इजरायली रक्षा मंत्री का दावा- 'ईरान के सुरक्षा प्रमुख लारीजानी मारे गए', तेहरान ने नहीं की पुष्टि
तेल अवीव, 17 मार्च (आईएएनएस)। इजरायल के रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज ने दावा किया है कि ईरान के राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव अली लारीजानी मिसाइल हमले में मारे गए हैं। हालांकि उनके इस दावे की ईरान की ओर से पुष्टि नहीं हुई है। सेना ने लारीजानी का लिखा एक नोट जरूर जारी किया है।
इससे पहले इजराइली सेना (आईडीएफ) ने पुष्टि की थी कि उसने लारिजानी को निशाना बनाया था।
प्रमुख इजरायली दैनिक, द टाइम्स ऑफ इजरायल के अनुसार, इजरायल के रक्षा मंत्री काट्ज ने मंगलवार को कहा कि इजरायली सेना ने रात भर चले हवाई हमलों में ईरान के सुरक्षा प्रमुख और उसकी बासिज मिलिशिया के प्रमुख को मार गिराया है।
काट्ज ने एक बयान में कहा कि उन्हें सेना ने सूचित किया कि ईरान के सुरक्षा प्रमुख, अली लारीजानी, मारे गए हैं।
इस बीच, लारीजानी का एक हस्तलिखित नोट उनके एक्स अकाउंट से प्रसारित हुआ है। इसमें अमेरिका के हमले में मारे गए ईरानी नाविकों को श्रद्धांजलि दी गई है। यह नोट ईरानी सरकारी मीडिया से जुड़े विभिन्न प्लेटफॉर्म्स पर भी शेयर किया गया है।
काट्ज की टिप्पणियों पर तेहरान की ओर से तत्काल कोई टिप्पणी नहीं आई है।
अगर पुष्टि होती है, तो लारीजानी 28 फरवरी को इजरायल-अमेरिका एयर स्ट्राइक के पहले दिन सर्वोच्च नेता अयातुल्ला खामेनेई के बाद मारे जाने वाले ईरान के सबसे वरिष्ठ अधिकारी होंगे।
वहीं, रॉयटर्स ने चार इजरायली अधिकारियों से बातचीत के आधार पर कहा कि, अभी यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि वह मारे गए हैं या घायल हुए हैं। अधिकारियों ने बताया कि लारीजानी उन लक्ष्यों में से एक थे, जिन्हें इजरायली सेना ने मंगलवार रात पूरे ईरान में किए गए हमलों में निशाने पर लिया था।
परमाणु वार्ताकार रह चुके लारीजानी खामेनेई के करीबी माने जाते हैं, उन्हें शुक्रवार को तेहरान में कुद्स दिवस की रैलियों में हिस्सा लेते हुए देखा गया था।
इस बीच आईडीएफ ने ये भी बताया कि इन हमलों में बसीज प्रतिरोध बल के प्रमुख गुलामरेजा सुलेमानी और बसीज के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मारे गए हैं।
--आईएएनएस
केआर/
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
पाकिस्तान ने जिस रिहैब सेंटर पर किया एयरस्ट्राइक, वहां मरीजों से मिलने पहुंचे थे अफगानिस्तान के बड़े क्रिकेटर्स, VIDEO वायरल
पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच जंग बढ़ता ही जा रहा है. 16 मार्च की रात पाकिस्तान ने अफगानिस्तान की राजधानी काबुल के एक नशा मुक्ति अस्पताल पर एयरस्ट्राइक किया किया, जिसमें करीब 400 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है. जबकि 250 से ज्यादा लोग घायल हैं. पाकिस्तान की इस शर्मानाक हरकत पर अफगानिस्तान क्रिकेटर्स आगबबूला हो गए हैं और उन्होंने इस "वार क्राइम" (War Crime) कहा. बता दें कि नशा मुक्ति अस्पताल में कुछ महीने पहले गुलाबदीन नायब और हशमतुल्लाह शाहिदी समेत कई अफगानिस्तानी खिलाड़ी मरीजों से मिलने पहुंचे थे.
पाकिस्तान के एयरस्ट्राइक में नशा मुक्ति केंद्र के 400 मरीजों की मौत
पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच फरवरी 2026 में लड़ाई शुरू हुई थी. दोनों देश एक दूसरे के सैनिक ठिकानों पर हमला कर रहे थे, लेकिन 16 मार्च की रात पाकिस्तान ने काबुल के एक नशा मुक्ति अस्पताल (Rehabilitation Centers) पर एयरस्ट्राइक कर दिया, जिसके बाद यह लड़ाई और बढ़ती नजर आ रही है. इस अस्पताल में मौजूद लगभग 400 लोगों की मौत हो गई है. जबकि 250 से ज्यादा लोग घायल है. पाकिस्तान की इस हरकत की हर जगह आलोचना हो रही है.
नशा मुक्ति केंद्र में मरीजों से मिलने पहुंचे थे अफगानिस्तानी खिलाड़ी
बता दें कि कुछ महीने पहले अफगानिस्तान के गुलाबदीन नायब और हशमतुल्लाह शाहिदी जैसे बड़े क्रिकेट इस नशा मुक्ति केन्द्र का दौरा किया था और मरीजों से बात की थी. यह मरीज नशा से मुक्त होकर दूसरी जिंदगी शुरू करना चाहते थे, लेकिन पाकिस्तान के इस शर्मनाक हरकत ने उनके सपनों को छिन लिया.
#Pakistan bombed this rehabilitation hospital today in #Kabul, #Afghanistan. Afghan Cricket players visited the centre few months back & interacted with the patients seeking a second chance. Hundreds of them were killed today by Pakistani airstrikes, healing turned into tragedy.… pic.twitter.com/wnxMo2tEDA
— Bashir Gharwal غروال (@bashir_gharwall) March 16, 2026
अफगानी खिलाड़ियों ने लगाई पाकिस्तान की लताड़
पाकिस्तान के एयरस्ट्राइक पर अफगानिस्तानी क्रिकेटर्स ने अपना गुस्सा जाहिर किया है और इसे वॉर क्राइम कहा है. राशिद खान, मोहम्मद नबी, और रहमानुल्लाह गुरबाज समेत कई खिलाड़ियों ने पाकिस्तान की लताड़ लगाई है.
राशिद खान ने इसे वॉर क्राइम कहते हुए लिखा, काबुल में पाकिस्तानी हवाई हमलों में नागरिकों की हुई मौतों की ताजा खबरों से मैं बेहद दुखी हूं. जानबूझकर या अनजाने में नागरिकों के घरों, शिक्षण संस्थानों या चिकित्सा सुविधाओं को निशाना बनाना युद्ध अपराध है. विशेष रूप से रमजान के पवित्र महीने के दौरान मानव जीवन के प्रति घोर उपेक्षा घृणित और बेहद चिंताजनक है. इससे केवल विभाजन और घृणा ही बढ़ेगी. मैं संयुक्त राष्ट्र और अन्य मानवाधिकार एजेंसियों से इस नवीनतम अत्याचार की गहन जांच करने और दोषियों को जवाबदेह ठहराने का आह्वान करता हूं. इस कठिन समय में मैं अपने अफगान नागरिकों के साथ खड़ा हूं. हम ठीक हो जाएँगे और एक राष्ट्र के रूप में फिर से उठ खड़े होंगे. हम हमेशा ऐसा करते हैं. इंशाल्लाह!
I am deeply saddened by the latest reports of civilian casualties as a result of Pakistani airstrikes in Kabul. Targeting civilian homes, educational facilities or medical infrastructure, either intentional or by mistake, is a war crime. The sheer disregard for human lives,… pic.twitter.com/DbFRRh2qAJ
— Rashid Khan (@rashidkhan_19) March 16, 2026
Tonight in Kabul, hope was extinguished at a hospital. Young men seeking treatment were murdered in a bombing by the Pakistani military regime. Mothers waited at the gates, calling their sons’ names. On the 28th night of Ramadan, their lives were cut short. pic.twitter.com/p12617D4de
— Mohammad Nabi (@MohammadNabi007) March 16, 2026
A hospital bombed in Afghanistan during Ramadan by Pakistan…
— Rahmanullah Gurbaz (@RGurbaz_21) March 17, 2026
Where is international law now? Where is humanity now?
How many innocent lives must be lost before the world speaks? ???? pic.twitter.com/uKqz7mqjxL
यह भी पढ़ें: NZ VS SA: फाइनल हारने के बाद न्यूजीलैंड को मिली पहली जीत, साउथ अफ्रीका को 68 रन से हराकर बराबर की सीरीज
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others
News Nation


















