मिराए-एसेट का नाम एशिया और इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में:फाइनेंशियल लिटरेसी कैंपेन से 39,833 महिलाओं को किया जागरूक, 320 कॉलेजों तक पहुंचा
विमेंस डे के मौके पर मिराए एसेट म्यूचुअल फंड ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। कंपनी का नाम 'एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स' और 'इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स' में दर्ज किया गया है। यह सम्मान महिलाओं के लिए चलाए गए अब तक के सबसे बड़े 'इन्वेस्टमेंट फोकस्ड फाइनेंशियल लिटरेसी कैंपेन' के लिए दिया गया है। इस मुहिम के जरिए कंपनी ने देशभर की हजारों महिलाओं को वित्तीय रूप से साक्षर बनाने का लक्ष्य पूरा किया है। देश के 45 शहरों और 320 कॉलेजों तक पहुंची मुहिम मिराए एसेट ने अपनी इस मुहिम का दायरा काफी बड़ा रखा था। कंपनी के मुताबिक, यह कैंपेन केवल बड़े महानगरों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसे देश के 45 अलग-अलग शहरों में चलाया गया। इस दौरान टीम ने 320 कॉलेजों में जाकर युवा छात्राओं और महिलाओं से संवाद किया। इसका मुख्य उद्देश्य महिलाओं को निवेश के प्रति जागरूक करना और उन्हें स्वतंत्र रूप से वित्तीय फैसले लेने के लिए तैयार करना था। 39,833 महिलाओं को मिली निवेश की जानकारी इस इन्वेस्टर एजुकेशन प्रोग्राम के जरिए कुल 39,833 महिलाओं को सशक्त बनाया गया। प्रोग्राम में महिलाओं को सेविंग्स, म्यूचुअल फंड्स और बेहतर फाइनेंशियल प्लानिंग के तरीके सिखाए गए। रिकॉर्ड बुक में नाम दर्ज होने पर कंपनी ने कहा कि यह हमारे उस कमिटमेंट को दर्शाता है, जिसमें हम महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर देखना चाहते हैं। एशिया और इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स से मिली मान्यता इस बड़े स्तर के कैंपेन को देखते हुए 'एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स' और 'इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स' ने इसे "महिला प्रतिभागियों के लिए सबसे बड़ा निवेश-केंद्रित वित्तीय साक्षरता अभियान" के तौर पर मान्यता दी है। कंपनी के अधिकारियों का कहना है कि इतने बड़े पैमाने पर महिलाओं को एक साथ जोड़ना और उन्हें निवेश की बारीकियां समझाना एक चुनौतीपूर्ण लेकिन संतोषजनक अनुभव रहा। भविष्य की योजना: ‘यह तो बस शुरुआत है’ मिराए एसेट म्यूचुअल फंड ने इस मौके पर भविष्य के लक्ष्यों को भी साझा किया। कंपनी का कहना है कि रिकॉर्ड बुक में नाम आना उनके लिए एक मील का पत्थर है, लेकिन उनका मिशन यहीं खत्म नहीं होता। आने वाले समय में वे युवा और बुजुर्ग, दोनों वर्ग की महिलाओं के लिए इस तरह के और भी एजुकेशन प्रोग्राम चलाएंगे। कंपनी का लक्ष्य है कि वित्तीय शिक्षा हर घर तक पहुंचे ताकि महिलाएं अपनी मेहनत की कमाई को सही जगह इन्वेस्ट कर सकें।
सलमान खान की बैटल ऑफ गलवान का मेकर्स को क्यों बदलना पड़ा नाम, डायरेक्टर ने बताया राज
बॉलीवुड के 'दबंग' यानी सलमान खान इन दिनों अपनी अपकमिंग वॉर-ड्रामा फिल्म को लेकर जबरदस्त सुर्खियों में हैं। हाल ही में इस फिल्म से जुड़ा एक ऐसा अपडेट सामने आया जिसने फैंस को थोड़ा हैरान कर दिया।
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