'वसंत में चीन' पर वैश्विक वार्ता अमेरिका में आयोजित
बीजिंग, 15 मार्च (आईएएनएस)। चाइना मीडिया ग्रुप (सीएमजी) ने 13 मार्च को अमेरिका के न्यूयॉर्क में वसंत में चीन : चीन का विकास और वैश्विक अवसर पर वैश्विक वार्ता आयोजित किया।
चीन और अमेरिका के करीब सौ मेहमानों ने इसमें भाग लिया। इसके साथ वसंत में चीन : चीन का विकास और वैश्विक अवसर पर वैश्विक वार्ता की सीरीज शुरू हो गई।
इस मौके पर सीएमजी के महानिदेशक शन हाईश्योंग ने वीडियो संदेश भेजा। उन्होंने कहा कि नए युग में चीन को देखने की अहम खिड़की होने के नाते वर्तमान दो सत्र पर दुनिया का ध्यान फिर एक बार आकर्षित हुआ। इस साल के दो सत्र में 15वीं पंचवर्षीय योजना आदि महत्वपूर्ण दस्तावेज पारित किए गए। चीन के उच्च गुणवत्ता वाले विकास से दुनिया को नए अवसर मिलेंगे।
शन हाईश्योंग ने कहा कि इस साल के दो सत्र के दौरान चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने उच्च स्तरीय खुलापन बढ़ाने, वैश्विक बाजार का विस्तार करने और अंतर्राष्ट्रीय चक्र के साथ अंतर्संबंध बेहतर बनाने पर जोर दिया। इससे खुलापन बढ़ाने का चीन का दृढ़ संकल्प जाहिर हुआ।
इस साल से चीन में नई गुणवत्ता वाली उत्पादक शक्तियों का तेज विकास हो रहा है। सीएमजी अपनी श्रेष्ठता का फायदा उठाकर 85 भाषाओं, 192 विदेशी स्टेशनों और सीजीटीएन आदि कन्वर्ज्ड मीडिया प्लेटफॉर्मों पर निर्भर रहते हुए वैश्विक दोस्तों के साथ चीन में विकास के नए अवसर साझा करेगा और सांस्कृतिक आदान-प्रदान बढ़ाएगा, ताकि मानव जाति साझे भविष्य वाले समुदाय के निर्माण में योगदान किया जा सके।
वहीं, वैश्विक वार्ता में अमेरिका स्थित चीनी राजदूत श्ये फंग, अमेरिका-चीन व्यापार परिषद के अध्यक्ष सीन स्टीन और कोलंबिया विश्वविद्यालय के प्रोफेसर जेफरी सैक्स ने भी वीडियो संदेश भेजा। निवेश और प्रौद्योगिकी क्षेत्र के कई मेहमानों ने चीन में तकनीकी नवाचार और उच्च गुणवत्ता वाले विकास से दुनिया को दिए गए अवसर आदि विषयों पर गहन रूप से विचार-विमर्श किया।
बताया जाता है कि वसंत में चीन : चीन का विकास और वैश्विक अवसर पर वैश्विक वार्ता यूरोप, अफ्रीका, मध्य-पूर्व, लैटिन अमेरिका और एशिया के कई देशों में क्रमशः आयोजित होगी।
(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)
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डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
वैश्विक सभ्यता पहल अस्थिर दुनिया में स्थिरता देती है
बीजिंग, 15 मार्च (आईएएनएस)। अंतर्राष्ट्रीय समुदाय अपनी उथल-पुथल के बीच अप्रत्याशित और बड़े बदलावों से गुजर रही है। सभी देश स्थिरता चाहते हैं। इसमें विभिन्न सभ्यताओं के बीच सहनशीलता और आपसी सीख एक अहम विषय है।
चाइना मीडिया ग्रुप (सीएमजी) के अधीनस्थ सीजीटीएन ने हाल में चीन के रेनमिन विश्वविद्यालय के साथ 41 देशों के 12,302 नेटीजनों में एक सर्वेक्षण किया। उत्तरदाताओं ने चीन द्वारा प्रस्तुत वैश्विक सभ्यता पहल की प्रशंसा की। उनका व्यापक मानना है कि पहल में शामिल सांस्कृतिक विविधता का सम्मान और मानव जाति के साझा मूल्य का विकास आदि मुख्य विचारधारा का वर्तमान अंतर्राष्ट्रीय स्थिति में अधिक व्यावहारिक महत्व है।
चीन का हमेशा यही विचार है कि सांस्कृतिक आदान-प्रदान के माध्यम से सांस्कृतिक बाधाओं को पार करें। सभ्यताओं के बीच आपसी सीख के माध्यम से सभ्यताओं के टकराव को पार करें। सभ्यता समावेशिता के माध्यम से सभ्यता की श्रेष्ठता को पार करें। सर्वेक्षण में शामिल 90.8 उत्तरदाताओं का मानना है कि सांस्कृतिक विविधता का सम्मान अंतरराष्ट्रीय समुदाय में पालन किए जाने वाला बुनियादी सिद्धांत होना चाहिए।
77.2 प्रतिशत उत्तरदाताओं के विचार में सभ्यताओं में ऊंचे-नीचे और श्रेष्ठ-अश्रेष्ठ का कोई फर्क नहीं है। 87.7 प्रतिशत उत्तरदाताओं ने कहा कि सभी सभ्यताओं के साथ समान व्यवहार किया जाना चाहिए।
चीन का हमेशा यही विचार है कि शांति, विकास, निष्पक्षता, न्याय, लोकतंत्र और स्वतंत्रता सभी देशों के लोगों का साझा लक्ष्य है। मूल्य के अर्थ पर विभिन्न सभ्यताओं के अलग-अलग समझ का पूरा सम्मान और समझ किया जाना चाहिए। सर्वेक्षण में शामिल 91.8 फीसदी नेटीजनों ने इसका समर्थन किया। 87.7 प्रतिशत उत्तरदाताओं ने कहा कि शांति और विकास फिर भी वर्तमान दुनिया में मुख्य विषय है। 81 फीसदी उत्तरदाताओं ने विभिन्न देशों से वैचारिक पूर्वाग्रह छोड़कर सांस्कृतिक विविधता का सम्मान करने की अपील की।
वहीं, आर्थिक वैश्वीकरण के युग में विभाजन रेखा के बजाय संपर्क के पुल की ज़रूरत है। सर्वेक्षण में शामिल 87.4 प्रतिशत उत्तरदाताओं के विचार में सभ्यताओं के बीच बातचीत अंतर्राष्ट्रीय मुठभेड़ को कारगर से कम कर सकती है और विश्व शांति बढ़ा सकती है। 89.5 फीसदी उत्तरदाताओं का मानना है कि सभ्यताओं के बीच आदान-प्रदान अंतर्राष्टीय सहयोग के लिए महत्वपूर्ण आधार तैयार करता है। वहीं, 89.8 प्रतिशत उत्तरदाताओं के विचार में विभिन्न सभ्यताओं के बीच आवाजाही मानव प्रगति को बढ़ावा दे सकती है।
गौरतलब है कि वर्तमान सर्वेक्षण ऑनलाइन पर किया गया। उत्तरदाता मुख्य विकसित देशों और वैश्विक दक्षिण देशों से आते हैं।
(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)
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