Bihar: LPG आपूर्ति को लेकर सरकार सतर्क, राज्य स्तरीय कंट्रोल रूम का निरीक्षण
बिहार में LPG आपूर्ति को लेकर सरकार पूरी तरह सतर्क है. खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री लेशी सिंह ने विभाग में बने राज्य स्तरीय कंट्रोल रूम का निरीक्षण किया.
राज्य में गैस की कोई कमी नहीं
निरीक्षण के दौरान मंत्री ने साफ कहा कि घरेलू गैस सिलेंडर की राज्य में पर्याप्त उपलब्धता है. किसी तरह की कमी नहीं है. उन्होंने लोगों से अपील की कि अफवाहों पर ध्यान न दें. मंत्री ने बताया कि उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए राज्य स्तरीय कंट्रोल रूम बनाया गया है. इसका फोन नंबर 0612-2233050 है. यह कंट्रोल रूम रोज सुबह 7 बजे से रात 9 बजे तक काम करेगा.
कई कॉल रिसीव करने की सुविधा
अब इस नंबर पर 5 हंटिंग लाइन शुरू कर दी गई है. इससे ज्यादा लोगों की कॉल एक साथ ली जा सकेगी और शिकायतों का तेजी से समाधान होगा. मंत्री ने बताया कि सभी जिलों में भी कंट्रोल रूम बनाए गए हैं. इन नंबरों का प्रचार किया जा रहा है ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग इसका लाभ उठा सकें.
कालाबाजारी पर सख्त नजर
विभाग के सचिव अभय कुमार सिंह ने कहा कि राज्य में गैस की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य है.सरकार लगातार निगरानी कर रही है. कालाबाजारी रोकने के लिए अधिकारियों और पुलिस को सख्त निर्देश दिए गए हैं.
अस्पतालों और संस्थानों को प्राथमिकता
सरकार की ओर से अस्पतालों और शिक्षण संस्थानों को प्राथमिकता के आधार पर गैस सप्लाई दी जा रही है.इसके अलावा पेट्रोल और डीजल की भी पर्याप्त उपलब्धता है.
लोगों से संयम बरतने की अपील
विभाग ने आम लोगों से अपील की है कि वे संयम बनाए रखें.किसी भी समस्या के लिए सीधे कंट्रोल रूम से संपर्क करें.नई व्यवस्था के अनुसार शहरी उपभोक्ता 25 दिन बाद और ग्रामीण उपभोक्ता 45 दिन बाद नया सिलेंडर बुक कर सकते हैं.
ईरानी राष्ट्रपति ने देशवासियों से 84 नौसैनिकों के अंतिम संस्कार में शामिल होने का किया आग्रह
तेहरान, 17 मार्च (आईएएनएस)। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने राजधानी तेहरान के लोगों से अपील की है कि वे उन 84 नौसैनिकों के अंतिम संस्कार में शामिल हों, जिनकी मौत इस महीने ईरानी नौसेना के युद्धपोत आईआरआईएस डेना के डूबने से हुई थी।
राष्ट्रपति पेजेश्कियान ने अपने संदेश में कहा कि ईरान के दुश्मनों को यह समझ लेना चाहिए कि इन शहीदों के नाम की छाया तले हजारों नए बहादुर लोग खड़े होंगे। यह बयान देश में राष्ट्रीय भावना और एकजुटता को मजबूत करने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।
ईरानी अधिकारियों के मुताबिक, मारे गए नौसैनिकों के ताबूत तेहरान के 34 अलग-अलग सार्वजनिक स्थानों पर रखे जाएंगे, जहां आम लोग पहुंचकर उन्हें श्रद्धांजलि दे सकेंगे। यह आयोजन बड़े पैमाने पर जनभागीदारी के साथ किया जा रहा है, जिससे शोक के साथ-साथ राजनीतिक संदेश भी दिया जा सके।
इससे पहले देश के सुरक्षा प्रमुख अली लारीजानी के आधिकारिक एक्स पोस्ट से एक पोस्ट शेयर किया गया। इसमें उन्होंने मारे गए नाविकों को श्रद्धांजलि अर्पित की थी।
हालांकि ये नोट ऐसे समय में सामने आया जब इजरायली रक्षा मंत्री इजराइल काट्ज ने दावा किया कि वो मिसाइल हमलों में मारे गए हैं।
28 फरवरी को इजरायल-यूएस की ईरान पर संयुक्त एयर स्ट्राइक से मध्य पूर्व में काफी तनाव का माहौल है। इन हमलों में सर्वोच्च लीडर अयातुल्ला खामेनेई समेत कई बड़े सैन्य अधिकारी मारे गए थे। इसके बाद से ही ईरान की ओर से जवाबी कार्रवाई शुरू हो गई। निशाने पर पड़ोसी और खाड़ी देशों में मौजूद अमेरिका के सैन्य बेस रहे।
इस सैन्य संघर्ष ने पश्चिम एशिया को ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया की दिक्कतों में इजाफा कर दिया है। अगर ये हमले यूं ही जारी रहे तो दुनिया में फ्यूल, क्रूड ऑयल की भारी दिक्कत हो सकती है।
वैसे, ईरान और अमेरिका के बीच लंबे समय से तनाव बना हुआ है, जो 2018 यूएस-ईरान परमाणु समझौते (जेसीपीओए) के टूटने से और बढ़ गया। इसके बाद खाड़ी क्षेत्र में कई सैन्य घटनाएं हुईं, जिनमें जहाजों पर हमले और सैन्य टकराव शामिल हैं।
--आईएएनएस
केआर/
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