Strait of Hormuz Crisis | होर्मुज जलडमरूमध्य संकट! फ्रांस की शांतिपूर्ण सुरक्षा पहल और सैन्य संघर्ष से दूरी
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने अंतरराष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा को लेकर देश का रुख स्पष्ट कर दिया है। मंगलवार को दिए एक महत्वपूर्ण बयान में मैक्रों ने कहा कि फ्रांस होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को सुरक्षित करने में मदद करने के लिए पूरी तरह तैयार है, लेकिन उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि यह मिशन मौजूदा युद्ध या सैन्य अभियानों का हिस्सा नहीं होगा।
उन्होंने कहा, ‘‘हम इस संघर्ष में शामिल नहीं हैं, इसलिए फ्रांस होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने या मुक्त कराने के अभियानों में कभी भाग नहीं लेगा।’’ राष्ट्रपति भवन में सुरक्षा बैठक से पहले उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि किसी भी मिशन के लिए ‘‘ईरान के साथ चर्चा और तनाव कम करना’’ आवश्यक होगा और यह ‘‘जारी सैन्य अभियानों तथा बमबारी से पूरी तरह से अलग’’ होना चाहिए।
फ्रांस की रणनीति के मुख्य बिंदु
राष्ट्रपति भवन में एक उच्च स्तरीय सुरक्षा बैठक से पहले मैक्रों ने रेखांकित किया कि फ्रांस का मिशन किन सिद्धांतों पर आधारित होगा:
कूटनीति को प्राथमिकता: किसी भी सुरक्षा मिशन के लिए ईरान के साथ सीधी चर्चा और तनाव को कम करना (De-escalation) अनिवार्य शर्त होगी।
सैन्य अभियानों से दूरी: फ्रांस ने स्पष्ट किया कि उनकी भागीदारी वर्तमान में जारी बमबारी या आक्रामक सैन्य गतिविधियों से पूरी तरह स्वतंत्र और अलग होनी चाहिए।
स्वतंत्र पहचान: फ्रांस की मंशा एक 'संतुलनकारी शक्ति' के रूप में कार्य करने की है, न कि किसी युद्धरत गठबंधन के हिस्से के रूप में।
होर्मुज जलडमरूमध्य का महत्व
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण 'चोक पॉइंट्स' में से एक है। वैश्विक तेल आपूर्ति का लगभग पांचवां हिस्सा इसी संकरे मार्ग से गुजरता है। इस क्षेत्र में किसी भी प्रकार की अस्थिरता वैश्विक अर्थव्यवस्था और ईंधन की कीमतों पर सीधा असर डालती है।
मैक्रों का यह कदम दर्शाता है कि फ्रांस वैश्विक व्यापार मार्गों की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है, लेकिन वह पश्चिम एशिया के "अंतहीन युद्धों" में फंसने से बचना चाहता है। फ्रांस की योजना सैन्य शक्ति के बजाय संवाद और रक्षात्मक गश्त के जरिए समुद्री यातायात को सुरक्षित रखने की है।
सबसे बड़ा IPL,84 मुकाबले 13 वेन्यू:बेंगलुरु में 28 को डिफेंडिंग चैम्पियन रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और सनराइजर्स हैदराबाद के मैच से आगाज
ठीक 10 दिन बाद, यानी 28 मार्च की शाम जब बेंगलुरु के एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में टॉस के लिए सिक्का उछलेगा, तो भारत में सिर्फ एक टूर्नामेंट नहीं, बल्कि एक ‘त्योहार’ की शुरुआत होगी। IPL का 19वां सीजन अपने अब तक के सबसे भव्य और लंबे अवतार में हमारे सामने आ रहा है। यह सीजन पिछले 18 सालों के इतिहास से अलग है। इस बार 10 टीमों के बीच कुल 84 मुकाबले खेले जाएंगे, जो इसे अब तक का सबसे बड़ा सीजन बनाएंगे। पहले अधिकतम 74 मैच होते थे। 10 टीमों के बीच देशभर के 13 अलग-अलग वेन्यू पर 64 दिन चौके-छक्के का रोमांच नजर आएगा। नए सीजन के लिए सभी 10 टीमों ने तैयारियां तेज कर दी हैं और प्री-सीजन ट्रेनिंग कैंप के जरिए खिलाड़ी मैच मोड में आने की कोशिश कर रहे हैं। वर्ल्ड कप खत्म होने के ठीक 20 दिन बाद आईपीएल शुरू हो रहा है। ऐसे में बीसीसीआई और आईपीएल फ्रेंचाइजी मिलकर कई प्रमुख खिलाड़ियों के वर्कलोड पर नजर भी रख रही हैं। लखनऊ के पेसर्स ने अफ्रीका में ट्रेनिंग की; अबु धाबी में था पंजाब का कैंप चेन्नई के कप्तान ऋतुराज, धाेनी समेत कई खिलाड़ी 1 मार्च से नवेलूर स्थित हाई परफॉर्मेंस सेंटर में अभ्यास शुरू कर चुके हैं। वहीं, आरसीबी ने 10 फरवरी से कैंप शुरू किया, जिसमें जितेश, वेंकटेश और सुयश शर्मा जैसे खिलाड़ी शामिल रहे। गुजरात के 16 फरवरी से नाथद्वारा में आयोजित कैंप में कप्तान शुभमन और साई सुदर्शन शामिल थे। टीम जनवरी में भी कैंप कर चुकी है। पंजाब किंग्स ने 8-14 फरवरी तक अबु धाबी में कैंप किया। टीम का दूसरा कैंप भी शुरू हो चुका है। लखनऊ ने अपने तेज गेंदबाजों को डरबन भेजा था। अब मुख्य कैंप लखनऊ में शुरू हो चुका है। सनराइजर्स हैदराबाद, मुंबई, राजस्थान, केकेआर, दिल्ली का भी कैंप शुरू हो चुका है। ‘बिग-3’ का मिशन: अंतिम बार एक साथ खेलते नजर आ सकते हैं धोनी, रोहित, कोहली आईपीएल के 19 साल के सफर में तीन चेहरे ऐसे हैं, जिन्होंने इस लीग को ‘कल्ट’ बनाया। ये हैं एमएस धोनी, रोहित शर्मा और विराट कोहली। यह आखिरी सीजन हो सकता है, जब तीनों एक साथ खेलते नजर आएं। धोनी का ‘इम्पैक्ट’ रोल चेन्नई के ‘थाला’ ने एमए चिदंबरम स्टेडियम में कुछ हफ्ते पहले अभ्यास शुरू कर दिया है। चर्चा है कि 44 साल की उम्र में यह धोनी का विदाई सीजन हो सकता है। लेकिन, उनकी फिटनेस और लंबे छक्कों को देखकर लगता है कि वे अब भी किसी युवा खिलाड़ी को मात दे सकते हैं। फ्रेंचाइजी के सूत्रों के अनुसार, इस बार वे शायद ‘इम्पैक्ट प्लेयर’ के तौर पर ज्यादा नजर आएं। रोहित की दमदार प्रैक्टिस मुंबई इंडियंस के रोहित शर्मा कैंप से जुड़ गए हैं और प्रैक्टिस के दौरान नेट्स पर उनका आक्रामक अंदाज नजर आ रहा है। उन्होंने खास पुल शॉट और बड़े शॉट की प्रैक्टिस की। सूत्रों के अनुसार, उन्होंने लीग से पहले 11 किलो वजन कम किया है। एक्सपर्ट्स में इस बात पर बहस है कि क्या उन्हें ‘इम्पैक्ट प्लेयर’ के बजाय फुल-टाइम बैटर के तौर पर खेलना चाहिए। कोहली पर विजेता का दबाव RCB ने 2025 में अपना पहला खिताब जीतकर ‘किस्मत’ बदल ली है। अब वे अंडरडॉग नहीं है बल्कि हर टीम उन्हें हराना चाहती है। इसके अलावा विराट कोहली के सामने पहली बार खिताब को बचाने की चुनौती है। भारत आने से पहले ही नए सीजन के लिए उन्होंने ट्रेनिंग शुरू कर दी थी। कोहली भारत आ चुके हैं और जल्द ही वे कैंप से जुड़ सकते हैं। 3 टीमों के डबल वेन्यू: रॉयल्स गुवाहाटी, किंग्स धर्मशाला और चैलेंजर्स रायपुर में भी खेलेंगे इस बार आईपीएल 10 शहरों तक सीमित नहीं है। बोर्ड ने इस बार 13 शहरों को मेजबानी सौंपी है। नॉर्थ-ईस्ट में क्रिकेट का क्रेज भुनाने के लिए राजस्थान अपने कुछ मैच जयपुर के अलावा गुवाहाटी में खेलेगी। असम के रियान पराग की कप्तानी ने इस बार वहां के प्रशंसकों में नया जोश भर दिया है। वहीं, पंजाब किंग्स के मुकाबले न्यू चंडीगढ़ के अलावा धर्मशाला में भी होंगे। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर को ‘सेकेंड होम’ के रूप में चुना है। केकेआर के हर्षित हो सकते हैं बाहर; आरसीबी-हैदराबाद को भी झटका केकेआर के तेज गेंदबाज हर्षित राणा घुटने की सर्जरी के कारण पूरे या ज्यादातर सीजन से बाहर हो सकते हैं। हर्षित को यह चोट टी20 वर्ल्ड कप से पहले द. अफ्रीका के खिलाफ एक वॉर्म-अप मैच के दौरान लगी थी। इसके बाद फरवरी में उनकी सर्जरी हुई और वे रिहैब से गुजर रहे हैं। इसके अलावा, आरसीबी के जोश हेजलवुड और हैदराबाद के पैट कमिंस के भी शुरुआती मैचों में नहीं खेलने की संभावना है। ऑस्ट्रेलिया के दोनों पेसर चोट से उबर रहे हैं। कमिंस की गैरमौजूदगी में इशान किशन को कप्तानी मिल सकती है। चार साल पुराने फॉर्मेट की वापसी, फिर से डबल राउंड रॉबिन मुकाबले पिछले कुछ सालों में टीमें ग्रुप में बंटी हुई थीं, लेकिन इस बार टूर्नामेंट अपने ‘ओरिजिनल’ और सबसे निष्पक्ष फॉर्मेट यानी डबल राउंड रॉबिन की ओर लौट रहा है। इसका मतलब है कि हर टीम दूसरी टीम से दो बार (होम और अवे) भिड़ेगी। आईपीएल में चार साल बाद इस फॉर्मेट की वापसी हो रही है। यह इसलिए खास है क्योंकि पॉइंट टेबल में किसी भी टीम को ‘आसान ग्रुप’ का फायदा नहीं मिलेगा। प्ले-ऑफ में पहुंचने के लिए टीम को हर विरोधी के खिलाफ अपनी ताकत साबित करनी होगी। इस बार एआई ब्रॉडकास्टिंग: स्मार्ट पिच टेक्निक पर काम कर रहा बोर्ड ब्रॉडकास्टिंग में एआई का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल होगा। फैंस ‘हाइपर-पर्सनलाइज्ड’ कैमरा एंगल चुन सकेंगे। वे चाहें तो पूरे मैच के दौरान सिर्फ पसंदीदा खिलाड़ी पर फोकस कर सकते हैं। स्मार्ट बॉल्स व पिच का इस्तेमाल हो सकता है। कूकाबुरा ने स्मार्ट बॉल का परीक्षण पहले ही किया था, जिसमें इलेक्ट्रॉनिक चिप होती है। चर्चा है कि बीसीसीआई स्मार्ट पिच टेक्निक पर काम कर रहा है। इसमें पिच की सतह के नीचे सेंसर होते हैं जो नमी और बाउंस का डेटा ब्रॉडकास्टर को भेजते हैं। एमिरेट्स बोर्ड ने कुछ समय पहले इसका ट्रायल किया था।
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