फरारी की 849 टेस्टारोसा भारत में लॉन्च:कीमत ₹10.37 करोड़, टॉप स्पीड 330kmph; लैंबॉर्गिनी रेव्यूल्टो को टक्कर देगी
फरारी ने अपनी नई फ्लैगशिप कार '849 टेस्टारोसा' को भारत में लॉन्च कर दिया है। इसकी एक्स-शोरूम कीमत 10.37 करोड़ रुपए से शुरू है। यह कार कंपनी के पिछले फ्लैगशिप मॉडल SF90 स्ट्राडेल की जगह लेगी। भारत में इसका सीधा मुकाबला लैंबॉर्गिनी रेव्यूल्टो से होगा। कंपनी ने बताया कि भारत में कार की डिलीवरी 2026 की दूसरी छमाही से शुरू होगी। यह कार उन लोगों के लिए डिजाइन की गई है जो लग्जरी के साथ-साथ ट्रैक जैसी परफॉर्मेंस चाहते हैं। हाइब्रिड इंजन: सिर्फ 2.3 सेकंड में 0 से 100 की रफ्तार टेस्टारोसा में 4.0-लीटर का ट्विन-टर्बो V8 प्लग-इन हाइब्रिड इंजन दिया गया है। इसमें तीन इलेक्ट्रिक मोटर्स लगी हैं। दो फ्रंट एक्सेल पर और एक इंजन और गियरबॉक्स के बीच में। इसका V8 इंजन अकेले 830hp की पावर जेनरेट करता है, लेकिन इलेक्ट्रिक मोटर्स के साथ मिलकर इसकी कुल पावर 1,050hp तक पहुंच जाती है। रफ्तार की बात की जाए तो यह महज 2.3 सेकंड में 0 से 100 किलोमीटर प्रति घंटे की स्पीड पकड़ लेती है। इसकी टॉप स्पीड 330 किलोमीटर प्रति घंटा है। इलेक्ट्रिक मोड पर भी चलेगी कार इसमें 7.45kWh की बैटरी भी दी गई है। कंपनी का दावा है कि सिर्फ इलेक्ट्रिक मोड पर यह कार 16 से 25 किलोमीटर तक की दूरी तय कर सकती है। इसमें 8-स्पीड डुअल क्लच ट्रांसमिशन (DCT) गियरबॉक्स दिया गया है, जो चारों पहियों को पावर सप्लाई करता है। एक्सटीरियर: पुराने दौर की याद दिलाती है कार के नाम में 'टेस्टारोसा' शब्द जुड़ा है, जो फरारी की क्लासिक कारों की याद दिलाता है। सामने की तरफ L-शेप्ड LED हेडलाइट्स दी गई हैं, जो एक ग्लॉस ब्लैक ट्रिम से जुड़ी हैं। साइड प्रोफाइल में बड़े अलॉय व्हील्स और ब्लैक-आउट छत दी गई है। कार के पिछले हिस्से में दो ऊंचे एग्जॉस्ट और स्लिम LED टेल-लैंप्स दिए गए हैं, जो इसे एग्रेसिव लुक देते हैं। इंटीरियर: बिना टचस्क्रीन वाला डैशबोर्ड, 16 इंच का डिस्प्ले कार के डैशबोर्ड पर पारंपरिक इंफोटेनमेंट टचस्क्रीन नहीं है। इसकी जगह ड्राइवर के लिए 16 इंच का बड़ा डिजिटल डिस्प्ले दिया गया है, जिसमें कार की सारी जानकारी मिलती है। वहीं, बगल में बैठे पैसेंजर के लिए एक अलग 9 इंच की स्लिम स्क्रीन दी गई है। स्टीयरिंग व्हील पर ही कई फिजिकल कंट्रोल बटन दिए गए हैं ताकि ड्राइवर का ध्यान न भटके। इसमें 7-स्पीकर वाला साउंड सिस्टम और वायरलेस एप्पल कारप्ले और एंड्रॉइड ऑटो की सुविधा भी मिलेगी। CEO बोले- भारत में सुपरकार्स का बाजार तेजी से बढ़ रहा फरारी के CEO बेनेडेटो विग्ना के मुताबिक, भारत में सुपरकार्स का बाजार तेजी से बढ़ रहा है। यहां के ग्राहक अब ग्लोबल लॉन्च के साथ ही नई कारों की डिमांड कर रहे हैं। वर्तमान में फरारी की मुंबई और दिल्ली में डीलरशिप है और बेंगलुरु में सर्विस सेंटर है। भारत में फरारी मालिकों की औसत उम्र दुनिया के अन्य देशों के मुकाबले काफी कम है। नॉलेज पार्ट: क्या होता है प्लग-इन हाइब्रिड (PHEV) ऐसी कारें जिनमें पेट्रोल इंजन के साथ-साथ एक बड़ी बैटरी और इलेक्ट्रिक मोटर होती है। इन्हें बाहर से बिजली के जरिए चार्ज किया जा सकता है। ये कारें पूरी तरह बिजली पर भी चल सकती हैं और जरूरत पड़ने पर पेट्रोल इंजन का इस्तेमाल करती हैं, जिससे ज्यादा पावर और बेहतर माइलेज मिलता है।
राजपाल यादव बोले:‘भूत बंगला’ में हॉरर और कॉमेडी दोनों, प्रियन सर की फिल्म के लिए रोल नहीं पूछता
अक्षय कुमार और निर्देशक प्रियदर्शन की फिल्म ‘भूत बंगला’ में राजपाल यादव भी नजर आएंगे। तीनों की यह तिकड़ी पहले ‘भूल भुलैया’ में काम कर चुकी है। राजपाल कहते हैं कि ‘भूत बंगला’ की कहानी सिर्फ एक हॉरर कॉमेडी नहीं, बल्कि एक रहस्य से भरी दुनिया है। टीजर में दिखाया गया ‘वधुसुर’ और मंगलपुर की हवेली दरअसल उस बड़े रहस्य की झलक भर है।' करीब 25 साल के करियर में सैकड़ों किरदार कर चुके राजपाल खुद को आज भी छात्र ही मानते हैं। वह कहते हैं कि ‘जब एक्टर किरदार की सोच को समझ लेता है तो उसकी बॉडी लैंग्वेज अपने आप बदल जाती है। मैं कभी किसी की नकल नहीं करता हूं।' प्रियन सर के साथ काम करना मनोरंजन का विज्ञान पढ़ने जैसा राजपाल बताते हैं कि, ‘प्रियदर्शन के साथ मेरा रिश्ता दो दशक से भी पुराना है। मैंने कभी उनसे स्क्रिप्ट तक नहीं पूछी। जब भी उनका फोन आता है, सिर्फ यही कहते हैं-"राजपाल, आना है...' तो मैं बिना कुछ पूछे सेट पर पहुंच जाता हूं। इस फिल्म में हॉरर और कॉमेडी दोनों है। प्रियदर्शन सर के साथ काम करना किसी यूनिवर्सिटी में मनोरंजन का विज्ञान पढ़ने जैसा है। जहां हर एक्टर छात्र होता है।' ‘छोटा पंडित’ के बाद मेरा नया किरदार भी दर्शक पसंद करेंगे "भूल भुलैया' के बाद से ‘छोटा पंडित’ के नाम से भी लोकप्रियता मिली। इस पर राजपाल का कहना है कि ‘कोई दबाव महसूस नहीं होता। एक कलाकार के लिए हर किरदार ‘रसगुल्ले’ की तरह होता है, छोटा हो या बड़ा उसका स्वाद मीठा ही होता है। ‘भूत बंगला’ में भी मेरा किरदार बारीकी से गढ़ा गया है और प्रियदर्शन सर ने इसमें आम आदमी के ऐसे शेड्स दिए हैं, जिनसे दर्शक आसानी से जुड़ पाएंगे और पसंद भी करेंगे।' ‘भूत बंगला’ की हवेली का आर्किटेक्चर ही डर पैदा करता है बकौल राजपाल, ‘किसी भी फिल्म में लोकेशन सिर्फ एक जगह नहीं बल्कि एक किरदार होती है। जहां ‘भूल भुलैया’ की हवेली में राजपूताना ठाठ और रहस्य का माहौल था, वहीं ‘भूत बंगला’ की हवेली का आर्किटेक्चर और अंधेरा अपने आप में अलग तरह का डर पैदा करता है। प्रियदर्शन सर ने इसे ब्यूटीफुल हॉरर की तरह ट्रीट किया है, जिससे दर्शकों को लगेगा कि वे खुद उस बंगले के भीतर मौजूद हैं।' अक्की पाजी के साथ काम करना हमेशा रोलर कोस्टर जैसा अक्षय के साथ फिर से काम करने को लेकर राजपाल कहते हैं कि ‘अक्की पाजी की सबसे बड़ी खूबी यह है कि वह हर वक्त लाइव एक्टर जैसे रहते हैं। कैमरा ऑन हो या ऑफ, सेट पर उनका एनर्जी लेवल वही रहता है। शॉट के बीच भी दोनों कलाकार लगातार रिहर्सल करते रहते हैं और सीन में छोटे-छोटे इम्प्रोवाइजेशन जोड़ते हैं ताकि सीन और ज्यादा जीवंत बन सके। अक्षय के साथ काम करना हमेशा रोलर कोस्टर जैसा अनुभव होता है।'
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