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भास्कर अपडेट्स:दिल्ली हाईकोर्ट पहुंचा डाबर; FSSAI के 100% शुद्ध और प्राकृतिक दावों वाले प्रोडक्ट्स की बिक्री पर रोक के आदेश को चुनौती दी

डाबर इंडिया ने दिल्ली हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। कंपनी ने भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) के उस आदेश को चुनौती दी है, जिसमें '100% शुद्ध' और '100% प्राकृतिक' जैसे दावे करने वाले प्रोडक्ट्स की बिक्री पर रोक लगाई गई है। कंपनी ने इस आदेश को लेकर कोर्ट से राहत की मांग की है। आज की बाकी बड़ी खबरें… सरकार ने सोशल मीडिया से आपत्तिजनक पोस्ट हटाने का समय घटाया, 2 घंटे में हटाना होगा सरकार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के लिए नियमों में बड़ा बदलाव किया है। अब संवेदनशील मामलों में ऑनलाइन कंटेंट को हटाने के लिए समय सीमा को 24 घंटे से घटाकर 2 घंटे कर दिया गया है। गुरुवार को एक आधिकारिक बयान में इसकी जानकारी दी गई है। सरकार ने यह कदम ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर तेजी से फैल रही आपत्तिजनक और संवेदनशील सामग्री पर लगाम लगाने के लिए उठाया है, ताकि गलत सूचना, हिंसा भड़काने वाली सामग्री और अन्य गंभीर मामलों पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। अब तक सोशल मीडिया कंपनियों को किसी भी संवेदनशील कंटेंट को हटाने के लिए 24 घंटे का समय दिया जाता था। सरकार के नए निर्देश के बाद अब कंपनियों को इस अवधि के भीतर ही कार्रवाई पूरी करनी होगी। सियालदह स्टेशन पर लगेगा भारत-पाक बंटवारे के पीड़ितों का दर्द दिखाने वाला मेमोरियल केंद्र सरकार ने कोलकाता के सियालदह रेलवे स्टेशन परिसर में बंटवारे के पीड़ितों की याद में एक मेमोरियल स्टेच्यू लगाने की योजना बनाई है। केंद्रीय संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने गुरुवार शाम 80वें स्वतंत्रता दिवस से पहले आयोजित एक कार्यक्रम में कहा कि भारतीय रेलवे ने पश्चिम बंगाल की राजधानी के स्टेशन परिसर में मूर्ति के लिए जगह आवंटित की है।

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अमेरिका में पहली बार 'बर्थ टूरिज्म' पर रोक:यहां पैदा हुए विदेशियों के बच्चे को नागरिकता नहीं मिलेगी; ट्रम्प बोले- बर्थराइट सिटीजनशिप मजाक बन गई थी

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने एक बार फिर अमेरिका में जन्म लेने वाले लोगों को नागरिकता मिलने के दायरे को सीमित करने की कोशिश की है। राष्ट्रपति ने बताया कि उन्होंने इमिग्रेशन से जुड़े दो कार्यकारी आदेश साइन किए हैं। इनमें से एक अमेरिका में पैदा होने वाले उन लोगों की संख्या को सीमित करेगा, जो यहां नागरिकता पाने के हकदार हैं। ट्रम्प ने बताया कि दूसरा आदेश 'बर्थ टूरिज्म' पर लगाम लगाने के लिए है। इसके तहत उन विदेशी पर्यटकों पर वीजा प्रतिबंध बढ़ाए जाएंगे, जो अमेरिका में आकर बच्चे को जन्म देना चाहते हैं। इससे पहले बर्थराइट सिटीजनशिप को सीमित करने की कोशिश को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया था, लेकिन अब वे दोबारा इसके लिए कोशिश कर रहे हैं। हालांकि, इन आदेशों के बारे में अभी ज्यादा जानकारी नहीं दी गई है, लेकिन ट्रम्प का मानना है कि उनके ये नए कदम संवैधानिक होंगे। जून में अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया था इससे पहले जून में अमेरिका के सुप्रीम कोर्ट ने बर्थराइट सिटीजनशिप को बरकरार रखा था। कोर्ट ने ट्रम्प के उन पिछले प्रयासों को खारिज कर दिया था, जिनमें उन्होंने यह घोषित करने की कोशिश की थी कि अमेरिका में अवैध-अस्थायी रूप से रह रहे लोगों के बच्चे अमेरिकी नागरिक नहीं हैं। कोर्ट ने कहा था कि अमेरिका में गैर-कानूनी या अस्थायी रूप से मौजूद लोगों के बच्चे अपने-आप अमेरिकी नागरिकता पाने के हकदार हैं। कोर्ट ने 'यूनाइटेड स्टेट्स बनाम वोंग किम आर्क' मामले में अपने पहले के फैसले का भी हवाला दिया और कहा कि विदेशी माता-पिता से अमेरिका में पैदा हुए बच्चे इसके हकदार हैं। कैसे मिला था बर्थराइट सिटीजनशिप का अधिकार व्हाइट हाउस के सलाहकार स्टीफन मिलर ने कहा कि ये एग्जीक्यूटिव एक्शन 14वें संशोधन के मूल मकसद पर आधारित हैं। अमेरिकी संविधान में किया गया 14वां संशोधन खास तौर पर गृह युद्ध के बाद इसलिए बनाया गया था ताकि यह पक्का किया जा सके कि गुलामों के बच्चे नागरिक बन सकें। इसका उद्देश्य हर विदेशी नागरिक के बच्चे को स्वतः नागरिकता देना नहीं था। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति, ऐसी नागरिकता के लिए अयोग्य लोगों की कैटेगरी का दायरा बढ़ाने के लिए कमांडर-इन-चीफ के तौर पर अपने अधिकार का इस्तेमाल कर रहे हैं। बर्थराइट-बर्थ टूरिज्म पर नए आदेश का असर 2024 में बर्थ टूरिज्म से पैदा हुए बच्चों की संख्या 9600 थी ट्रम्प प्रशासन इसे बहुत बड़े खतरे के रूप में पेश कर रहा है, लेकिन आधिकारिक आंकड़े कुछ और बताते हैं। माइग्रेशन पॉलिसी इंस्टीट्यूट (MPI) के मुताबिक अमेरिका में हर साल जन्म लेने वाले बच्चों में से एक बहुत ही छोटा हिस्सा 'बर्थ टूरिज्म' से जुड़ा है। एक अनुमान के मुताबिक 22,000 से 26,000 बच्चों के पेरेंट्स अमेरिकी नागरिकता पाने के मकसद से वहां पहुंचते हैं। 2024 के सरकारी आंकड़ों में विदेशी पते वाली मांओं के केवल 9,600 जन्म दर्ज किए गए थे। -------------- ट्रम्प से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… ट्रम्प की सख्ती से भारतीय छात्रों का अमेरिका जाना कम: पाकिस्तान-बांग्लादेश के छात्रों को ज्यादा वीजा अमेरिका में पढ़ाई का सपना देखने वाले भारतीय छात्रों के लिए अब राह पहले जैसी आसान नहीं रही। ट्रम्प सरकार की सख्त इमिग्रेशन पॉलिसी के बीच 2025 में भारतीय छात्रों को मिलने वाले F-1 स्टूडेंट वीजा में बड़ी गिरावट आई है। इसके उलट पाकिस्तान, बांग्लादेश और वियतनाम जैसे देशों के छात्रों को पहले के मुकाबले ज्यादा वीजा मिले हैं। पढ़ें पूरी खबर…

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भारत का वो गांव जिसमें सिर्फ 100 घर, लेकिन चार साल में दिए 120 ट्रॉफियां और 179 मेडल, यहां से किसान नहीं चेस मास्टर निकलते हैं

gujarat chess village: गुजरात के महिसागर जिले का रातूसिंह ना मुवाड़ा गांव आज चेस की नई पहचान बन चुका है. सीमित संसाधनों और जर्जर सरकारी स्कूल के बावजूद यहां के बच्चों ने नेशनल और इंटरनेशनल लेवल पर अपनी अलग छाप छोड़ी है. इस बदलाव के पीछे एक मैथ्स टीचर का जुनून और बड़ा सपना है. Fri, 7 Aug 2026 11:48:48 +0530

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JPSC Student Protest: JPSC-JSSC परीक्षा विवाद में बड़ी खबर! | Students | Government Exam #tmktech #vivo #v29pro
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Delhi Waterlogging Tragedy: नाले में बच्चे के गिरने ही मचा हड़कंप. दिल दहला देने वाली घटना #tmktech #vivo #v29pro
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