'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' पूरी तरह बंद नहीं, ईरान के विदेश मंत्री आराघची ने दुश्मन देशों पर साधा निशाना
मिडिल ईस्ट में जारी जंग अब अपने तीसरे सप्ताह में पहुंच चुकी है. यहां पर हालात तेजी से बदल रहे हैं. इस दौरान ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची की ओर से बड़ा बयान सामने आया है. अराघची ने साफ किया है कि दुनिया का सबसे अहम समुद्री रास्ता 'होर्मुज जलडमरूमध्य' पूरी तरह बंद नहीं है. यह सिर्फ 'दुश्मनों और उनके सहयोगियों' के जहाजों और टैंकरों के लिए बंद किया गया.
ईरानी मीडिया के अनुसार, विदेश मंत्री ने भरोसा दिलाया है. युद्ध के दौरान आम आबादी वाले इलाकों को बचाने को लेकर पूरी तरह से सतर्कता बरती जाएगी ताकि नागरिकों को किसी तरह का नुकसान नहीं पहुुंचे. उन्होंने चेताया कि अगर ईरान के तेल डिपो या पावर प्लांट जैसे ऊर्जा केंद्रों को निशाना बनाया गया. इसका पहले से कहीं अधिक सख्त जवाब दिया जाएगा.
ट्रंप का होर्मुज स्ट्रेट को लेकर बड़ा ऐलान, अमेरिका के साथ मिलकर अन्य प्रभावित देश भेजेंगे युद्धपोत
वॉशिंगटन, 14 मार्च (आईएएनएस)। ईरान के खिलाफ अमेरिका और इजरायल संघर्ष का असर दुनिया के अन्य देशों पर भी पड़ रहा है। होर्मुज स्ट्रेट में जारी तनाव ने दूसरे देशों की परेशानी बढ़ा दी है। दरअसल, इस रास्ते से देश दुनिया के ज्यादातर हिस्सों में अधिकतर तेल की सप्लाई होती है। स्ट्रेट में तनाव की वजह से कई देशों के लिए संकट की स्थिति पैदा हो गई है। इस बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट को खुला और सुरक्षित रखने के लिए यूएस के साथ मिलकर अन्य प्रभावित देश वॉरशिप भेजेंगे।
कई देश, खासकर वे जो ईरान की होर्मुज स्ट्रेट को बंद करने की कोशिश से प्रभावित हैं, स्ट्रेट को खुला और सुरक्षित रखने के लिए अमेरिका के साथ मिलकर वॉरशिप भेजेंगे। हमने पहले ही ईरान की 100 प्रतिशत सैन्य क्षमता को खत्म कर दिया है, लेकिन उनके लिए इस वॉटरवे पर या इसमें कहीं भी एक-दो ड्रोन भेजना, माइन गिराना, या क्लोज रेंज मिसाइल गिराना आसान है, चाहे वे कितने भी बुरी तरह हार गए हों।
अमेरिकी राष्ट्रपति ने आगे कहा, उम्मीद है कि चीन, फ्रांस, जापान, साउथ कोरिया, ब्रिटेन और दूसरे देश, जो इस बनावटी रोक से प्रभावित हैं, इस इलाके में शिप भेजेंगे ताकि होर्मुज स्ट्रेट अब एक ऐसे देश से खतरा न रहे जिसका सिर पूरी तरह से खत्म हो चुका है। इस बीच, यूनाइटेड स्टेट्स किनारे पर जमकर बमबारी करेगा, और लगातार ईरानी नावों और शिप को पानी से बाहर निकालेगा। किसी न किसी तरह, हम जल्द ही होर्मुज स्ट्रेट को खुला, सुरक्षित और फ्री कर देंगे।
इसके अलावा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को सोशल मीडिया पोस्ट में बड़ा दावा किया है। उन्होंने ट्रूथ सोशल पर एक पोस्ट में कहा कि ईरान की योजना पूरे मध्य पूर्व पर कब्जा करने और इजरायल को पूरी तरह से नष्ट करने की थी। ईरान की ही तरह उसकी वो योजनाएं भी अब खत्म हो चुकी हैं।
अमेरिका ने ईरान के अहम खर्ग द्वीप पर एक बड़ा बमबारी हमला किया है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इन हमलों की पुष्टि की। इसके साथ ही उन्होंने दावा किया कि अमेरिकी सेनाओं ने देश के मुख्य तेल निर्यात केंद्र पर मौजूद सैन्य ठिकानों को पूरी तरह से तबाह कर दिया, जबकि जानबूझकर ऊर्जा ढांचे को नुकसान नहीं पहुंचाया।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म सोशल ट्रुथ पर पोस्ट कर कहा, मेरे निर्देश पर अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने मिडिल ईस्ट के इतिहास में सबसे शक्तिशाली बमबारी हमलों में से एक को अंजाम दिया। ईरान के सबसे अहम ठिकाने खर्ग द्वीप पर मौजूद हर सैन्य ठिकाने को पूरी तरह से तबाह कर दिया। हमारे हथियार दुनिया के अब तक के सबसे शक्तिशाली और आधुनिक हथियार हैं, लेकिन इंसानियत के नाते मैंने द्वीप पर मौजूद तेल के बुनियादी ढांचे को तबाह न करने का फैसला किया है।
खर्ग द्वीप ईरान के लिए एक बेहद अहम केंद्र है और कच्चे तेल के निर्यात के लिए उसके सबसे महत्वपूर्ण स्थानों में से एक है। ईरान के तेल उत्पादन का एक बड़ा हिस्सा फारस की खाड़ी में स्थित इस द्वीप पर मौजूद सुविधाओं के जरिए ही आगे भेजा जाता है।
--आईएएनएस
केके/डीकेपी
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