Poco X8 Pro Series: 9000mAh बैटरी और 50MP कैमरा के साथ Poco X8 Pro Max लॉन्च, जानें कीमत
Poco X8 Pro Series: शाओमी के सब-ब्रैंड पोको (Poco) ने भारतीय स्मार्टफोन बाजार में धमाका करते हुए अपनी बहुप्रतीक्षित Poco X8 Pro सीरीज को आधिकारिक तौर पर लॉन्च कर दिया है। इस सीरीज के तहत कंपनी ने तीन मॉडल- Poco X8 Pro Max 5G, Poco X8 Pro 5G और एक स्पेशल Poco X8 Pro Iron Man Edition पेश किए हैं। इस सीरीज की सबसे बड़ी खासियत प्रो मैक्स वेरिएंट में दी गई 9,000mAh की विशाल बैटरी है।
Poco X8 Pro सीरीज की भारत में कीमत और बैंक ऑफर्स
Poco X8 Pro 5G की शुरुआती कीमत 8GB+256GB वेरिएंट के लिए ₹32,999 रखी गई है, जबकि इसका 12GB+256GB वेरिएंट ₹35,999 में उपलब्ध होगा। वहीं, आयरन मैन एडिशन की कीमत ₹37,999 है।
प्रीमियम मॉडल Poco X8 Pro Max 5G की शुरुआत ₹42,999 (12GB+256GB) से होती है और इसके टॉप वेरिएंट (12GB+512GB) की कीमत ₹46,999 है। कंपनी HDFC, ICICI और SBI कार्ड धारकों को ₹3,000 का इंस्टेंट बैंक डिस्काउंट भी दे रही है। इन फोन्स की पहली सेल 23 मार्च दोपहर 12 बजे से फ्लिपकार्ट पर शुरू होगी।
बैटरी और चार्जिंग: 3 दिन का बैकअप!
Poco X8 Pro Max 5G में उद्योग जगत की सबसे बड़ी बैटरियों में से एक 9,000mAh की सेल दी गई है। कंपनी का दावा है कि यह एक बार चार्ज करने पर मध्यम उपयोग के साथ 3 दिन से अधिक का बैकअप देगी। वहीं, Poco X8 Pro 5G में 6,500mAh की बैटरी मिलती है। दोनों ही मॉडल 100W की वायर्ड फास्ट चार्जिंग और 27W रिवर्स चार्जिंग को सपोर्ट करते हैं।
डिस्प्ले और परफॉर्मेंस
Poco X8 Pro Max में 6.83-इंच की 1.5K AMOLED स्क्रीन है, जो 120Hz रिफ्रेश रेट और 3,500 निट्स की पीक ब्राइटनेस के साथ आती है। परफॉर्मेंस के लिए इसमें 3nm प्रोसेस पर आधारित MediaTek Dimensity 9500s चिपसेट दिया गया है। दूसरी ओर, बेस प्रो मॉडल में 6.59-इंच की स्क्रीन और Dimensity 8500 Ultra SoC मिलता है। ये फोन्स एंड्रॉइड 16 पर आधारित शाओमी के लेटेस्ट HyperOS 3 पर चलते हैं।
कैमरा और अन्य फीचर्स
फोटोग्राफी के लिए दोनों हैंडसेट्स में पिल-शेप का कैमरा मॉड्यूल है। इसमें 50-मेगापिक्सल का प्राइमरी सेंसर (OIS के साथ) और 8-मेगापिक्सल का अल्ट्रा-वाइड लेंस दिया गया है। सेल्फी के लिए फ्रंट में 20-मेगापिक्सल का कैमरा मौजूद है। धूल और पानी से बचाव के लिए इन्हें IP66 से लेकर IP69K तक की रेटिंग मिली है, जो इन्हें काफी ड्यूरेबल बनाती है। सुरक्षा के लिए प्रो मैक्स मॉडल में अल्ट्रासोनिक फिंगरप्रिंट स्कैनर भी दिया गया है।
अमेरिकी काउंटर टेररिज्म चीफ जो केंट का इस्तीफा, बोले- 'इजराइल के दबाव में शुरू हुई जंग'
अमेरिका के नेशनल काउंटर टेररिज्म सेंटर के डायरेक्टर जो केंट ने मंगलवार को अपने पद से इस्तीफा देकर सबको चौंका दिया है. ट्रंप प्रशासन में यह अब तक का सबसे बड़ा और वरिष्ठ स्तर का इस्तीफा माना जा रहा है. जो केंट ने यह कदम पिछले तीन हफ्तों से ईरान के खिलाफ जारी युद्ध के विरोध में उठाया है. उन्होंने साफ तौर पर कहा कि वह व्हाइट हाउस की मौजूदा नीतियों और ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई का समर्थन नहीं कर सकते. केंट का इस्तीफा ऐसे समय में आया है जब अमेरिका और इजराइल की सेनाएं लगातार ईरान पर हमले कर रही हैं.
युद्ध को बताया एक बड़ा झूठ
जो केंट ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर अपने फैसले की जानकारी देते हुए लिखा कि वह अब अंतरात्मा की आवाज पर इस युद्ध का हिस्सा नहीं बने रह सकते. उन्होंने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को भेजे अपने पत्र में बेहद कड़े शब्दों का इस्तेमाल किया है. केंट ने दावा किया कि ईरान से अमेरिका को कोई भी तत्काल खतरा नहीं था. उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ उच्च पदस्थ इजरायली अधिकारियों और अमेरिकी मीडिया के प्रभावशाली लोगों ने एक 'गलत सूचना अभियान' चलाया, जिसने राष्ट्रपति के 'अमेरिका फर्स्ट' एजेंडे को नुकसान पहुंचाया और युद्ध का माहौल तैयार किया.
इजराइली दबाव का लगाया आरोप
पूर्व ग्रीन बेरेट सदस्य रह चुके जो केंट ने अपने पत्र में लिखा कि इजराइली लॉबी ने अमेरिका को इस युद्ध में धकेला है. उन्होंने इसकी तुलना इराक युद्ध से करते हुए कहा कि वही पुरानी चालें दोबारा चली गई हैं. केंट के मुताबिक, राष्ट्रपति को यह विश्वास दिलाया गया कि ईरान पर हमला करने से जल्दी और आसान जीत मिल जाएगी, जो कि सरासर झूठ था. उन्होंने कहा कि वह अगली पीढ़ी के अमेरिकी सैनिकों को एक ऐसे युद्ध में मरने के लिए भेजने का समर्थन नहीं कर सकते, जिससे अमेरिकी जनता का कोई भला नहीं होने वाला है.
After much reflection, I have decided to resign from my position as Director of the National Counterterrorism Center, effective today.
— Joe Kent (@joekent16jan19) March 17, 2026
I cannot in good conscience support the ongoing war in Iran. Iran posed no imminent threat to our nation, and it is clear that we started this… pic.twitter.com/prtu86DpEr
युद्ध के विरोध में पहली बड़ी आवाज
ईरान युद्ध की शुरुआत 28 फरवरी को अमेरिका और इजराइल के हवाई हमलों से हुई थी. जो केंट इस युद्ध के खिलाफ खुलकर बोलने वाले पहले शीर्ष अधिकारी बन गए हैं. उन्होंने अपने पत्र में स्पष्ट किया कि इस युद्ध की भारी कीमत अमेरिकी सैनिकों को अपनी जान देकर चुकानी पड़ रही है, जिसका कोई ठोस आधार नहीं है. केंट के इस इस्तीफे ने अमेरिकी इंटेलिजेंस और सैन्य हलकों में खलबली मचा दी है. अब देखना यह होगा कि जो केंट के इन गंभीर आरोपों पर व्हाइट हाउस और राष्ट्रपति ट्रंप की क्या प्रतिक्रिया आती है.
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