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ईरान के साथ जंग में अकेले पड़े ट्रम्प:NATO देश बोले- ये हमारी लड़ाई नहीं, होर्मुज का रास्ता खुलवाने से इनकार

ईरान में खामेनेई समेत 40 से भी ज्यादा अधिकारियों के मारे जाने के बाद अमेरिका के लिए यह जंग बड़ी सफलता की तरह दिख रहा था। लेकिन 17 दिन बाद हालात बदल चुके हैं। युद्ध का कोई साफ अंत नजर नहीं आ रहा है। ईरान ने जवाब में होर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते तेल आपूर्ति रोक दी, जिससे दुनिया की अर्थव्यवस्था पर बड़ी चोट पहुंची है। ट्रम्प अब अपने सहयोगी NATO देशों से हार्मुज में रास्ता खुलवाने की अपील कर रहे हैं। हालांकि इन देशों ने साफ कर दिया है कि वे होर्मुज स्ट्रेट में अपने वॉरशिप नहीं भेजेंगे। यह फैसला ऐसे समय आया है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने चेतावनी दी थी कि अगर नाटो देश इस अहम समुद्री रास्ते को फिर से खोलने में मदद नहीं करते, तो नाटो का भविष्य खराब हो सकता है। जर्मनी बोला- यह यूरोप की जंग नहीं द गार्जियन की रिपोर्ट के मुताबिक जर्मनी ने साफ कहा है कि वह किसी भी सैन्य कार्रवाई में हिस्सा नहीं लेगा। जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज ने कहा कि इस मामले में कभी कोई फैसला नहीं हुआ, इसलिए जर्मनी के सैन्य योगदान का सवाल ही नहीं उठता। उन्होंने यह भी कहा कि ईरान की मौजूदा सरकार खत्म होनी चाहिए, लेकिन बमबारी करके उसे झुकाना सही तरीका नहीं है। जर्मनी के रक्षा मंत्री बोरिस पिस्टोरियस ने भी अमेरिका पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि यह यूरोप का युद्ध नहीं है और जब अमेरिकी नौसेना खुद इतनी ताकतवर है, तो कुछ यूरोपीय जहाज क्या कर लेंगे। ब्रिटेन बोला- हम इस युद्ध में नहीं फंसेंगे ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने कहा कि उनका देश इस बड़े युद्ध में नहीं फंसेगा। उन्होंने माना कि होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलना जरूरी है ताकि तेल बाजार स्थिर रहे, लेकिन यह आसान काम नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि कोई भी कदम ज्यादा से ज्यादा देशों की सहमति से ही उठाया जाएगा। यूरोपीय देशों ने सैन्य कार्रवाई की बजाय कूटनीति पर जोर दिया है। यह जलडमरूमध्य बहुत अहम है क्योंकि यहां से दुनिया के लगभग 20% तेल और गैस की सप्लाई होती है, जो फिलहाल ईरान के कारण प्रभावित हो रही है। इटली बोला- जंग नहीं बातचीत से हल निकले इटली के विदेश मंत्री एंटोनियो ताजानी ने कहा कि इस संकट का हल बातचीत से ही निकलना चाहिए और उनका देश किसी नौसैनिक मिशन को बढ़ाने के पक्ष में नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि यूरोपीय यूनियन के मौजूदा मिशन सिर्फ समुद्री डकैती रोकने और रक्षा के लिए हैं, उन्हें युद्ध में नहीं बदला जा सकता। ऑस्ट्रेलिया, फ्रांस और जापान ने भी साफ कर दिया है कि वे अपने युद्धपोत नहीं भेजेंगे। यूरोपीय यूनियन ने भी ट्रम्प की अपील ठुकराई दूसरी ओर, ट्रम्प लगातार अपने सहयोगियों पर दबाव बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि जिन देशों को इस समुद्री रास्ते से फायदा होता है, उन्हें इसकी सुरक्षा में हिस्सा लेना चाहिए। ट्रम्प ने खासतौर पर ब्रिटेन से नाराजगी भी जताई, हालांकि उन्हें उम्मीद है कि वह इसमें शामिल होगा। यूरोपीय यूनियन के विदेश मंत्रियों ने भी अपने रेड सी (लाल सागर) मिशन को होर्मुज तक बढ़ाने से इनकार कर दिया। ईयू की विदेश नीति प्रमुख काजा कैलस ने कहा कि फिलहाल मिशन का दायरा बढ़ाने की कोई इच्छा नहीं दिखी। यूरोपीय देश अमेरिका और इजराइल के युद्ध के लक्ष्यों को लेकर भी स्पष्टता चाहते हैं। एस्टोनिया के विदेश मंत्री ने कहा कि उन्हें समझना है कि ट्रम्प की रणनीति क्या है और आगे की योजना क्या होगी। इजराइल बोला- 3 सप्ताह के लिए जंग की प्लानिंग तैयार इस बीच इजराइल ने ईरान के कई शहरों जैसे तेहरान, शिराज और तबरीज में बड़े पैमाने पर हमले किए हैं। इजराइल का दावा है कि उसने ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई से जुड़ा एक विमान भी नष्ट कर दिया। इजराइली सेना का कहना है कि ईरान के साथ अगले 3 सप्ताह तक लड़ने के लिए उनकी प्लानिंग तैयार है। सेना के प्रवक्ता नदाव शोशानी ने सोमवार को कहा है कि सेना ने इससे आगे के समय के लिए भी अलग योजनाएं बना रखी है। इजराइली सेना का कहना है कि इस अभियान का मकसद सीमित है। वे ईरान की उन क्षमताओं को कमजोर करना चाहते हैं जिनसे वह इजराइल के लिए खतरा पैदा कर सकता है। इसके तहत ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल ढांचे, परमाणु ठिकानों और सुरक्षा तंत्र को निशाना बनाया जा रहा है। इजराइली सेना का कहना है कि ईरान के अंदर अब भी हजारों ऐसे ठिकाने हैं जिन्हें निशाना बनाया जा सकता है। हालांकि पिछले हफ्ते अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा था कि ईरान में अब “लगभग कुछ भी निशाना बनाने के लिए नहीं बचा है।” ईरान बोला- अमेरिकी सेना आई तो अंजाम भुगतना होगा ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि उनका देश युद्ध नहीं चाहता, लेकिन अगर युद्ध खत्म होगा तो इस तरह खत्म होना चाहिए कि दुश्मन दोबारा हमला करने की हिम्मत न करे। ईरान के एक वरिष्ठ अधिकारी ने अमेरिका को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर अमेरिकी सेना जमीन पर उतरी, तो उसे वियतनाम जैसा अंजाम भुगतना पड़ सकता है। अमेरिका ने बताया कि इस युद्ध में उसके करीब 200 सैनिक घायल हुए हैं, जिनमें से ज्यादातर वापस ड्यूटी पर लौट आए हैं, जबकि 13 सैनिकों की मौत हो चुकी है। एक रिपोर्ट के मुताबिक ईरान में अब तक 1,800 से ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं, जिनमें बड़ी संख्या में आम नागरिक हैं। लेबनान में जमीनी हमले कर रहा इजराइल इजराइल ने लेबनान के दक्षिणी हिस्से में जमीनी कार्रवाई भी बढ़ा दी है, जहां हिजबुल्लाह के खिलाफ अभियान चल रहा है। इस संघर्ष में लेबनान में अब तक 850 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें 100 से अधिक बच्चे शामिल हैं। जर्मनी ने इजराइल को चेतावनी दी है कि लेबनान में जमीनी हमला करना गलती होगी और इससे वहां की मानवीय स्थिति और खराब हो जाएगी। ------------------------------------- रिपोर्ट- ईरान में अभी सरकार नहीं गिरा पाएगा अमेरिका:मौजूदा लीडरशिप का जनता पर पूरा कंट्रोल; ट्रम्प जल्द ऑपरेशन खत्म कर सकते हैं अमेरिका और इजराइल लगातार दो हफ्ते से ईरान में एयरस्ट्राइक कर रहे हैं, इसके बावजूद ईरान की सत्ता अभी भी काफी मजबूत है और उसके जल्द गिरने का कोई खतरा नहीं है। यह बात अमेरिकी खुफिया एजेंसियों की रिपोर्ट में सामने आई है। इस मामले से जुड़े तीन सूत्रों ने न्यूज एजेंसी रॉयटर्स को इसकी जानकारी दी है। एक सूत्र के मुताबिक कई खुफिया रिपोर्टों में एक जैसा आकलन किया गया है कि ईरान की सरकार गिरने की स्थिति में नहीं है और वह अभी भी देश की जनता पर कंट्रोल बनाए हुए है। वहीं, तेल की कीमतों में इजाफे की वजह से राजनीतिक दबाव बढ़ रहा है। ऐसे में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने संकेत दिया है कि अमेरिका जल्द जंग खत्म कर सकता है। हालांकि अगर ईरान के कट्टरपंथी नेता सत्ता में बने रहते हैं तो युद्ध खत्म करने का रास्ता निकालना आसान नहीं होगा। पूरी खबर यहां पढ़ें…

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Iran Israel War LIVE:ईरान ने समुद्र में बिछा दीबारूदी सुरंग! | Trump | Breaking News | Middle East

Iran Israel War LIVE:ईरान ने समुद्र में बिछा दीबारूदी सुरंग! | Trump | Breaking News | Middle East डोनाल्ड ट्रंप को ईरान के खिलाफ छिड़ी जंग में अब तक जीत नहीं मिली है. इजरायल को भीषण नुकसान हो रहा है. ईरान, इस जंग में भारी पड़ रहा है..देखें जंग के ताजा हालात.. #iranisraelwar #iranattackisrael #israeliranwar #israeliranwar #irna #israel #america #mojtabakhamenei #netanyahu #trump #middleeastwar #straitofhormuz #kimjongun #putin #china #india #warnews #globalconflict #breakingnews #hindinews #rbharat ------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------ Disclaimer: Republic Media Network may provide content through third-party websites, operating systems, platforms, and portals (‘Third-Party Platforms’). Republic does not control and has no liability for Third-Party Platforms, including content hosted, advertisements, security, functionality, operation, or availability. ------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------ रिपब्लिक भारत देश का नंबर वन न्यूज चैनल है। देश और दुनिया की जनहित से जुड़ी ब्रेकिंग न्यूज़, राजनीति, खेल और मनोरंजन की खबरों का खजाना है । इस खजाने तक पहुंचने के लिए रिपब्लिक भारत से जुड़े रहिए और सब्सक्राइब करिए। ► http://bit.ly/RBharat R. Bharat TV - India's no.1 Hindi news channel keeps you updated with non-stop LIVE and breaking news. Watch the latest reports on political news, sports news, entertainment, and much more. आप Republic Bharat से जुड़ें और अपडेट्स पाएं! ???? Facebook: https://www.facebook.com/RepublicBharatHindi/ ???? Twitter: https://twitter.com/Republic_Bharat ???? Instagram: https://www.instagram.com/republicbharat/ ???? WhatsApp: https://whatsapp.com/channel/0029Va7GPTi7dmecQ2LFH01I ???? Telegram: https://t.me/RepublicBharatHindi ???? LinkedIn: https://www.linkedin.com/company/republic-bharat/

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मोहला ब्लॉक में सरपंच- सचिव की करतूत : फर्जी बिलों से भुगतान कर शासन के खजाने में लगा रहे सेंध 

एनिशपुरी गोस्वामी- मोहला। छत्तीसगढ़ के मोहला के ग्राम पंचायत में वित्तीय मामलों में पारदर्शिता के लिए शासन स्तर पर हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। मोहला जनपद के अंतर्गत ग्राम पंचायत के सरपंच सचिव जीएसटी बिल का धंधा कर रहे बिचौलियों के साथ मिलकर गांव के विकास के लिए शासन स्तर पर विभिन्न मदों के भेजे गए रकम का बंटाधार कर रहे हैं। गांव के आम ग्रामीणों को पता ही नहीं कि उनके सरपंच और सचिव किराना दुकान, गल्ला व्यापारी, कृषि बीज भंडार, बुक डिपो तथा जिनका दुकान नहीं वहां से लाखों रुपए का रेत, सीमेंट और छड़ खरीदी का बिल लगाकर आवंटित शासकीय राशि हड़प लिए है।

उल्लेखनीय है कि, मोहला जनपद पंचायत के अधीन आने वाले ग्राम पंचायतो मे गांव के विकास के लिए आने वाले विभिन्न मदो की राशि हड़पने की लूट मची हुई है। यहां स्टेशनरी, मटेरियल, फोटो कॉपी, प्रिंट ऑउट के साथ ही गली लाइट, बोर रिपेयरिंग के नाम पर कीमत से ज्यादा के बिल बाउचर लगाकर शासकीय राशि का बंटाधार किया जा रहा है। ग्राम पंचायत के सचिव और सरपंच मिलकर जिनकी दुकान नहीं उनका जीएसटी बिल, किराना दुकान, गल्ला व्यापारी, कृषि बीज भंडार, बुक डिपो से लोहा, सीमेंट, छड़, गिट्टी, रेत आदि मटेरियल खरीदी के नाम पर कीमत से अधिक लेजर में भुगतान दिखा रहे हैं। मोहला जनपद क्षेत्र के बेहद संख्या में ग्राम पंचायतों का फर्जी बिल पे भुगतान होने का सनसनीखेज मामला हरिभूमि के पड़ताल में सामने आया है।

गल्ला दुकान से रेत, लोहा, गिट्टी के बिल
मोहला जनपद के अधीन ग्राम पंचायत में सरकारी राशि का किस तरह बंदरबांट किया जा रहा है, इसका जीवंत उदाहरण ग्राम पंचायत कंदाडी है। यहां सरपंच पति के द्वारा रबिया बिल्डिंग मटेरियल सप्लायर एंड हार्डवेयर मोहला से रेत, गिट्टी, सीमेंट के नाम पर जीएसटी बिल  मे 20 जुलाई 2025 के डेट पर 49800 का एक बिल लगाया गया है। बिल क्रमांक 345 के एक बिल से सरपंच सचिव ने चार- चार बार कुल 199200 का राशि आहरण कर लिये गए हैं। जबकि, जीएसटी बिल धारक का उल्लेखित अटल व्यावसायिक परिसर मोहला में बिल्डिंग सप्लायर एंड हार्डवेयर का कोई भी दुकान नहीं है। वह गल्ला व्यापारी है जो ग्राम पंचायतों से कमीशन लेकर फर्जी जीएसटी बिल काट के देता है।

मोहला में चल रहा जीएसटी बिल का धंधा
यहां कलेक्टर, जिला पंचायत सीईओ, दंडाधिकारी, जनपद सीईओ से लेकर तमाम प्रशासनिक अधिकारियों का मुख्यालय में सीधा प्रभाव है। बावजूद इसके ग्राम पंचायत के सरपंच सचिव सरकारी धनराशि को हड़पने लूट मचाए हुए हैं। ग्राम पंचायत में विकास कार्यो के भुगतान के लिए जीएसटी नंबर होना अनिवार्य  है। इधर 15 वें वित्त आयोग तथा मूलभूत की राशि को हड़पने सरपच सचिव ने एक अलग ही रास्ता अख्तियार कर लिए हैं। रेत, गिट्टी, ईंट, सरिया, सीमेंट सहित फोटो काफी, प्रिंट आउट, गली लाइन, बोर रिपेयरिंग के नाम पर पंचायतो में गल्ला व्यापारी, किराना दुकान, कृषि बीज भंडार, बुक डिपो से रा मटेरियल का बिलो मे अहरण के साथ-साथ जिनका दुकान नहीं जीएसटी बिल का धंधा कर रहे हैं।

विकास के नाम पर नक्सली होते रहे बदनाम
बीते 40 सालों से इस वाछिद आदिवासी अनुसूचित जनजाति बाहुल्य क्षेत्र में ग्राम पंचायतों के विकास के लिए बाधक के रूप में नक्सली संगठन को पूरा सिस्टम ठहराते रहा है। जिले में नक्सलवाद समाप्ति की ओर है, इधर पंचायत के जिम्मेदार प्रतिनिधि जनपद पंचायत मोहला के भ्रष्ट अधिकारियों से मिलकर अब खुलेआम सरकारी धनराशि का दुरुपयोग कर पंचायत से लाखों रुपए का हेरा फेरी करनें का काफी संख्या में पंचायतो का मामला सामने आया है।

मामले की जांच कर करेंगे कार्रवाई- सीईओ 
मोहला जनपद पंचायत की सीईओ प्रांजल प्रजापति ने कहा कि, इस पूरे मामले की जांच करते हुए फर्जी बिलों के पड़ताल के साथ कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। 

Tue, 17 Mar 2026 20:33:06 +0530

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