Perfect Tea Tips : पहले या पानी उबलने के बाद डालें दूध? चाय बनाने का जानें सही तरीका, पड़ोसियों तक जाएगी खुशबू
Perfect chai banane ka tarika: आजकल भारत में चाय सिर्फ एक ड्रिंक नहीं बल्कि लोगों की रोजमर्रा की लाइफ का सबसे अहम हिस्सा बन चुकी है. खासकर दूध वाली चाय तो ऐसे लोगों के लिए सुबह की एनर्जी का डोज है जिनका दिन बिना चाय शुरू ही नहीं होता. सुबह उठते ही अगर चाय का कप हाथ में न हो तो कई लोगों का मूड खराब हो जाता है और सिर दर्द शुरू हो जाता है. पूरे दिन चिड़चिड़ापन बना रहता है. यही वजह है कि चाय बनाने का तरीका हर किसी को पता होना चाहिए. चाय पीने वालों का बड़ा सवाल यही है कि दूध पहले डालना चाहिए या पानी उबालने के बाद? बहुत से लोग कंफ्यूज रहते हैं और ज्यादातर लोग सही तरीका नहीं जानते. अगर तरीका सही हो तो आपकी चाय का फ्लेवर इतना शानदार होगा कि पड़ोसियों तक उसकी खुशबू पहुंच जाएगी और सब पूछेंगे कि चाय कहां से बनवाई.
Rajasthan Culture: थाली में घी की धार ही क्यों कहलाती है असली मनवार? जानें सदियों पुरानी परंपरा की दिलचस्प कहानी
Rajasthani Tradition Desi Ghee ki Manwar: राजस्थान में अतिथि सत्कार की सबसे खास पहचान 'घी की मनवार' है. यहां किसी भी मेहमान को दाल-बाटी, चूरमा, खिचड़ा या बाजरे की रोटी पर भरपूर देसी घी डालकर परोसना सम्मान की परंपरा मानी जाती है. ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी मेजबान तब तक घी परोसते रहते हैं, जब तक मेहमान स्वयं मना न कर दे. लोक कहावत 'घी री धार, मेहमान रो सत्कार' इसी परंपरा को दर्शाती है. बुजुर्गों का मानना है कि शुष्क जलवायु और कठिन जीवनशैली के कारण घी ताकत का महत्वपूर्ण स्रोत था, जो बाद में संस्कृति का हिस्सा बन गया. आज स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ी है, लेकिन राजस्थान की पारंपरिक मनवार आज भी देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करती है.
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