अपान से नाग-धनंजय तक, जानें शरीर की 10 वायु का महत्व और विज्ञान
नई दिल्ली, 15 मार्च (आईएएनएस)। आयुर्वेद और योग के अनुसार, मानव शरीर में 10 प्रकार की वायु (प्राण) प्रवाहित होती है। ये प्राण जीवन ऊर्जा के रूप में काम करते हैं और सभी शारीरिक क्रियाओं को नियंत्रित करते हैं। आयुर्वेद में इन प्राणों को वायु तत्व का हिस्सा माना जाता है। इन्हें दो मुख्य भागों में विभाजित किया गया है, जिनमें मुख्य प्राण और उप प्राण शामिल है।
मुख्य प्राण 5 होते हैं, जिन्हें पंचप्राण भी कहा जाता है और 5 उप-प्राण होते हैं। ये वायु श्वास लेना-छोड़ना, पाचन, रक्त संचार, बोलना, सोना-जागना, छींकना, जम्हाई लेना, पलक झपकाना जैसी क्रियाओं का संचालन करती हैं। इनका संतुलन स्वास्थ्य के लिए आवश्यक है।
मोरारजी देसाई नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ योगा के अनुसार, मुख्य प्राण या पंचप्राण शरीर की बुनियादी क्रियाओं के लिए जिम्मेदार हैं।
पहला है प्राण जिसका स्थान हृदय या छाती क्षेत्र है और इसका कार्य श्वसन (सांस लेना-छोड़ना), जीवन ऊर्जा का प्रवाह, हृदय और फेफड़ों के कार्य पर नियंत्रण है। दूसरा है अपान, जिसका स्थान गुदा या पेल्विक क्षेत्र होता है। इसका कार्य रेचक-कुम्भक, मल-मूत्र त्याग, शरीर के निचले हिस्से की ओर ऊर्जा का संचालन, उत्सर्जन प्रक्रिया को नियंत्रित करना। तीसरा है समान और इसका स्थान नाभि क्षेत्र है। इसका कार्य पाचन, भोजन का अवशोषण, पोषक तत्वों का वितरण, अग्नि (पाचन शक्ति) का संतुलन करना होता है।
उदान का स्थान गला होता है और यह निगलने, वमन, वाणी और ऊपर की ओर ऊर्जा का प्रवाह, मस्तिष्क कार्य को देखता है। व्यान का स्थान नेत्र और पूरे शरीर में व्याप्त होता है। इसका कार्य रक्त संचार, पलक झपकाना, शरीर की सभी गतिविधियां, शरीर में ऊर्जा का विस्तार करना होता है।
उप-प्राण छोटी-छोटी विशिष्ट क्रियाओं को नियंत्रित करते हैं। इनमें पहला है नाग जिसका स्थान समस्त शरीर में व्याप्त होता है और कार्य मोचक जैसे डकार, चालक या गति प्रदान करना होता है। दूसरा कूर्म है जो कंठ के साथ ही पूरे शरीर में व्याप्त होता है। इसका काम अवशोषण, वृद्धि, पलक झपकाना जैसी संकुचन क्रियाएं करना है। वहीं, कृकर या कृकल का स्थान भी कंठ होता है और यह भूख-प्यास का संकेत, उद्गार या छींकना, खांसना करना है।
उप प्राण में देवदत्त भी शामिल है, जिसका स्थान मुख और कार्य उबासी लेना है। साथ ही धनंजय भी है, जिसका स्थान सम्पूर्ण शरीर में है और काम अनाहत नाद यानी मृत्यु के बाद भी शरीर में रहना, विघटन रोकना है।
ये प्राण वायु शरीर के लिए बेहद महत्वपूर्ण होते हैं। इनका संतुलन प्राणायाम, योगासन और ध्यान से किया जा सकता है, जिससे पाचन, श्वास, मानसिक शांति और समग्र स्वास्थ्य बेहतर होता है। असंतुलन से गैस, श्वास रोग, थकान जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
--आईएएनएस
एमटी/वीसी
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
मिडिल ईस्ट में हालात की समीक्षा के बाद भारतीय दूतावास ने जारी किया नया अपडेट
नई दिल्ली, 15 मार्च (आईएएनएस)। पश्चिम एशिया में ईरान और इजरायल-अमेरिका हमलों की वजह से भारी तनाव की स्थिति देखने को मिल रही है। इसका असर इन देशों में रहने वाले छात्रों की पढ़ाई पर भी देखने को मिल रहा है। सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (सीबीएसई) ने जीसीसी में 12वीं कक्षा के बोर्ड एग्जाम के बारे में 15 मार्च 2026 का एक सर्कुलर जारी किया है। यह एडवाइजरी बहरीन, ईरान, कुवैत, ओमान, कतर, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात के लिए जारी की गई है।
ओमान में भारतीय दूतावास ने एडवाइजरी में लिखा, यह 01.03.2026, 03.03.2026, 05.03.2026, 07.03.2026 और 09.03.2026 के सर्कुलर के बाद आया है। प्रभावित देशों के स्कूलों और अथॉरिटीज से मिले इनपुट और अपील के आधार पर 12वीं क्लास के बोर्ड एग्जाम कराने की संभावना की समीक्षा की गई।
एडवाइजरी में आगे कहा गया, बोर्ड ने ये फैसले लिए हैं कि बहरीन, ईरान, कुवैत, ओमान, कतर, सऊदी अरब और यूएई के छात्रों के लिए 16 से लेकर 10 मार्च तक होने वाली 12वीं क्लास की सभी परीक्षाएं कैंसिल कर दी गई हैं। इसके अलावा जो परीक्षाएं पहले 01.03.2026, 03.03.2026, 05.03.2026, 07.03.2026 और 09.03.2026 के सर्कुलर के जरिए स्थगित की गई थीं, वे भी रद्द हो जाएंगी। इन देशों में 12वीं क्लास के छात्र के लिए रिजल्ट घोषित करने का तरीका सही समय पर अलग से बताया जाएगा।
बता दें, इससे पहले जब एडवाइजरी जारी की गई थी, तो दूतावास ने जानकारी साझा किया था कि परीक्षा स्थगित होने के बाद नई तारीख बाद में बताई जाएगी। दूतावास ने यह भी बताया था कि सीबीएसई 10 मार्च को स्थिति की समीक्षा करेगा और 12 मार्च से होने वाली परीक्षाओं के बारे में सही फैसले लेगा।
इससे पहले ओमान में भारतीय दूतावास ने बोर्ड के हवाले से ईरान-इजरायल युद्ध के मद्देनजर बहरीन, ईरान, कुवैत, ओमान, कतर, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात में स्थित संबद्ध विद्यालयों में 9, 10 और 11 मार्च को होने वाली 12वीं बोर्ड परीक्षा को फिलहाल के लिए टालने की जानकारी दी थी।
ओमान में भारतीय दूतावास ने कहा था, सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (सीबीएसई) ने 7 मार्च को जीसीसी में 12वीं क्लास की बोर्ड परीक्षा के बारे में एक सर्कुलर जारी किया है। प्रभावित देश बहरीन, ईरान, कुवैत, ओमान, कतर, सऊदी अरब और यूएई हैं। यह 01.03.2026, 03.03.2026 और 05.03.2026 के सर्कुलर का अगला हिस्सा है।
एडवाइजरी के अनुसार, मिडिल ईस्ट (बहरीन, ईरान, कुवैत, ओमान, कतर, सऊदी अरब और यूएई) के कुछ हिस्सों में मौजूदा हालात का गंभीरता से समीक्षा करने के बाद, बोर्ड ने क्लास 12वीं के लिए 9 मार्च 2026 (सोमवार), 10 मार्च 2026 (मंगलवार) और 11 मार्च (बुधवार) को होने वाले एग्जाम को टालने का फैसला किया है।
--आईएएनएस
केके/एएस
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others
News Nation





















