भारत के लिए बढ़ा खतरा! 550 छात्रों की वापसी..., UAE ऑयल हब में भड़की आग
Iran War Lpg Shortage India: ईरान-अमेरिका-इजराइल युद्ध कब खत्म होगा ये सब जानना चाहते हैं. Strait of Hormuz बंद होने से वैश्विक तेल और गैस सप्लाई पर बड़ा संकट चल रहा है. भारतीय छात्रों और नागरिकों को वॉर जोन से निकालने की कवायद तेजी से चल रही है.
बताया जा रहा है कि अभी तक करीब 550 से ज्यादा लोगों को ईरान से निकाला जा चुका है. वहीं, दूसरी तरफ LPG और पेट्रोल की कमी से आम आदमी की मुश्किलें बढ़ी हुई हैं।
@moutet
— ????IRAN WAR EMERGENCY ???? LIVE UPDATES ????جاوید شاه (@UkraineDiary) March 16, 2026
8:19 am London URGENT ????
Iran times new attack to coincide with the opening of London trading
The main oil complex at Port of Fujairah in the United Arab Emirates has reportedly been hit again by a drone attack.#IsraelIranWar #Dubai pic.twitter.com/H7ltVnPZYE
ईरान से छात्रों और भारतीय नागरिकों की वापसी कैसे की जा रही?
भारत सरकार ने अब तक जिन छात्रों को सुरक्षित निकाला है वे ज्यादातर मेडिकल छात्र, तीर्थयात्री और प्रोफेशनल्स हैं, जो तेहरान और आसपास के इलाकों में फंसे हुए थे। हाल ही में विदेश मंत्री एस.जयशंकर ने आर्मेनिया सरकार का शुक्रिया अदा किया था क्योंकि ये लोग लैंड बॉर्डर से आर्मेनिया पहुंचे और वहां से फ्लाइट्स के जरिए दिल्ली लौटे हैं।
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ईरान से लौटे लोगों ने बताई आपबीती, वॉर जोन में फंसे ये भारतीय
दिल्ली एयरपोर्ट पर उतरे कई छात्रों ने मीडिया को बताया कि वे दिन-रात डर में गुजार रहे थे, क्योंकि हवाई क्षेत्र बंद था और मिसाइल अटैक की आशंका बनी हुई थी। MEA ने फेज में निकासी जारी रखने की बात कही है. बता दें अभी भी बड़ी संख्या में भारतीय वॉर जोन में फंसे हुए हैं।
क्या सभी भारतीय सुरक्षित हैं?
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार अभी भी कुछ लोग ईरान के अंदरूनी इलाकों में फंसे हुए हैं। सरकार ने एडवाइजरी जारी कर कहा है कि जो लोग निकल सकते हैं वो आर्मेनिया बॉर्डर क्रॉस करें। जहां से भारत सरकार उन्हें लेकर इंडिया लेकर आ रही है.
Iranian drone strikes have targeted Fujairah Port in the UAE, resulting in visible plumes of smoke and fire. Port operations have been halted due to the extensive blaze and ongoing drone attacks.#UAE#Fujairah#Dubai pic.twitter.com/FDcdWngV0K
— XULFIQAR (@Xulfiqarkazmi) March 16, 2026
UAE के फुजैराह ऑयल हब पर हमले से हुआ नुकसान
ईरान ने अमेरिकी हमलों के जवाब में UAE के प्रमुख ऑयल हब फुजैराह पर ड्रोन अटैक किया है। वहां डेब्री गिरने से आग लग गई, जिसके बाद कुछ ऑयल लोडिंग ऑपरेशंस अस्थायी तौर पर रोक दिए गए हैं। बता दें फुजैराह दुनिया के बड़े बंकरिंग हब में से एक है और यहां से कई जहाज रिफ्यूलिंग करते हैं।
युद्ध खत्म! ईरान ने उठाया ये बड़ा कदम...
ईरान-इजराइल युद्ध का आने वाले समय में भारत पर क्या असर?
जानकारी के अनुसार भारत का 40% क्रूड ऑयल और 90% LPG इम्पोर्ट Hormuz से आता है। सप्लाई चेन बाधित होने से घरेलू स्तर पर LPG की कमी शुरू हो गई है। हालांकि बीते कुछ दिनों से ईरान से भारत आने वाले कुछ जहाजों को स्पेशल परमिशन दी है, जिससे हालत सुधरने की उम्मीद है.
FAQ
Q1. LPG सिलेंडर किल्लत कब तक रहेगी?
उत्तर-अभी जरूरत के हिसाब से बुकिंग करें, होर्डिंग न करें। सरकार ने एक्शन लिया है, कुछ दिनों में सुधार की उम्मीद है।
Q2. पेट्रोल-डीजल महंगा होगा या नहीं?
उत्तर-हां, ग्लोबल कीमतें $100+ पर हैं। घरेलू स्तर पर सब्सिडी या रिलीफ पैकेज की उम्मीद।
Q3. क्या युद्ध जल्द खत्म होगा?
उत्तर-अभी कोई ceasefire नहीं दिख रहा। ट्रंप ने और स्ट्राइक्स की बात कही है, वहीं, ईरान लंबी जंग के लिए तैयार है।
Q4. भारतीय छात्रों की सुरक्षा कैसे कर रही सरकार?
उत्तर-MEA 24x7 मदद कर रहा है। हेल्पलाइन नंबर और एडवाइजरी जारी किए गए हैं.
Q5. घरेलू गैस का विकल्प क्या है?
उत्तर-इंडक्शन यूज करें. गैस बुकिंग सिर्फ जरूरत के हिसाब से करें।
पाकिस्तान-अफगानिस्तान तनाव कम करने को तैयार चीन, बोला-टकराव से बचना सबसे जरूरी
बीजिंग, 16 मार्च (आईएएनएस)। चीन ने पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच सुलह कराने की इच्छा जताई है। उसने कहा है, तनाव को कम करने के लिए वो अपने प्रयास जारी रखने को तैयार है और उसके मुताबिक फिलहाल सबसे जरूरी काम स्थिति को और अधिक बिगड़ने से रोकना है।
चीनी विदेश मंत्रालय की ओर से कहा गया कि क्षेत्रीय स्थिरता बनाए रखने के लिए पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच संवाद और संयम बेहद आवश्यक है। मंत्रालय ने जोर देकर कहा कि मौजूदा हालात में “सबसे तात्कालिक कार्य तनाव के और अधिक बढ़ने से बचना” है।
बीजिंग ने यह भी कहा कि वह दोनों पड़ोसी देशों के साथ संपर्क बनाए हुए है और मतभेदों को बातचीत और कूटनीतिक माध्यमों से सुलझाने के प्रयासों को आगे बढ़ाएगा। बीजिंग का मानना है कि क्षेत्रीय सुरक्षा और आर्थिक सहयोग के लिए पाकिस्तान-अफगानिस्तान संबंधों में स्थिरता बेहद अहम है।
चीन ने दोनों देशों से संयम बरतने और किसी भी प्रकार के टकराव से बचने की अपील करते हुए कहा कि विवादों को शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाना ही क्षेत्र के हित में है।
इससे पहले भी चीन मध्यस्थता की बात कर चुका है। चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने शुक्रवार को अफगानिस्तान के विदेश मंत्री अमीर खान मुत्तकी से फोन पर बात की थी। बाद में एक बयान जारी कर बताया गया कि यी ने अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच के विवादों को सैन्य ताकत के बजाय बातचीत और परामर्श के जरिए सुलझाने पर जोर दिया है।
बयान के अनुसार, वांग ने दोनों पक्षों से संयम बरतने, संवाद स्थापित करने, तत्काल युद्धविराम करने और मतभेदों को सुलझाने की अपील की। वांग यी ने कहा कि बल का और अधिक इस्तेमाल करने से स्थिति बहुत ज्यादा जटिल हो जाएगी और क्षेत्र में तनाव बढ़ेगा।
फरवरी 2026 से ही दोनों पड़ोसी देश एक दूसरे पर हवाई हमले कर रहे हैं। पाकिस्तान ने काबुल को आतंकी कैंपों को फलने-फूलने देने के लिए जिम्मेदार बताते हुए 22 फरवरी को एयर स्ट्राइक की। कथित तौर पर उसने आतंकी कैंपों और उनसे जुड़े बुनियादी ढांचों को निशाना बनाने का दावा किया। उनके इस हमले का अफगानिस्तान ने भी जवाब दिया। बॉर्डर पर पाक फौज और उसकी चौकियों को तबाह किया गया। इसके बाद से ही दोनों पक्षों के बीच तनाव चरम पर है।
--आईएएनएस
केआर/
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