कद्दू की खेती से होगा तगड़ा मुनाफा, सही दूरी और समय पर करें बुवाई, मिलेगी बंपर पैदावार
Pumpkin Cultivation: मुरादाबाद और आसपास के क्षेत्रों में कद्दू की खेती किसानों के लिए कम लागत में अच्छा मुनाफा देने वाली फसल मानी जाती है. कृषि वैज्ञानिक डॉ. दीपक मेहंदी रत्ता के अनुसार कद्दू की बुवाई फरवरी के अंत से मार्च या जून-अगस्त के बीच करना बेहतर रहता है. इस फसल को तैयार होने में लगभग 60 से 90 दिन का समय लगता है. प्रति हेक्टेयर करीब 4 से 6 किलो बीज की जरूरत होती है. खेत में लाइन से लाइन की दूरी 300 से 400 सेंटीमीटर और पौधे से पौधे की दूरी 75 से 100 सेंटीमीटर रखनी चाहिए. अच्छी जल निकासी वाली दोमट या बलुई दोमट मिट्टी कद्दू की खेती के लिए उपयुक्त मानी जाती है. अनुकूल देखभाल से किसान प्रति हेक्टेयर 30 से 40 टन तक उत्पादन ले सकते हैं और करीब एक से डेढ़ लाख रुपये तक की कमाई कर सकते हैं.
Mau Famous Dosa: मऊ में साउथ इंडियन डोसे का बढ़ा क्रेज, यहां मिल रहा 20 से ज्यादा वैरायटी का स्वाद
Mau Famous Dosa: पूर्वांचल का मऊ शहर अपने चटपटे और स्वादिष्ट व्यंजनों के लिए जाना जाता है. यहां समोसा, चाट और मिठाइयों की खास पहचान है, लेकिन अब यह साउथ इंडियन डोसा के लिए भी तेजी से लोकप्रिय हो रहा है. मऊ के राजवंती स्वीट्स हाउस एंड रेस्टोरेंट में बनने वाला डोसा लोगों की पहली पसंद बन चुका है. यहां के कुक मास्टर मोहम्मद शहजाद अंसारी के अनुसार डोसा बनाने के लिए चावल और उड़द दाल को 6 से 7 घंटे तक भिगोकर पीसा जाता है और इसमें सूजी मिलाकर घोल को रात भर रखा जाता है, जिससे डोसा कुरकुरा बनता है. तवे पर पतला फैलाकर इसे सुनहरा होने तक सेंका जाता है. यहां मसाला, पनीर सहित करीब 20 से 25 तरह के डोसे बनाए जाते हैं. इनकी कीमत करीब 130 रुपये से शुरू होती है और स्वाद के कारण लोग दूर-दूर से इसे खाने पहुंचते है.
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