केविन पीटरसन ने दिल्ली कैपिटल्स की मेंटरशिप छोड़ी:कहा- समय नहीं दे पाऊंगा, IPL 2026 में कमेंट्री करेंगे पूर्व इंग्लिश कप्तान
IPL 2026 से पहले केविन पीटरसन ने दिल्ली कैपिटल्स (DC) की मेंटरशिप छोड़ दी है। पूर्व इंग्लिश कप्तान पीटरसन ने शनिवार को सोशल प्लेटफॉर्म X पर लिखा- 'इस जिम्मेदारी के लिए जितना समय चाहिए, वह नहीं दे पाएंगे।' हालांकि, 45 साल के इस पूर्व बैटर ने दिल्ली की टीम और खिलाड़ियों को नए सीजन के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने यह भी कहा कि वह IPL के दौरान कॉमेंट्री बॉक्स में जरूर नजर आएंगे और भारतीय लीग का हिस्सा बने रहेंगे। IPL 2025 से पहले DC मेंटर बने थे पीटरसन पीटरसन को IPL 2025 से पहले दिल्ली कैपिटल्स का मेंटर बनाया गया था। पिछले सीजन में दिल्ली की टीम लीग स्टेज से बाहर हो गई थी। टीम ने 14 में से 7 मैच जीतकर 5वां स्थान हासिल किया था। लेकिन, प्लेऑफ में जगह नहीं बना सकी थी। पीटरसन बतौर प्लेयर भी दिल्ली की फ्रेंचाइजी का हिस्सा रहे हैं। तब टीम का नाम दिल्ली डेयरडेविल्स था। उन्होंने दिल्ली की ओर से 19 मैचों में 599 रन बनाए हैं। उनकी टीम 2012 के प्लेऑफ में पहुंची थी, लेकिन टाइटल नहीं जीत सकी। 2014 में दिल्ली लीग स्टेज से बाहर हो गई। 5 सीजन खेले, 3 टीमों का हिस्सा रहे पीटरसन IPL में पांच सीजन खेल चुके हैं और तीन अलग-अलग टीमों का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। वह कुल 17 मैचों में कप्तानी भी कर चुके हैं। 2009 में उन्होंने रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु की कप्तानी की थी, जबकि 2014 में दिल्ली डेयरडेविल्स की कमान संभाली थी। 28 मार्च से होगी IPL-2026 की शुरुआत IPL 2026 की शुरुआत 28 मार्च से होगी। पहले मैच में डिफेंडिंग चैंपियन रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और सनराइजर्स हैदराबाद आमने-सामने होंगी। दिल्ली कैपिटल्स अपना पहला मैच 1 अप्रैल को लखनऊ सुपर जायंट्स के खिलाफ लखनऊ के एकाना स्टेडियम में खेलेगी, जबकि टीम का पहला होम मैच 4 अप्रैल को मुंबई इंडियंस के खिलाफ होगा। -------------------------------------------------- मुजरबानी से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… जिम्बाब्वे के ब्लेसिंग मुजरबानी KKR की टीम में शामिल, फ्रेंचाइजी ने IPL 2026 से पहले साइन किया कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) ने IPL-2026 से पहले जिम्बाब्वे के तेज गेंदबाज ब्लेसिंग मुजरबानी को अपनी टीम में शामिल किया है। फ्रेंचाइजी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। 29 साल के इस तेज गेंदबाज ने टी-20 वर्ल्ड कप में जिम्बाब्वे की ओर से 13 विकेट झटके थे। वे अपनी टीम के टॉप विकेट टेकर्स रहे हैं। जिम्बाब्वे की टीम सुपर-8 स्टेज तक पहुंची थी। पढ़ें पूरी खबर
IPO के पब्लिक शेयरहोल्डिंग नियमों में बदलाव:मिनिमम लिमिट 5% से घटाकर 2.5% की; जियो और NSE की लिस्टिंग आसान होगी
वित्त मंत्रालय के तहत आने वाले डिपार्टमेंट ऑफ इकोनॉमिक अफेयर्स (DEA) ने शुक्रवार को देश में इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग यानी IPO से जुड़े नियमों में बदलाव किए हैं। सरकार ने सिक्योरिटीज कॉन्ट्रैक्ट्स (रेगुलेशन) नियम-1957 में बदलवा करते हुए बड़ी कंपनियों के लिए मिनिमम पब्लिक शेयरहोल्डिंग की लिमिट को 5% से घटाकर 2.5% कर दिया है। 13 मार्च को जारी इस नोटिफिकेशन के बाद अब रिलायंस की जियो प्लेटफॉर्म्स और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) जैसी बड़ी कंपनियों के लिए अपना IPO लाना आसान हो जाएगा। सेबी ने पिछले साल सितंबर में इन बदलावों को मंजूरी दी थी, जिसे अब सरकार ने फाइनल अप्रूवल दिया है। कंपनी की वैल्यू के आधार पर तय होगा कितना हिस्सा बेचना जरूरी नए नियमों के मुताबिक, कंपनियों को उनकी लिस्टिंग के बाद की वैल्यू के आधार पर अलग-अलग कैटेगरी में बांटा गया है। इसके लिए एक टियर स्ट्रक्चर तैयार किया गया है… ₹1,600 करोड़ तक की कंपनियां: ऐसी कंपनियों को कम से कम 25% शेयर पब्लिक के लिए जारी करने होंगे। ₹1,600 करोड़ से ₹4,000 करोड़ तक: ऐसी कंपनियों को कम से कम ₹400 करोड़ की वैल्यू के बराबर शेयर ऑफर करने होंगे। ₹4,000 करोड़ से ₹50,000 करोड़ तक: ऐसी कंपनियों को कम से कम 10% शेयर जारी करने होंगे। हालांकि, लिस्टिंग के 3 साल के भीतर इन्हें अपनी पब्लिक शेयरहोल्डिंग बढ़ाकर 25% करनी होगी। ₹50,000 करोड़ से ₹1 लाख करोड़ तक: इतनी वैल्यूएशन वाली कंपनियों को कम से कम ₹1,000 करोड़ या 8% शेयर ऑफर करने होंगे। इन्हें भी 3 साल में पब्लिक शेयरहोल्डिंग 25% तक ले जानी होगी। ₹5 लाख करोड़ से बड़ी कंपनियों को मिली राहत नोटिफिकेशन के मुताबिक, बहुत बड़ी कंपनियों के लिए नियमों को काफी सरल बनाया गया है… ₹1 लाख करोड़ से ₹5 लाख करोड़ तक: इन कंपनियों को लिस्टिंग के वक्त कम से कम 2.75% शेयर पब्लिक करने होंगे। ₹5 लाख करोड़ से ज्यादा की वैल्यू: अगर किसी कंपनी की वैल्यू ₹5 लाख करोड़ से ऊपर है, तो वह महज 1% हिस्सा बेचकर भी लिस्ट हो सकती है। ऐसी कंपनियों को 5 साल के भीतर अपनी पब्लिक शेयरहोल्डिंग 15% और 10 साल के भीतर 25% तक ले जाने की छूट दी गई है। भारत का सबसे बड़ा IPO लाएगी जियो प्लेटफॉर्म्स मीडिया रिपोर्ट्स और ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, नियमों में इस बदलाव का सबसे बड़ा फायदा रिलायंस इंडस्ट्रीज को होगा। मुकेश अंबानी की लीडरशिप वाले ग्रुप की कंपनी जियो प्लेटफॉर्म्स को शेयर बाजार में उतारने की तैयारी कर रहा है। रिलायंस की किसी यूनिट की यह करीब 20 साल बाद पहली लिस्टिंग होगी। माना जा रहा है कि जियो का IPO भारत के इतिहास का सबसे बड़ा IPO साबित हो सकता है। सूत्र बताते हैं कि कंपनी अप्रैल तक ड्राफ्ट प्रोस्पेक्टस (DRHP) फाइल कर सकती है। सरकार के इस कदम से बड़ी कंपनियों की लिस्टिंग का रास्ता खुलेगा साल 2025 में IPO मार्केट में आई तेजी के बाद फिलहाल बाजार थोड़ा सुस्त नजर आ रहा था। जानकारों का कहना है कि सरकार के इस कदम से बड़ी कंपनियों की लिस्टिंग का रास्ता खुलेगा, जिससे बाजार में लिक्विडिटी बढ़ेगी और निवेशकों को नए निवेश के मौके मिलेंगे। NSE जो लंबे समय से अपनी लिस्टिंग का इंतजार कर रहा है, उसे भी इन नए नियमों से राहत मिलेगी। ये खबर भी पढ़ें… एअर इंडिया-इंडिगो के बाद अकासा की भी टिकटें महंगी: घरेलू और इंटरनेशनल फ्लाइट्स पर कल से ₹1300 तक फ्यूल सरचार्ज लगेगा, वजह- जेट फ्यूल महंगा एअर इंडिया-इंडिगो के बाद अब अकासा एयर की फ्लाइट्स भी कल से महंगी हो जाएंगी। एयरलाइन कंपनी ने रविवार से सभी घरेलू और इंटरनेशनल फ्लाइट्स पर फ्यूल सरचार्ज लगाने की घोषणा की है। अकासा एयर ने कहा कि 15 मार्च को रात 12:01 बजे के बाद बुक किए जाने वाले टिकटों पर 199 रुपए से लेकर 1,300 रुपए तक का एडिशनल सरचार्ज वसूला जाएगा। मिडिल ईस्ट तनाव और अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जारी जंग की वजह से जेट फ्यूल (ATF) की कीमतों में भारी बढ़ोतरी के कारण यह कदम उठाना पड़ रहा है। पूरी खबर पढ़ें…
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