बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा के लिए 56.7 करोड़ डॉलर दे मेटा: अमेरिकी अदालत
बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा के लिए 56.7 करोड़ डॉलर दे मेटा: अमेरिकी अदालतआर प्रज्ञानानंदा बने सेंट लुइस रैपिड एंड ब्लिट्ज चैंपियन:ब्लिट्ज के एक राउंड बाकी रहते जीता खिताब; रैपिड में भी टॉप पर थे
भारत के ग्रैंडमास्टर आर प्रज्ञानानंदा ने अमेरिका के सेंट लुइस में खेले गए ग्रैंड चेस टूर (GCT) के सेंट लुइस रैपिड एंड ब्लिट्ज टूर्नामेंट का खिताब जीत लिया। 20 साल के प्रज्ञानानंदा ने पेनल्टीमेट (दूसरे अंतिम) राउंड में उज्बेकिस्तान के जावोहिर सिंदारोव के खिलाफ मुकाबला ड्रॉ खेलकर एक राउंड बाकी रहते ही खिताब अपने नाम कर लिया। उन्होंने 35 में से 23 अंक जुटाए और दूसरे स्थान पर रहे खिलाड़ी से 1.5 अंक आगे रहकर अपने करियर का पहला ग्रैंड चेस टूर रैपिड एंड ब्लिट्ज खिताब जीता। टूर्नामेंट में प्रज्ञानानंदा ने शुरुआत से ही लगातार दमदार प्रदर्शन किया। रैपिड और ब्लिट्ज दोनों फॉर्मेट में उन्होंने बढ़त बनाए रखी। आखिरी राउंड से पहले उनकी बढ़त इतनी मजबूत हो गई थी कि अंतिम मुकाबले का नतीजा उनके चैंपियन बनने पर कोई असर नहीं डाल सकता था। चेसबेस इंडिया ने दी जानकारी चेसबेस इंडिया ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर प्रज्ञानानंदा की इस उपलब्धि की जानकारी साझा की। संस्था के अनुसार, यह उनके करियर का पहला ग्रैंड चेस टूर रैपिड एंड ब्लिट्ज खिताब है। एक राउंड बाकी रहते ही उन्होंने टूर्नामेंट अपने नाम कर लिया। जून में जीता था नॉर्वे चेस प्रज्ञानानंदा शानदार फॉर्म में हैं। इससे पहले जून 2026 में उन्होंने नॉर्वे चेस का खिताब भी जीता था। ओस्लो में खेले गए टूर्नामेंट के अंतिम राउंड में उन्होंने जर्मनी के विंसेंट कीमर को हराकर ट्रॉफी अपने नाम की थी। उन्होंने अंतिम दौर में लगातार चार क्लासिकल मुकाबले जीतकर यह उपलब्धि हासिल की थी। तमिलनाडु सरकार ने किया था सम्मानित नॉर्वे चेस जीतने के बाद तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने चेन्नई स्थित मुख्य सचिवालय में प्रज्ञानानंदा को सम्मानित किया था। स्पोर्ट्स डेवलपमेंट अथॉरिटी ऑफ तमिलनाडु (SDAT) की ओर से उन्हें 50 लाख रुपए का पुरस्कार दिया गया था। इस दौरान मुख्यमंत्री ने उनके साथ शतरंज की कुछ चालें भी चली थीं। 12 साल की उम्र में बने थे ग्रैंडमास्टर तमिलनाडु के चेन्नई के रहने वाले आर प्रज्ञानानंदा का जन्म 10 अगस्त 2005 को हुआ था। वे 2018 में 12 साल, 10 महीने और 13 दिन की उम्र में ग्रैंडमास्टर बने थे। उस समय वे भारत के सबसे युवा और दुनिया के दूसरे सबसे युवा ग्रैंडमास्टर थे। उनकी बड़ी बहन आर वैशाली भी ग्रैंडमास्टर हैं और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं. ग्रैंड चेस टूर का अहम टूर्नामेंट सेंट लुइस रैपिड एंड ब्लिट्ज ग्रैंड चेस टूर का हिस्सा है, जिसमें दुनिया के कई शीर्ष ग्रैंडमास्टर हिस्सा लेते हैं। इस खिताब के साथ प्रज्ञानानंदा ने अंतरराष्ट्रीय सर्किट में एक और बड़ी सफलता अपने नाम की।
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