जब मंच पर 10 साल की बच्ची को देख प्रभावित हो गए निर्माता, एक मौका और ऐसे बनीं सिनेमा जगत की 'राजकुमारी'
नई दिल्ली, 17 मार्च (आईएएनएस)। पुरानी हिंदी फिल्मों का संगीत सुनते ही कुछ आवाजें दिल को आज भी छू जाती हैं। ऐसी ही एक मधुर और यादगार आवाज थी राजकुमारी की, जिन्होंने मात्र 10 साल की उम्र में मंच पर गाकर निर्माताओं का दिल जीत लिया और सिनेमा जगत में 'राजकुमारी' नाम से राज किया। 1930 से 1970 के दशक तक उन्होंने सैकड़ों गीत गाए और कई फिल्मों में अभिनय भी किया। उनकी आवाज आज भी 'बावरे नैन', 'महल', और 'पाकीजा' जैसे क्लासिक्स में गूंजती है।
जब मंच पर 10 साल की बच्ची को देख प्रभावित हो गए निर्माता, एक मौका और ऐसे बनीं सिनेमा जगत की 'राजकुमारी'
नई दिल्ली, 17 मार्च (आईएएनएस)। पुरानी हिंदी फिल्मों का संगीत सुनते ही कुछ आवाजें दिल को आज भी छू जाती हैं। ऐसी ही एक मधुर और यादगार आवाज थी राजकुमारी की, जिन्होंने मात्र 10 साल की उम्र में मंच पर गाकर निर्माताओं का दिल जीत लिया और सिनेमा जगत में 'राजकुमारी' नाम से राज किया। 1930 से 1970 के दशक तक उन्होंने सैकड़ों गीत गाए और कई फिल्मों में अभिनय भी किया। उनकी आवाज आज भी 'बावरे नैन', 'महल', और 'पाकीजा' जैसे क्लासिक्स में गूंजती है।
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
Samacharnama





















