ये हैं IPL 2026 के 3 सबसे युवा कप्तान, जानें कैसा है उनका कैप्टेंसी रिकॉर्ड
IPL 2026: आईपीएल 2026 की शुरुआत इसी महीने 28 मार्च से होने वाली है. टूर्नामेंट की तैयारियां जोरो-शोरो से चल रही है. लीग के पहले मैच में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और सनराइजर्स हैदराबाद की भिड़ंत होगी. वहीं आईपीएल के 19वें सीजन के लिए सभी 10 टीमों के कप्तान तय हो चुके हैं. संजू सैमसन के जाने के बाद राजस्थान रॉयल्स ने 24 वर्षीय खिलाड़ी रियान पराग को अपना कप्तान बनाया है, तो आइए इस ऑर्टिकल में आईपीएल 2026 के 3 सबसे युवा कप्तान और उनके कप्तानी रिकॉर्ड के बारे में बताते हैं...
रियान पराग( Riyan Parag) - उम्र 24 साल
आईपीएल 2026 का सबसे युवा कप्तान राजस्थान रॉयल्स के 24 वर्षीय रियान पराग हैं. IPL 2026 ऑक्शन से पहले संजू सैसमन को लेकर राजस्थान रॉयल्स और चेन्नई सुपर किंग्स के बीच एक बड़ी ट्रेड डील हुए थी. राजस्थान रॉयल्स ने संजू सैमसन को चेन्नई सुपर किंग्स में भेजा और उनसे ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा और सैम करन को अपने टीम में शामिल किया. संजू के सीएसके में जाने के बाद राजस्थान रॉयल्स को कप्तान की तलाश थी, जिसके रियान पराग के अलावा यशस्वी जायसवाल भी शामिल थे, लेकिन राजस्थान रॉयल्स ने रियान पराग को भरोसा जताते हुए उन्हें टीम का कप्तान बनाया है.
रियान पराग का आईपीएल कप्तानी रिकॉर्ड
रियान पराग ने पिछले सीजन आईपीएल 2025 में संजू सैमसन के चोटिल होने की वजह से राजस्थान रॉयल्स की कप्तानी की थी. उन्होंने IPL 2025 में कुल 8 मैचों में कप्तानी की थी, जिसमें से राजस्थान रॉयल्स को 6 मैचों में हार का सामना करना पड़ा था, जबकि सिर्फ 2 मैचों में जीत मिली थी. हालांकि फिर भी राजस्थान रॉयल्स ने 24 वर्षीय रियान पराग को कप्तानी सौंपी है. अब देखने वाली बात होगी कि पराग की कप्तानी में आगामी सीजन में राजस्थान रॉयल्स का प्रदर्शन कैसा रहता है.
शुभमन गिल (Shubman Gill) - उम्र 26 साल
गुजरात टाइटंस के कप्तान शुभमन गिल आईपीएल 2026 के दूसरे सबसे युवा कप्तान हैं. आईपीएल 2024 में हार्दिक पांड्या के मुंबई इंडियंस में जाने के बाद गुजरात टाइटंस ने शुभमन गिल को कप्तान बनाया था. शुभमन गिल ने अब तक गुजरात टाइटंस की अच्छी कप्तानी की है.
शुभमन गिल आईपीएल कप्तानी रिकॉर्ड
गिल ने आईपीएल में अब तक कुल 28 मैचों में कप्तानी की है, जिसमें से 14 मैचों में जीत मिली है. जबकि 14 मैचों में हार का सामना करना पड़ा है. देखा जाए तो गिल का बतौर कप्तान जीत प्रतिशत लगभग 50 का रहा है. पिछले सीजन गिल की कप्तानी में गुजरात टाइटंस ने प्लेऑफ में भी जगह बनाया था. अब देखने वाली बात होगी कि इस सीजन GT का प्रदर्शन कैसा रहता है.
ऋषभ पंत (Rishabh Pant) - उम्र 28 साल
लखनऊ सुपर जायंट्स के कप्तान ऋषभ पंत आईपीएल 2026 के तीसरे सबसे युवा कप्तान हैं. पंत ने आईपीएल 2021 में श्रेयस अय्यर के चोटिल होने के बाद दिल्ली कैपिटल्स की कप्तानी संभाली थी. वहीं साल 2022 में कार एक्सीडेंट होने के बाद पंत आईपीएल 2023 का पूरा सीजन नहीं खेल पाए थे. इसके बाद आईपीएल 2024 में उन्होंने वापसी की. हालांकि इसके बाद पंत ने आईपीएल 2025 के मेगा ऑक्शन में जाने का फैसला लिया और इतिहास रच दिया. IPL 2025 के मेगा ऑक्शन में लखनऊ सुपर जायंट्स ने ऋषभ पंत को 27 करोड़ रुपये में खरीदकर आईपीएल इतिहास का सबसे महंगा खिलाड़ी बनाया और उन्हें कप्तानी सौंपी.
ऋषभ पंत का आईपीएल कप्तानी रिकॉर्ड
ऋषभ पंत ने आईपीएल में अब तक कुल 43 मैचों में कप्तानी की है. इस दौरान उन्होंने 23 मैचों में जीत हासिल किया है. जबकि 19 मैचों में हार का सामना करना पड़ा है. वहीं एक मैच टाई रहा है. ऋषभ पंत का बतौर कप्तान जीत प्रतिशत 53% रहा है. पंत की कप्तानी में पिछले सीजन लखनऊ सुपर जायंट्स का प्रदर्शन कुछ खास नहीं रहा था. अब देखने वाली बात होगी की IPL 2026 में LSG क्या कमाल दिखाती है.
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LPG की किल्लत में इंडक्शन का बूम! जानें 1 घंटे में कितनी बिजली खाता है, गैस से सस्ता या महंगा?
LPG Gas: अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान पर हमले के बाद पश्चिम एशिया में तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है. इस संघर्ष का असर अब सिर्फ राजनीतिक या सैन्य स्तर तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि इसका प्रभाव ऊर्जा बाजार और आम लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी पर भी पड़ने लगा है. भारत में भी इस स्थिति को लेकर चिंता बढ़ रही है, खासकर घरेलू रसोई में इस्तेमाल होने वाले गैस सिलेंडर की आपूर्ति को लेकर.
इसलिए मंडराने लगा ऊर्जा आपूर्ति का खतरा
दरअसल, ईरान और इजराइल के बीच बढ़ते तनाव के कारण हॉर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाली ऊर्जा आपूर्ति पर खतरा मंडराने लगा है. यह जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे अहम ऊर्जा मार्गों में से एक माना जाता है, जहां से बड़ी मात्रा में कच्चा तेल और गैस की सप्लाई होती है. अगर यहां आपूर्ति बाधित होती है तो इसका असर वैश्विक ऊर्जा बाजार पर पड़ना तय है.
क्यों गैस के वकल्प तलाश रहे लोग?
भारत भी अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए काफी हद तक आयात पर निर्भर है. ऐसे में अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल और गैस की आपूर्ति प्रभावित होती है तो गैस सिलेंडर की कीमतों और उपलब्धता पर भी असर पड़ सकता है. इसी आशंका के कारण कई घरों में लोग अब गैस के विकल्प तलाशने लगे हैं. इसी वजह से इन दिनों बाजार में इंडक्शन कुकटॉप की मांग तेजी से बढ़ती दिखाई दे रही है.
इंडक्शन खरीदने वालों की संख्या में इजाफा
इलेक्ट्रॉनिक्स बाजार के कई व्यापारियों का कहना है कि पिछले कुछ दिनों में इंडक्शन खरीदने वालों की संख्या पहले की तुलना में ज्यादा हो गई है. कई परिवार इसे गैस के बैकअप विकल्प के तौर पर खरीद रहे हैं, ताकि किसी भी संभावित गैस किल्लत की स्थिति में खाना बनाने में परेशानी न हो.
क्या है कुकटॉप की खासियत?
इंडक्शन कुकटॉप की खास बात यह है कि इसमें खाना जल्दी और साफ तरीके से बन जाता है. इसमें गैस की तरह आग नहीं होती, बल्कि बिजली के माध्यम से गर्मी पैदा होती है, जिससे बर्तन गर्म होकर खाना पकाते हैं. यही वजह है कि कई लोग इसे सुरक्षित और सुविधाजनक विकल्प भी मानते हैं. हालांकि, इंडक्शन के इस्तेमाल को लेकर लोगों के मन में एक सवाल अक्सर रहता है कि इसे चलाने पर कितनी बिजली खर्च होती है. आमतौर पर घरेलू इंडक्शन कुकटॉप की क्षमता 1200 वॉट से लेकर 2200 वॉट तक होती है.
कैसे होती है बिजली की खपत?
अगर कोई व्यक्ति 2000 वॉट का इंडक्शन कुकटॉप एक घंटे तक इस्तेमाल करता है तो लगभग 2 यूनिट बिजली की खपत होती है. इसी तरह अगर 1200 वॉट का इंडक्शन इस्तेमाल किया जाए तो एक घंटे में करीब 1.2 यूनिट बिजली खर्च होती है. यानी बिजली की खपत इस बात पर निर्भर करती है कि इंडक्शन की क्षमता कितनी है और उसे कितनी देर तक चलाया जाता है.
सरकार के प्रयास लगातार जारी
उधर, सरकार भी एलपीजी गैस की स्थिति पर नजर बनाए हुए है. अधिकारियों का कहना है कि गैस की आपूर्ति को सामान्य बनाए रखने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं और जरूरत पड़ने पर वैकल्पिक आपूर्ति व्यवस्था पर भी काम किया जा सकता है.
क्या कहते हैं विशेषज्ञ?
ऊर्जा क्षेत्र के विशेषज्ञों का मानना है कि जब भी वैश्विक स्तर पर तनाव बढ़ता है, तो ऊर्जा बाजार में उतार-चढ़ाव आना स्वाभाविक है. ऐसे समय में घरेलू स्तर पर गैस के साथ-साथ इंडक्शन जैसे वैकल्पिक उपकरण रखना उपयोगी साबित हो सकता है. हालांकि इसका इस्तेमाल करते समय बिजली की खपत और लागत को समझना भी जरूरी है, ताकि घरेलू बजट पर ज्यादा असर न पड़े.
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