गोल्डन शॉवर ट्री, जिसके फूलों में छिपा है प्राकृतिक हीलिंग का जादू, जानिए फायदे
नई दिल्ली, 18 मार्च (आईएएनएस)। स्वर्ण आभा बिखेरता गोल्डन शावर ट्री (कैसिया फिस्टुला) न केवल अपनी लटकते सुनहरे पुष्पों के लिए प्रसिद्ध है, बल्कि अपनी औषधीय संपदा के लिए भी पहचाना जाता है। यह मात्र एक सौंदर्यवर्धक वृक्ष नहीं, अपितु आयुर्वेद का एक अनमोल खजाना है। इसके मनभावन पीले फूल न केवल आंखों को भाते हैं, बल्कि तन और मन दोनों के स्वास्थ्य के लिए भी अत्यंत लाभकारी सिद्ध होते हैं।
इसे गोल्डन शॉवर इसलिए कहा जाता है क्योंकि जब यह पूरी तरह खिलता है, तो इसकी पीली पुष्प-लड़ियां सुनहरी वर्षा का आभास कराती हैं। यह वृक्ष देखने में जितना खूबसूरत है, उतना ही स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद भी है। इसका इस्तेमाल आयुर्वेद और घरेलू इलाज में लंबे समय से किया जा रहा है।
इसके फूल और पत्ते कई फाइटोकेमिकल्स से भरपूर होते हैं। इनमें कैम्फेरोल, राइन, फाइटोल, फिस्टुलिन, ल्यूकोपेलार्गोनिडिन टेट्रामर और कई तरह के एंटीऑक्सीडेंट शामिल हैं। यही कारण है कि इसके फूलों का इस्तेमाल बुखार घटाने, सूजन कम करने और शरीर के इम्यून सिस्टम को मजबूत करने के लिए किया जाता है।
अगर त्वचा की देखभाल की बात करें तो इसके फूलों का लेप या इसका अर्क त्वचा को साफ रखने और दाग-धब्बों को कम करने में मदद करता है। इसके एंटीऑक्सीडेंट तत्व उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को भी धीमा करते हैं और त्वचा को जवान बनाए रखने में मदद करते हैं।
गोल्डन शॉवर ट्री के फूलों में मौजूद कैम्फेरोल और राइन जैसे घटक शरीर के अंदर जमा हानिकारक फ्री रेडिकल्स को नष्ट करने में मदद करते हैं। यह न सिर्फ रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है, बल्कि कई बीमारियों से लड़ने में भी सहायक है। इसके अलावा, इसके फूलों और छाल का इस्तेमाल कब्ज, पाचन संबंधी समस्याओं और लीवर की सफाई के लिए भी किया जाता है।
गोल्डन शॉवर ट्री के औषधीय गुणों का लाभ लेने के लिए इसे सीधे खाने की बजाय इसके अर्क, चूर्ण या लेप के रूप में इस्तेमाल करना बेहतर होता है। इसका अर्क अक्सर बुखार, त्वचा की सूजन या दाग-धब्बों के इलाज में लगाया जाता है। कुछ लोग इसे हर्बल चाय में मिलाकर भी पीते हैं, जिससे शरीर की ऊर्जा बढ़ती है और इम्यूनिटी मजबूत होती है।
औषधीय गुणों से भरपूर होने के बाद भी इसका सेवन बिना किसी योग्य आयुर्वेदाचार्य से सलाह के नहीं करना चाहिए, वरना फायदे की जगह नुकसान भी हो सकता है।
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डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने जारी किए निर्देश, अब 60 प्रतिशत सीटें होंगी मुफ्त
नई दिल्ली, 18 मार्च (आईएएनएस)। केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने बुधवार को एयर ट्रैवल को और आसान बनाने के लिए कुछ नए निर्देश जारी किए हैं। मंत्रालय ने कहा कि किसी भी फ्लाइट में कम से कम 60 फीसदी सीटें मुफ्त में उपलब्ध करानी होंगी, ताकि सभी यात्रियों को बराबरी का मौका मिले। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि एयरलाइन यात्रियों के लिए पारदर्शी और सुविधाजनक हो।
डीजीसीए के माध्यम से जारी नए दिशा-निर्देशों में यह भी कहा गया है कि एक ही पीएनआर पर यात्रा करने वाले यात्रियों को साथ में बैठाया जाए। कोशिश की जाएगी कि वे पास-पास की सीटों पर बैठ सकें। इससे परिवार या ग्रुप में सफर करने वाले लोगों को काफी सुविधा मिलेगी।
मंत्रालय ने कहा कि स्पोर्ट्स इक्विपमेंट और म्यूजिकल इंस्ट्रूमेंट जैसी चीजों को भी पारदर्शी और आसान तरीके से फ्लाइट में ले जाने की सुविधा दी जाएगी, बशर्ते सुरक्षा और ऑपरेशनल नियमों का पालन हो। इसी तरह, एयरलाइंस को पालतू जानवरों को ले जाने के लिए स्पष्ट और पारदर्शी नीति बनानी होगी।
इसके अलावा, मंत्रालय ने यात्रियों के अधिकारों पर भी जोर दिया है। इसमें लेट होने, कैंसलेशन या डिनाइड बोर्डिंग जैसी स्थिति में यात्रियों के अधिकारों का पालन करना अनिवार्य होगा।
एयरलाइंस को अपनी वेबसाइट, मोबाइल ऐप, बुकिंग प्लेटफॉर्म और एयरपोर्ट काउंटर पर यात्रियों के अधिकार स्पष्ट रूप से दिखाने होंगे। यात्रियों को उनके हक की जानकारी स्थानीय भाषाओं में भी दी जानी चाहिए ताकि ज्यादा लोग आसानी से समझ सकें।
भारत घरेलू उड़ान के मामले में दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा मार्केट बन गया है। यूडीएएन योजना के तहत एयर ट्रैवल अब अधिक सुलभ हो गया है। देश के एयरपोर्ट्स हर दिन पांच लाख से ज्यादा यात्रियों को संभालते हैं, जो इस सेक्टर की तेजी से बढ़ती लोकप्रियता को दिखाता है।
मंत्रालय ने बताया कि यात्रियों की सुविधा हमेशा सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी सोच के तहत यूडीएएन यात्री कैफे, फ्लाइब्ररी में मुफ्त किताबें और एयरपोर्ट पर फ्री वाईफाई जैसी सुविधाएं शुरू की गई हैं।
मंत्रालय ने बताया कि वह यात्रियों के अनुभव को बेहतर बनाने, पारदर्शिता बढ़ाने, शिकायतों को कम करने और सुरक्षा मानकों को बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है।
--आईएएनएस
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