ईरान की दमनकारी बासिज फोर्स के प्रमुख को आईडीएफ ने किया ढेर, शीर्ष अधिकारी लारिजानी पर भी निशाना
तेल अवीव, 17 मार्च (आईएएनएस)। इजरायल-अमेरिका और ईरान के बीच जारी संघर्ष को लेकर इजरायली रक्षा बल (आईडीएफ) ने बड़ी सफलता हाथ लगने का दावा किया है। आईडीएफ ने दावा किया है कि ईरान में रात में हुए हमले में बासिज पैरामिलिट्री फोर्स के कमांडर घोलमरेजा सुलेमानी की मौत हो गई।
सुलेमानी को उस समय निशाना बनाया गया, जब वे हाल ही में बासिज द्वारा बनाए गए एक टेंट कैंप में थे। आईडीएफ के अनुसार, बासिज ने यह कैंप तब लगाया था, जब इजरायली सेना ने पैरामिलिट्री फोर्स के कई हेडक्वार्टर पर हमला किया था। इसके अलावा, आईडीएफ का कहना है कि हमले में बासिज के डिप्टी कमांडर और पैरामिलिट्री फोर्स के दूसरे बड़े अधिकारी भी मारे गए।
बासिज को सरकार के खिलाफ प्रदर्शनों को हिंसक तरीके से दबाने में अपनी भूमिका के लिए जाना जाता है और माना जाता है कि वह ईरानी नागरिकों की अनगिनत मौतों के लिए जिम्मेदार है।
आईडीएफ की ओर से साझा जानकारी के अनुसार, बासिज पिछले छह सालों से बासिज यूनिट का कमांडर रहा है। उसने बासिज यूनिट का नेतृत्व किया और सरकार के दमन के मुख्य हथियार के तौर पर काम किया। उसने ईरान में विरोध प्रदर्शनों के दौरान हिंसक दमन में अहम भूमिका निभाई। वे ब्रिगेडियर जनरल के बराबर सर-टिप रैंक के कमांडर थे।
आईडीएफ ने इस बात की भी पुष्टि की है कि उसने रात में तेहरान में शीर्ष ईरानी अधिकारी अली लारिजानी को निशाना बनाया। हालांकि, इजरायली सेना ने फिलहाल इस बात की पुष्टि नहीं की है कि ईरान के सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव अली लारिजानी की हमले में मौत हो गई या वे घायल हुए। इजरायली डिफेंस फोर्स ने कहा है कि फिलहाल इस बात की जांच की जा रही है।
इसके अलावा, हमास और हिज्बुल्लाह के खिलाफ जारी ऑपरेशन में आईडीएफ ने एक स्ट्राइक में फिलिस्तीन इस्लामिक जिहाद के नेता अकरम अल-अजौरी और आतंकी समूह के दूसरे शीर्ष अधिकारियों पर भी हमले किए। इजरायली रक्षा बल के मुताबिक, अल-अजौरी शायद स्ट्राइक में मारा गया, फिलहाल वह इसकी पुष्टि करने की कोशिश कर रहे हैं।
--आईएएनएस
केके/एबीएम
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पुलिस को चकमा देने का मास्टर प्लान! हेलमेट चेकिंग देख युवक ने किया ऑनलाइन ऑर्डर, फिर जो हुआ
हमारे देश में लोग ट्रैफिक नियमों का पालन करने के बजाय अक्सर इस ताक में रहते हैं कि नियमों को कैसे तोड़ा जाए या पुलिस की नजरों से कैसे बचा जाए. सड़कों पर बिना हेलमेट गाड़ी चलाना एक बड़ा जुर्म है, जिसके लिए पुलिस भारी जुर्माना वसूलती है. हाल ही में एक ऐसा ही मामला सामने आया है, जहां एक युवक बिना हेलमेट के स्कूटी चला रहा था. जैसे ही उसे एहसास हुआ कि कुछ ही दूरी पर पुलिस का नाका लगा है और हेलमेट चेकिंग चल रही है, उसके पसीने छूट गए. लेकिन भागने या छिपने के बजाय उसने जो दिमाग लगाया, उसे देखकर लोग दंग रह गए.
बीच सड़क पर मंगाया नया हेलमेट
वायरल हो रहे वीडियो में दावा किया जा रहा है कि युवक ने चालान से बचने के लिए तुरंत अपने फोन से ब्लिंकिट एप खोला और एक नया हेलमेट ऑर्डर कर दिया. कमाल की बात यह रही कि उसने डिलीवरी लोकेशन वही सड़क चुनी जहां वह खड़ा था. कुछ ही मिनटों के भीतर डिलीवरी बॉय वहां हेलमेट लेकर पहुंच गया. वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि डिलीवरी बॉय युवक को नया हेलमेट थमाता है और युवक उसे पहनकर शान से पुलिस के सामने से निकल जाता है. इस शॉर्टकट ने लोगों को यह सोचने पर मजबूर कर दिया कि टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल कैसे-कैसे कामों में किया जा सकता है.
सोशल मीडिया पर मजेदार कमेंट्स की बाढ़
इस वीडियो के सामने आने के बाद इंटरनेट यूजर्स तरह-तरह की प्रतिक्रिया दे रहे हैं. कई लोगों का कहना है कि यह अब तक का सबसे बेहतरीन जुगाड़ है. लोगों ने मजाक में कहा कि 'क्या कमाल का आइडिया है, चालान के पैसे भरने से अच्छा है कि उतने में एक नई संपत्ति (हेलमेट) घर आ गई.' वहीं कुछ लोगों का यह भी मानना है कि पुलिस के डर से ही सही, कम से कम इस बहाने युवक ने अपनी सुरक्षा के लिए हेलमेट तो खरीद लिया. यह वीडियो इस बात का बड़ा उदाहरण है कि कैसे भारतीय लोग मुश्किल वक्त में तुरंत शॉर्टकट खोज निकालते हैं.
Police checking helmets on road.
— Ghar Ke Kalesh (@gharkekalesh) March 16, 2026
Guy had none → calmly ordered one from Quick Delivery app
Delivered on spot in minutes.
Peak Indian jugaad. ????
pic.twitter.com/AkTzfI64un
सुरक्षा को लेकर गंभीर चेतावनी
भले ही यह वीडियो देखने में बहुत फनी लग रहा हो और लोग इसे एक स्मार्ट मूव मान रहे हों, लेकिन यह सड़क सुरक्षा पर एक बड़ा सवाल भी खड़ा करता है. ट्रैफिक नियमों का मकसद सिर्फ चालान काटना नहीं, बल्कि लोगों की जान बचाना होता है. पुलिस बार-बार अपील करती है कि हेलमेट सिर्फ पुलिस को दिखाने के लिए नहीं बल्कि खुद की सुरक्षा के लिए पहनना चाहिए. हालांकि, इस युवक की चतुराई ने पुलिस विभाग को भी सोचने पर मजबूर कर दिया होगा कि अब इस तरह के 'स्मार्ट' नियम तोड़ने वालों से कैसे निपटा जाए.
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