वैश्विक सभ्यता पहल अस्थिर दुनिया में स्थिरता देती है
बीजिंग, 15 मार्च (आईएएनएस)। अंतर्राष्ट्रीय समुदाय अपनी उथल-पुथल के बीच अप्रत्याशित और बड़े बदलावों से गुजर रही है। सभी देश स्थिरता चाहते हैं। इसमें विभिन्न सभ्यताओं के बीच सहनशीलता और आपसी सीख एक अहम विषय है।
चाइना मीडिया ग्रुप (सीएमजी) के अधीनस्थ सीजीटीएन ने हाल में चीन के रेनमिन विश्वविद्यालय के साथ 41 देशों के 12,302 नेटीजनों में एक सर्वेक्षण किया। उत्तरदाताओं ने चीन द्वारा प्रस्तुत वैश्विक सभ्यता पहल की प्रशंसा की। उनका व्यापक मानना है कि पहल में शामिल सांस्कृतिक विविधता का सम्मान और मानव जाति के साझा मूल्य का विकास आदि मुख्य विचारधारा का वर्तमान अंतर्राष्ट्रीय स्थिति में अधिक व्यावहारिक महत्व है।
चीन का हमेशा यही विचार है कि सांस्कृतिक आदान-प्रदान के माध्यम से सांस्कृतिक बाधाओं को पार करें। सभ्यताओं के बीच आपसी सीख के माध्यम से सभ्यताओं के टकराव को पार करें। सभ्यता समावेशिता के माध्यम से सभ्यता की श्रेष्ठता को पार करें। सर्वेक्षण में शामिल 90.8 उत्तरदाताओं का मानना है कि सांस्कृतिक विविधता का सम्मान अंतरराष्ट्रीय समुदाय में पालन किए जाने वाला बुनियादी सिद्धांत होना चाहिए।
77.2 प्रतिशत उत्तरदाताओं के विचार में सभ्यताओं में ऊंचे-नीचे और श्रेष्ठ-अश्रेष्ठ का कोई फर्क नहीं है। 87.7 प्रतिशत उत्तरदाताओं ने कहा कि सभी सभ्यताओं के साथ समान व्यवहार किया जाना चाहिए।
चीन का हमेशा यही विचार है कि शांति, विकास, निष्पक्षता, न्याय, लोकतंत्र और स्वतंत्रता सभी देशों के लोगों का साझा लक्ष्य है। मूल्य के अर्थ पर विभिन्न सभ्यताओं के अलग-अलग समझ का पूरा सम्मान और समझ किया जाना चाहिए। सर्वेक्षण में शामिल 91.8 फीसदी नेटीजनों ने इसका समर्थन किया। 87.7 प्रतिशत उत्तरदाताओं ने कहा कि शांति और विकास फिर भी वर्तमान दुनिया में मुख्य विषय है। 81 फीसदी उत्तरदाताओं ने विभिन्न देशों से वैचारिक पूर्वाग्रह छोड़कर सांस्कृतिक विविधता का सम्मान करने की अपील की।
वहीं, आर्थिक वैश्वीकरण के युग में विभाजन रेखा के बजाय संपर्क के पुल की ज़रूरत है। सर्वेक्षण में शामिल 87.4 प्रतिशत उत्तरदाताओं के विचार में सभ्यताओं के बीच बातचीत अंतर्राष्ट्रीय मुठभेड़ को कारगर से कम कर सकती है और विश्व शांति बढ़ा सकती है। 89.5 फीसदी उत्तरदाताओं का मानना है कि सभ्यताओं के बीच आदान-प्रदान अंतर्राष्टीय सहयोग के लिए महत्वपूर्ण आधार तैयार करता है। वहीं, 89.8 प्रतिशत उत्तरदाताओं के विचार में विभिन्न सभ्यताओं के बीच आवाजाही मानव प्रगति को बढ़ावा दे सकती है।
गौरतलब है कि वर्तमान सर्वेक्षण ऑनलाइन पर किया गया। उत्तरदाता मुख्य विकसित देशों और वैश्विक दक्षिण देशों से आते हैं।
(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)
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ग्राहक ऑनलाइन बुक करें एलपीजी सिलेंडर, देश में पेट्रोल-डीजल की कोई कमी नहीं : केंद्र
नई दिल्ली, 15 मार्च (आईएएनएस)। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने रविवार को कहा कि भारत पेट्रोल और डीजल के उत्पादन में आत्मनिर्भर बना हुआ है और देश की सभी रिफाइनरी घरेलू मांग को पूरा करने के लिए उच्च क्षमता पर काम कर रही हैं और किसी प्रकार के ईंधन आयात की आवश्यकता नहीं है।
साथ ही, मंत्रालय ने कहा कि देश में कच्चे तेल की पर्याप्त इंवेंट्री को बनाए रखा जा रहा है। पेट्रोल और डीजल की नियमित रूप से आपूर्ति के चलते इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम जैसी तेल विपणन कंपनियों के रिटेल आउटलेट्स पर ईंधन की कमी की कोई रिपोर्ट नहीं मिली है।
मंत्रालय ने कहा कि नागरिकों को सलाह दी जाती है कि वे घबराकर खरीदारी न करें, क्योंकि देश भर में पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है।
बयान में आगे कहा गया कि सरकार घरेलू और प्राथमिकता वाले क्षेत्रों जैसे अस्पतालों और शैक्षिक संस्थानों में एलपीजी की आपूर्ति को बनाए रखने को वरीयता दे रही है।
मंत्रालय के कहा, नागरिकों को घबराने की जरूरत नहीं है क्योंकि सरकार घरों और आवश्यक क्षेत्रों के लिए पर्याप्त एलपीजी उपलब्धता बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है। एलपीजी सिलेंडर कई डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से बुक किए जा सकते हैं, जिनमें आईवीआरएस कॉल, एसएमएस बुकिंग, व्हाट्सएप बुकिंग और ओएमसी के मोबाइल एप्लिकेशन शामिल हैं।
ओएमसी भी डिजिटल बुकिंग को बढ़ावा दे रही हैं, घबराहट में बुकिंग करने से मना कर रही हैं और सुचारू आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए रविवार को भी एलपीजी वितरकों के कार्यालय खुले रख रही हैं।
मंत्रालय ने कहा कि उपभोक्ताओं से अनुरोध है कि वे घबराहट में बुकिंग न करें, डिजिटल बुकिंग प्लेटफॉर्म का उपयोग करें और एलपीजी वितरकों के पास अनावश्यक रूप से जाने से बचें।
मौजूदा भू-राजनीतिक स्थिति को देखते हुए एलपीजी आपूर्ति की निगरानी जारी है। एलपीजी बुकिंग में गिरावट देखी गई है, शुक्रवार को 88.8 लाख बुकिंग के मुकाबले शनिवार को लगभग 77 लाख बुकिंग दर्ज की गईं। ऑनलाइन एलपीजी सिलेंडर बुकिंग 84 प्रतिशत से बढ़कर लगभग 87 प्रतिशत हो गई है।
बयान में कहा गया है कि प्राथमिकता वाले क्षेत्रों को सुरक्षित गैस आपूर्ति जारी है, जिसमें पीएनजी और सीएनजी की 100 प्रतिशत आपूर्ति शामिल है, जबकि औद्योगिक और वाणिज्यिक उपभोक्ताओं को आपूर्ति लगभग 80 प्रतिशत पर नियंत्रित की जा रही है।
मंत्रालय ने कहा कि प्रमुख शहरों और शहरी क्षेत्रों में वाणिज्यिक एलपीजी उपभोक्ताओं को पीएनजी कनेक्शन का विकल्प चुनने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है और वे ईमेल, पत्र या सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (सीजीडी) कंपनियों के ग्राहक पोर्टल के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं।
रिफाइनरियों से घरेलू एलपीजी उत्पादन को अधिकतम कर दिया गया है और उपभोक्ताओं से ऑनलाइन रिफिल बुक करने का आग्रह किया गया है। समान वितरण सुनिश्चित करने के लिए शहरी क्षेत्रों में बुकिंग अंतराल को 25 दिन और ग्रामीण क्षेत्रों में 45 दिन तक सीमित कर दिया गया है।
वैकल्पिक ईंधन की जरूरतों को पूरा करने के लिए राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को 48,000 किलोलीटर केरोसिन का अतिरिक्त आवंटन किया गया है।
एलपीजी आपूर्ति पर दबाव कम करने के लिए आतिथ्य और रेस्तरां सहित कुछ क्षेत्रों में केरोसिन और कोयले जैसे वैकल्पिक ईंधनों को एक्टिव कर दिया गया है।
--आईएएनएस
एबीएस/
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