Market outlook : बढ़त के साथ बंद हुआ बाजार, जानिए 17 मार्च को कैसी रह सकती है इसकी चाल
Stock Market : आज बेंचमार्क इंडेक्स में एक पुलबैक रैली देखने को मिली। निफ्टी 258 अंक ऊपर बंद हुआ,जबकि सेंसेक्स में 939 अंकों की बढ़त दर्ज की गई। सेक्टर्स की बात करें ऑटो और फाइनेंशियल इंडेक्स में 1 प्रतिशत से ज़्यादा की तेज़ी आई। जबकि ऑयल एंड गैस और रियल्टी इंडेक्स को सबसे ज़्यादा नुकसान हुआ। इनमें 1.5 प्रतिशत से ज़्यादा की गिरावट आई
पतांजलि रिसर्च सेंटर में 65000 पौधों की पेंटिंग्स का अनोखा कलेक्शन, बॉटनी के ज्ञान को देखकर हो जाएंगे दंग
हरिद्वार में पतांजलि के रिसर्च फाउंडेशन में पहुंचकर आप एक दूसरी दुनिया में पहुंच जाते हैं. यहां पर विज्ञान की गंगा बह रही है. चारों ओर से रिसर्च से जुड़ी जानकारियां यहां पर मौजूद हैं. पतांजलि का दावा है कि वह पूरी तरह से वैज्ञानिक आधार पर अपने कार्यक्रम को आगे बढ़ा रही है. इसमें रिसर्च को सबसे अधिक अहमियत दी गई है. रिसर्च सेंटर में दुनिया भर के औषधीय गुण वाले पौधों पर रिसर्च जारी है. यही नहीं अगर किसी जिज्ञासु को बॉटनी की गूण जानकारी लेनी हो तो उसे यहां से मदद मिल सकती है. आयुर्वेद को आंदोलन के रूप में स्थापित करने वाले पतांजलि आयुर्वेद संस्थान की यह बड़ी उपलब्धि है.
तीन हजार हैंड मेड पेंटिंग्स
इसके बारे में डॉ अरुण कुमार का कहना है कि सेंटर में दुनियाभर के पौधों से संबंधित जानकारी आप आसानी से प्राप्त कर सकते हैं. उन्होंने बताया कि सेंटर में तीन हजार हैंड मेड पेंटिंग्स हैं. वहीं 3500 ड्रॉइंग हैं. इस कलेक्शन को तैयार करने में दो तरह की टीम ने काम किया है. इसमें 70 आर्टिस थे. वहीं कुछ बॉटनी के शोधकर्ता थे. आर्टिस्ट का काम था कि वह पौधों को सही रंग दें ताकि ड्रॉइिंग पूरी तरह से प्राकृति लगे. वहीं बॉटनी की टीम ने इसके शेप और साइज और आइडेंटिफिकेशन पर काम किया. इस तरह 35 किलोमीटर के कपड़े पर इन पेंटिग्स को तैयार करने में सात साल लग गए.
दुर्लभ पौधों की तस्वीरें मौजूद
डॉक्टर अरुण का कहना है कि यह सोच रॉयल बॉटेनिकल गार्डन एडिनबर्ग से समाने आई है. स्वामी रामदेव ने यह अथक मेहनत है जो आज रिसर्च सेंटर में इस तरह जानकारी उपलब्ध है. इन पौधों की पेंटिंग्स से कोई भी छात्र या जिज्ञासु इसके औषधीय गुण को जान सकता है. इनमें से कई ऐसे पौधों की तस्वीरें मौजूद हैं जो दुर्लभ हैं. अब तक इतने बड़े पैमान पर यह काम पूरे देश भर में नहीं किया गया है.
पौधों को लेकर पतांजलि लगातार रिसर्च कर रहा
डॉक्टर अरण ने बताया कि पौधों को लेकर पतांजलि लगातार रिसर्च कर रहा है ताकि आयुर्वेद में नई औषधियों का अविष्कार किया जा सके. सेंटर में सदियों पुरानी पांडुलिपियां (Manuscripts) भी मौजूद हैं, जिनमें खास जानकारी उपलब्ध है. सेंटर ने इन्हें सहेज पर रखा है. इन पांडुलिपियों की मदद से पुराने जमाने की औषधियों को जानने का प्रयास किया जा रहा है. इन्हें बनाने की प्रक्रिया पर स्टडी किया जा रहा है. पौधों की मदद से लाइलाज बीमारियों के इलाज को खोजने का प्रयास हो रहा है. इन सबके बीच यहां पर सात एकड़ का एक बॉटेनिकल गार्डन भी तैयार किया गया है. जहां पर सैंकड़ों औषधीय पौधे मौजूद हैं.
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