के तहत नीतीश लगातार अलग-अलग जिलों का दौरा कर रहे हैं.
बहरहाल यह स्पष्ट है कि बिहार की राजनीति एक बड़े बदलाव के मुहाने पर खड़ी है और आने वाले दिनों में तस्वीर पूरी तरह साफ हो सकती है.
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पेट से जुड़े रोगों के लिए खा रहे हैं अजवाइन, सेवन की यह गलती बिगाड़ सकती है पाचन
नई दिल्ली, 18 मार्च (आईएएनएस)। गलत खान-पान और शारीरिक गतिविधि के कम होने के कारण आज के समय में पेट से जुड़े विकार सबसे ज्यादा परेशान करते हैं।
भूख का कम लगना या खाने के बाद पेट फूलना जैसी परेशानियां होने लगती हैं। पहले तो इन परेशानियों को छोटा समझकर नजर नजरअंदाज कर दिया जाता है, लेकिन यहीं छोटी-छोटी दिक्कतें सेहत को बुरी तरीके से प्रभावित करती हैं। कई लोग रोग पाचन से जुड़ी परेशानियों से बचने के लिए रोजाना अजवाइन खाते हैं, लेकिन यह नहीं जानते हैं कि कैसे और कितनी मात्रा में अजवाइन खाना लाभकारी होता है।
अजवाइन में थाइमोल नाम का यौगिक पाया जाता है, जो पाचन से जुड़ी परेशानियों में राहत देता है और इसकी गर्म तासीर सर्दी और खांसी से भी बचाती हैं। हालांकि अजवाइन का सेवन करने से पहले उसके सेवन का तरीका भी जान लेना जरूरी है। कुछ लोग अजवाइन को कच्चा ही खा लेते हैं और किसी भी समय खाली पेट या फिर रात के समय इसका सेवन बेधड़क करते हैं लेकिन यह तरीका बिल्कुल गलत है।
अजवाइन को खाने से पहले हल्का भून लेना चाहिए। अजवाइन को इतना भूनना चाहिए कि उसके रंग में किसी तरह का परिवर्तन न हो लेकिन उसमें से हल्की-हल्की सुगंध आने लगे। ऐसे में आधे से कम चम्मच का सेवन करना चाहिए और सेवन भी हमेशा गुनगुने पानी के साथ करना करना चाहिए।
गुनगुने पानी के साथ सेवन से अजवाइन के गुण बढ़ जाते हैं और पाचन तेजी से ठीक होता है। इससे पेट की जठराग्नि तेज होती है और भूख भी समय पर लगती है।
अब सवाल है कि किस समय अजवाइन का सेवन करना लाभकारी है। कुछ लोग सुबह के वक्त खाली पेट अजवाइन का पानी या सूखी अजवाइन का सेवन करते हैं, लेकिन यह तरीका बिल्कुल गलत है। अजवाइन को हमेशा भोजन के बाद ही लेना चाहिए। खाना खाने के बाद तकरीबन आधे घंटे बाद गुनगुने पानी से इसका सेवन किया जा सकता है।
ध्यान रखने वाली बात यह भी है कि अजवाइन का सेवन तब ही करें जब पाचन में परेशानी हो, बिना परेशानी के उसे अपने दिनचर्या का हिस्सा न बनाएं। गर्म तासीर होने की वजह से यह पेट में जलन कर सकती है। इसलिए जब गैस और पेट फूलने की परेशानी हो, तभी इसका सेवन करें।
--आईएएनएस
पीएस/एएस
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