पीएम मोदी ने अदाणी पोर्ट्स के हल्दिया बल्क टर्मिनल का किया उद्घाटन, पूर्वी समुद्री कॉरिडोर को मिलेगी मजबूती
अहमदाबाद, 14 मार्च (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को अदाणी पोर्ट्स के हल्दिया बल्क टर्मिनल (एचबीटी) का उद्घाटन कर इसे राष्ट्र को समर्पित किया। यह टर्मिनल भारत के पूर्वी समुद्री तट पर माल ढुलाई की क्षमता और दक्षता बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
यह टर्मिनल सूखी थोक सामग्री (ड्राई बल्क कार्गो) को संभालने के लिए बनाया गया है, जिसकी वार्षिक क्षमता 40 लाख मीट्रिक टन (एमएमटीपीए) है। हुगली नदी पर बना यह पूरी तरह स्वचालित बल्क टर्मिनल है, जिसमें सीधे रेल कनेक्शन की सुविधा भी उपलब्ध है। इससे भारत के पूर्वी समुद्री कॉरिडोर में माल ढुलाई की व्यवस्था और मजबूत होगी।
अदाणी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकनॉमिक जोन (एपीएसईजेड) के पूर्णकालिक निदेशक और सीईओ अश्विनी गुप्ता ने कहा कि यह टर्मिनल अगली पीढ़ी की आधुनिक सुविधा है, जिसमें पूरी तरह मशीनीकरण और सीधे रेल निकासी की व्यवस्था है। इससे कार्गो के नुकसान को कम करने के साथ साफ, सुरक्षित और टिकाऊ संचालन सुनिश्चित होगा।
उन्होंने बताया कि यह टर्मिनल पश्चिम बंगाल, ओडिशा और झारखंड के उद्योगों की सप्लाई चेन को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। साथ ही यह प्रधानमंत्री मोदी के लॉजिस्टिक्स लागत कम करने के विजन को भी आगे बढ़ाएगा, जिसमें आधुनिक मल्टीमॉडल इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा दिया जा रहा है।
भारत के पूर्वी तट से देश के लगभग 60 प्रतिशत ड्राई बल्क आयात होते हैं, जिनमें कोयला, बॉक्साइट और चूना पत्थर जैसे प्रमुख संसाधन शामिल हैं। इसलिए हल्दिया बंदरगाह पश्चिम बंगाल, ओडिशा और झारखंड के स्टील, एल्यूमिनियम और बिजली उद्योगों के लिए सबसे महत्वपूर्ण प्रवेश द्वार बन गया है।
कंपनी के अनुसार, इस नई क्षमता से इन उद्योगों की लॉजिस्टिक्स लागत कम होगी और माल ढुलाई में लगने वाला समय भी घटेगा।
यह टर्मिनल कोलकाता के श्यामा प्रसाद मुखर्जी पोर्ट के हल्दिया डॉक कॉम्प्लेक्स के भीतर स्थित है, जिसे एचडीसी बल्क टर्मिनल लिमिटेड द्वारा 30 साल की रियायत अवधि के तहत डिजाइन, निर्माण, वित्त, संचालन और हस्तांतरण (डीबीएफओटी) मॉडल पर विकसित किया गया है।
इस परियोजना का निर्माण 14 जुलाई 2023 को शुरू हुआ था और निर्धारित समय के भीतर इसे पूरा कर संचालन के लिए तैयार कर दिया गया। कंपनी ने कहा कि यह अदाणी पोर्ट्स की हर बार समय पर परियोजनाएं पूरी करने की क्षमता को दर्शाता है।
निर्माण के दौरान अदाणी पोर्ट्स ने 2,000 टन की रेलवे वैगन लोडिंग सिस्टम (आरडब्ल्यूएलएस) स्थापित की है और 1.54 किलोमीटर लंबी समर्पित रेलवे लाइन को चालू किया है, जिससे जहाज से सीधे ट्रेन में कार्गो लोड किया जा सकता है। इसके अलावा मौजूदा जेटी का नवीनीकरण, प्रक्रिया को स्वचालित करने के लिए उन्नत कन्वेयर सिस्टम और स्टॉकर-कम-रिक्लेमर मशीनों की स्थापना भी की गई है।
आरडब्ल्यूएलएस और समर्पित रेलवे लाइन इस टर्मिनल की सबसे महत्वपूर्ण सुविधाएं हैं, जिनकी मदद से जहाज से उतरा माल सीधे रेलवे वैगनों में लोड होकर मुख्य रेलवे नेटवर्क से जुड़ जाता है। इससे बंदरगाह पर माल के ठहराव का समय कम होगा और उद्योगों तक कच्चे माल की लागत भी घटेगी।
हल्दिया टर्मिनल को भारत के सागरमाला कार्यक्रम और पीएम गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है, जिनका उद्देश्य मल्टीमॉडल पोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर के जरिए देश की लॉजिस्टिक्स लागत को कम करना है।
--आईएएनएस
डीबीपी
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पिता अली खामेनेई की मौत के बाद घायल बेटे मुज्तबा को लेकर अमेरिका का बड़ा दावा, ईरान का इनकार
अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हमले में ईरान में भारी तबाही की तस्वीरें सामने आ रही हैं. 14 दिनों के हमलों में अब 2000 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है, वहीं सैकड़ों घायल हुए हैं. ईरान में सत्ता परिवर्तन को लेकर अमेरिका और इजरायल सभी बड़े लीडर्स को खत्म करने की कोशिश में लगा है. अब तक अली खामेनेई के साथ कई बड़े कमांडर्स को मौत के घाट उतारा जा चुका है. अब नए सुप्रीम लीडर मुज्तबा खामेनेई को मारने का प्रयास हो रहा है.
हाल ही में खबर आई थी कि उनके चेहरे पर गंभीर चोट आई है. इसके बाद से अब तक मुज्तबा सामने नहीं आए हैं. वे अपने बयान को मीडिया के माध्यम से सामने रख रहे हैं. इस बीच अमेरिका का दावा है कि मुज्तबा डरे हुए हैं और उन्हें गंभीर चोट आई हैं. खासकर उनका चेहरा खराब हो चुका है.
तस्वीर या वीडियो सामने नहीं आया
अमेरिका के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ का कहना है कि ईरान के नए सुप्रीम लीडर मुज्तबा युद्ध के दौरान घायल हो गए. संभव है कि उनका चेहरा भी बुरी प्रभावित हुआ हो. उन्होंने सवाल उठा या कि क्या खामेनेई इस हालत में देश की अगुवाई कर पाएंगे. हेगसेथ ने कहा कि ईरान का नया नेतृत्व डरपोक है, छिपाकर रह रहा है. उन्होंने बताया कि युद्ध की शुरुआत में एक इजराइली हमले में खामेनेई के परिवार के कई सदस्यों मारे गए थे. इस हमले में पिता और पत्नी की मौत हो गई थी. घटना के बाद से अब तक मुज्तबा की किसी तरह की तस्वीर या वीडियो सामने नहीं आया है.
कुछ दिन पहले मुज्तबा खामेनेई की ओर से पहली प्रतिक्रिया गुरुवार को मिली. यह भी उनकी आवाज में नहीं थी. ऐसे एक टीवी एंकर ने पढ़कर सुनाया. इस बयान में खामेनेई की ओर से कहा गया कि ईरान स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बंद किया जाए. उन्होंने पड़ोसी देशों से कहा कि वे अपने यहां मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को बंद कर दें, वरना ईरान उन्हें निशाना बना सकता है.
ईरान ने आरोप खारिज किए
हेगसेथ का बयान सामने आने के बाद से ईरानी मीडिया काफी खफा है. ईरान ने इन आरोपों को पूरी तरह से खारिज कर दिया है. जापान में ईरान के राजदूत पेमान सादात ने कहा कि खामेनेई घायल हो गए थे. मगर उनकी चोटें हल्की हैं. उनके मुताबिक खामेनेई पूरी तरह काम कर रहे हैं. वे देश का नेतृत्व करने में सक्षम हैं. उन्होंने कहा कि ईरान को लड़ाई के लिए मजबूर किया गया है. अब अमेरिका को यह भारी पड़ रहा है.
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