कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की सप्लाई फिर से शुरू, खुदरा क्षेत्र में कोई कमी नहीं: सरकारी अधिकारी
नई दिल्ली, 14 मार्च (आईएएनएस)। सरकार ने शनिवार को कहा कि देश के कई राज्यों में उद्योगों के लिए कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की सप्लाई फिर से शुरू कर दी गई है। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया कि देश के रिटेल आउटलेट्स पर एलपीजी की किसी तरह की कमी की खबर नहीं है।
पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय में संयुक्त सचिव (मार्केटिंग एंड ऑयल रिफाइनरी) सुजाता शर्मा ने मौजूदा ईंधन स्थिति पर जानकारी देते हुए कहा कि सरकार ने फैसला किया है कि कमर्शियल उपभोक्ताओं को भी एलपीजी की आपूर्ति जारी रखी जाएगी।
उन्होंने बताया कि कुछ राज्यों में उद्योगों की जरूरतों को पूरा करने के लिए कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर सीधे उद्योगों तक पहुंचाए जा रहे हैं।
इस फैसले से व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और उद्योगों को राहत मिलने की उम्मीद है, खासकर रेस्तरां और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर को।
सुजाता शर्मा ने कहा कि मौजूदा भू-राजनीतिक परिस्थितियों के बावजूद देश में ईंधन की किसी भी तरह की कमी की सूचना नहीं है। उन्होंने लोगों से घबराकर ज्यादा एलपीजी बुकिंग न करने की अपील भी की और कहा कि देश में पर्याप्त एलपीजी उपलब्ध है।
उन्होंने दोहराया कि बुकिंग में बढ़ोतरी के बावजूद सरकार स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और घरेलू तथा व्यावसायिक दोनों उपभोक्ताओं को एलपीजी की आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है।
इस बीच सूत्रों ने बताया कि होर्मुज जलडमरूमध्य से दो एलपीजी जहाजों के सुरक्षित गुजरने के बाद अब और भी एलपीजी टैंकर युद्ध प्रभावित क्षेत्र को पार करने के लिए तैयार हैं, क्योंकि ईरान ने भारतीय झंडे वाले जहाजों को सुरक्षित मार्ग देने की अनुमति दी है।
वर्तमान में फारस की खाड़ी क्षेत्र में 28 भारतीय झंडे वाले जहाज संचालित हो रहे हैं, और उनकी सुरक्षा के लिए सभी जहाजों और चालक दल पर लगातार नजर रखी जा रही है।
पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय भी फारस की खाड़ी क्षेत्र में समुद्री स्थिति पर लगातार नजर रख रहा है और बदलती परिस्थितियों को देखते हुए निगरानी और तैयारियों को और मजबूत किया गया है।
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक है, जहां से दुनिया के लगभग 20 प्रतिशत तेल और गैस का निर्यात गुजरता है।
इसी बीच दो तेल टैंकर शिवालिक और नंदा देवी भी अगले कुछ दिनों में भारत पहुंचने वाले हैं। ये दोनों जहाज सरकारी कंपनी शिपिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड के स्वामित्व में हैं और संवेदनशील समुद्री क्षेत्र से सुरक्षित गुजरने के लिए भारतीय नौसेना उनकी निगरानी और मार्गदर्शन कर रही है।
--आईएएनएस
डीबीपी
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
हम भी जंग के लिए तैयार हैं, आप शुरू तो कर सकते हैं, खत्म नहीं : ईरानी राजदूत
नई दिल्ली, 14 मार्च (आईएएनएस)। भारत में ईरान के राजदूत मोहम्मद फतहली ने दोनों देशों के बीच ऐतिहासिक संबंधों का हवाला देते हुए शनिवार को कहा कि तेहरान ने कुछ भारतीय जहाजों को होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने की अनुमति दी है। हालांकि, उन्होंने आगे की ऑपरेशनल जानकारी शेयर करने से मना कर दिया।
नई दिल्ली में सालाना इंडिया टुडे कॉन्क्लेव में ईरानी राजदूत मोहम्मद फतहली ने कहा, हां, हमने इजाजत दी है, लेकिन मैं आपको यह नहीं बताऊंगा कि कितने। भारत में ईरान के राजदूत के तौर पर, मैं भविष्य में भी इस मामले को फॉलो करूंगा क्योंकि ईरान और भारत के बीच ऐतिहासिक संबंध हैं। बेशक, एक राजदूत के तौर पर, मैंने अपनी पूरी कोशिश की है। थोड़ी देरी हुई, लेकिन यह हुआ।
ईरानी राजदूत का यह बयान उन खबरों के बीच आया है कि पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के बीच दो भारतीय एलपीजी टैंकरों को होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने की इजाजत दी गई है। दो टैंकर, शिवालिक और नंदा देवी, कुछ दिनों में देश पहुंचने वाले हैं। ये जहाज सरकारी शिपिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड के हैं।
होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे जरूरी शिपिंग लेन में से एक हैं, जिससे दुनिया का 20 फीसदी तेल और गैस एक्सपोर्ट होता है। भरोसेमंद सूत्रों ने शनिवार को आईएएनएस को बताया कि दो एलपीजी कैरियर के सुरक्षित निकलने के बाद अन्य टैंकर युद्ध प्रभावित इलाके को पार करने के लिए लाइन में हैं।
ईरानी राजदूत ने कई खाड़ी देशों में अमेरिकी बेस को निशाना बनाने के तेहरान के फैसले का भी बचाव किया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि टॉमहॉक मिसाइल, जिसने ईरान में एक लड़कियों के स्कूल पर हमला किया और लगभग 170 स्टूडेंट्स को मार डाला, इस इलाके में एक अमेरिकी बेस से लॉन्च की गई थी।
ईरानी राजदूत ने कहा, हमने घोषणा की है कि आपको असल में छुआ नहीं जाएगा। आपकी संपत्ति, आपके देश के अंदर जो कुछ भी है, लेकिन, हमने उनसे पूछा कि जब हमारे किसी स्कूल, पर अमेरिकी टॉमहॉक मिसाइलों का हमला हो तो हमें क्या करना चाहिए। हम उनका पूरा सम्मान करते हैं, लेकिन हम निश्चित रूप से अमेरिकी बेस को निशाना बनाएंगे। यह बहुत बुरा है कि हमने इन स्कूलों पर पड़ोसी देशों में से एक के बेस से लॉन्च की गई मिसाइलों से हमला होते देखा।
राजदूत ने जोर देकर कहा कि तेहरान ने बार-बार कहा है कि वह बातचीत और युद्ध दोनों के लिए तैयार है। ईरानी डिप्लोमैट ने शनिवार को कार्यक्रम में कहा, हमने कई बार ऐलान किया है। ईरान बातचीत और जंग के लिए तैयार है, लेकिन हम बातचीत को ज्यादा पसंद करते हैं।
उन्होंने कहा, हम भी जंग के लिए तैयार हैं। लेकिन सावधान रहें, आप शुरू तो कर सकते हैं, लेकिन खत्म नहीं कर सकते।
उन्होंने हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन के बीच फोन पर हुई बातचीत के बारे में भी बात की और बताया कि चल रही लड़ाई के दौरान आ रही तकनीकी दिक्कतों की वजह से कॉल में देरी हुई।
--आईएएनएस
केके/एबीएम
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