JPSC Chairman Vacancy: JPSC अध्यक्ष नहीं रहने पर हाईकोर्ट सख्त, सरकार से पूछा- 'बताएं कब तक होगी नियुक्ति?'
झारखंड हाईकोर्ट ने JPSC अध्यक्ष का पद लंबे समय से रिक्त रहने पर राज्य सरकार को फटकार लगाई है. अदालत ने स्पष्ट किया कि यह एक संवैधानिक पद है और इसे खाली नहीं रखा जा सकता. मामले की अगली सुनवाई 20 अगस्त को होगी.
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Shravan Krishna Chaturdashi 2026: श्रावण कृष्ण चतुर्दशी कब है? जानें तिथि, पूजा का शुभ मुहूर्त
श्रावण मास भगवान शिव की आराधना के लिए सबसे पवित्र महीनों में माना जाता है। इस माह की कृष्ण पक्ष चतुर्दशी का विशेष धार्मिक महत्व है। मान्यता है कि इस दिन श्रद्धा और विधि-विधान से भगवान शिव की पूजा, जलाभिषेक और रुद्राभिषेक करने से जीवन की बाधाएं दूर होती हैं तथा सुख-समृद्धि का आशीर्वाद प्राप्त होता है। आइए जानते हैं श्रावण कृष्ण चतुर्दशी की तिथि, पूजा का शुभ समय, महत्व और पूजा विधि।
श्रावण कृष्ण चतुर्दशी का धार्मिक महत्व
सनातन धर्म में श्रावण मास की प्रत्येक तिथि विशेष मानी जाती है, लेकिन कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी भगवान शिव को समर्पित मानी जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन शिवलिंग का जलाभिषेक, पंचामृत अभिषेक और महामृत्युंजय मंत्र का जाप अत्यंत शुभ माना जाता है। भक्त इस दिन व्रत रखकर शिव परिवार की पूजा करते हैं और परिवार की सुख-समृद्धि तथा आरोग्य की कामना करते हैं।
पूजा कैसे करें?
सुबह ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें। इसके बाद शिवलिंग पर गंगाजल, शुद्ध जल, दूध, दही, शहद, घी और शक्कर से अभिषेक करें। भगवान शिव को बेलपत्र, धतूरा, आक के फूल, सफेद चंदन और भस्म अर्पित करें। पूजा के दौरान 'ॐ नमः शिवाय' और महामृत्युंजय मंत्र का श्रद्धापूर्वक जाप करें। अंत में शिव आरती कर प्रसाद वितरित करें।
इस दिन क्या करें?
- भगवान शिव का रुद्राभिषेक करें।
- जरूरतमंद लोगों को अन्न, वस्त्र या दक्षिणा का दान दें।
- शिव चालीसा और शिव पुराण का पाठ करें।
- पूरे दिन सात्विक भोजन और संयम का पालन करें।
- किन बातों का रखें ध्यान?
- तामसिक भोजन, शराब और मांसाहार से दूर रहें।
- किसी का अपमान या कटु वचन न बोलें।
- क्रोध और विवाद से बचें।
- पूजा में टूटा हुआ बेलपत्र या बासी फूल अर्पित न करें।
क्या मिलता है इस व्रत का फल?
धार्मिक मान्यता है कि श्रावण कृष्ण चतुर्दशी पर श्रद्धापूर्वक भगवान शिव की पूजा करने से मानसिक शांति, रोगों से राहत, परिवार में सुख-समृद्धि और कार्यों में सफलता का आशीर्वाद मिलता है। शिव कृपा से जीवन की कई बाधाएं दूर होने की भी मान्यता है।
नोट: तिथि और पूजा का शुभ मुहूर्त आपके शहर के पंचांग के अनुसार थोड़ा अलग हो सकता है। पूजा से पहले स्थानीय पंचांग या योग्य ज्योतिषाचार्य से समय की पुष्टि कर लें।
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