ईरान के साथ संघर्ष के बीच ट्रंप को आई भारत की याद, बोले- 'आई लव मोदी एंड आई लव इंडिया'
नई दिल्ली, 14 मार्च (आईएएनएस)। ईरान के साथ जारी संघर्ष के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को अचानक से भारत की याद आने लगी है। शनिवार को इंडिया टुडे कॉन्क्लेव 2026 में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का एक मैसेज पढ़ा गया, जिसमें उन्होंने भारत और देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सराहना की। इसे अमेरिकी दक्षिणपंथी कार्यकर्ता और ट्रंप की समर्थक लॉरा लूमर ने पढ़ा। इसके साथ ही उन्होंने ट्रंप के भारत दौरे का संकेत भी दिया।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत के लिए अपना प्यार दिखाया और इशारा किया कि वह जल्द ही फिर से देश आने का प्लान बना रहे हैं।
लूमर अपने विवादित बयानों और राष्ट्रपति ट्रंप के मजबूत समर्थन के लिए जानी जाती हैं। उन्होंने कॉन्क्लेव में मौजूद दर्शकों को बताया कि स्टेज पर आने से कुछ देर पहले उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप से बात की थी। फिर उन्होंने वह पढ़ा, जिसे उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति के भारत के लोगों के लिए मैसेज बताया।
लूमर ने कहा, मैंने लगभग एक घंटे पहले राष्ट्रपति ट्रंप से फोन पर बात की थी। मैं आपको ठीक वही पढ़कर सुनाऊंगी, जो उन्होंने मुझसे कहा। उन्होंने कहा कि मैं भारत से प्यार करता हूं। प्लीज उन्हें बताएं कि मैं मोदी से प्यार करता हूं। मैं भारतीय लोगों से प्यार करता हूं। प्रधानमंत्री मोदी एक शानदार नेता और मेरे अच्छे दोस्त हैं। प्लीज भारत के लोगों को बताएं कि मैं जल्द ही एक और विजिट के लिए भारत आऊंगा।
कॉन्क्लेव में वैश्विक राजनीतिक मुद्दे और अंतरराष्ट्रीय संबंधों पर खास तौर पर चर्चा हुई। इस दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति के बयान ने सबका ध्यान खींचा। लूमर ने यह भी दोहराया कि राष्ट्रपति ट्रंप, पीएम मोदी को अपना करीबी दोस्त मानते हैं। उन्होंने दोनों नेताओं के बीच मजबूत संबंधों की सराहना की।
राष्ट्रपति ट्रंप और पीएम मोदी ने पिछले कुछ सालों में एक हाई-प्रोफाइल राजनीतिक साझेदारी शेयर की है, जिसमें बड़े पब्लिक इवेंट्स और डिप्लोमैटिक एंगेजमेंट शामिल हैं।
सबसे खास पलों में से एक 2020 में राष्ट्रपति ट्रंप के भारत दौरे के दौरान आया, जब उन्होंने पीएम मोदी के साथ अहमदाबाद में बड़े नमस्ते ट्रंप कार्यक्रम में हिस्सा लिया। नमस्ते ट्रंप कार्यक्रम का आयोजन नरेंद्र मोदी स्टेडियम में हुआ था, जहां भारी संख्या में लोगों की भीड़ इकट्ठा हुई। अमेरिकी राष्ट्रपति ने हजारों समर्थकों को संबोधित किया।
दोनों नेताओं को अक्सर एक-दूसरे की सराहना करते हुए देखा जाता है। दोनों ने अमेरिका और भारत के बीच व्यापार, रक्षा और रणनीतिक साझेदारी जैसे क्षेत्रों में सहयोग पर जोर दिया है।
लूमर, मेक अमेरिका ग्रेट अगेन (एमएजीए) आंदोलन से जुड़ी रही हैं और इमिग्रेशन और अंतर्राष्ट्रीय राजनीति के मुद्दे पर अपने विचारों के लिए चर्चा में रही हैं।
--आईएएनएस
केके/एबीएम
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
तेलंगाना ने तंजानिया के डिजिटल अर्थव्यवस्था में बदलाव के प्रयासों में मदद के लिए तकनीकी साझेदारी की पेशकश की : मंत्री श्रीधर बाबू
हैदराबाद, 14 मार्च (आईएएनएस)। राज्य के आईटी और उद्योग मंत्री डी. श्रीधर बाबू ने शनिवार को कहा कि तेलंगाना ने तंजानिया को डिजिटल अर्थव्यवस्था में बदलने के उसके प्रयासों में मदद करने के लिए तकनीकी सहयोग और संस्थागत सहायता की पेशकश की है।
मंत्री ने यह पेशकश यहां डॉ. बी.आर. अंबेडकर तेलंगाना सचिवालय में तंजानिया के संचार, आईसीटी और नवाचार मंत्री मुद्रिक रमजानी सोरागा के नेतृत्व वाले एक उच्च-स्तरीय प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक के दौरान की। बैठक के दौरान, दोनों पक्षों ने तेलंगाना और तंजानिया के बीच विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग को मजबूत करने के अवसरों पर चर्चा की।
श्रीधर बाबू ने कहा कि तेलंगाना सूचना प्रौद्योगिकी, पर्यटन, स्वास्थ्य सेवा, जीवन विज्ञान, उभरती प्रौद्योगिकियों, डिजिटल शासन, डिजिटल सार्वजनिक बुनियादी ढांचे, स्टार्टअप, नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र और कौशल विकास जैसे क्षेत्रों में रणनीतिक सहयोग के लिए एक रोडमैप तैयार करेगा।
डिजिटल बदलाव में राज्य की प्रगति पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि तेलंगाना ने प्रौद्योगिकी-संचालित शासन और नवाचार के लिए एक मजबूत प्रतिष्ठा बनाई है।
उन्होंने कहा, डिजिटल बदलाव समावेशी सामाजिक और आर्थिक विकास का एक प्रमुख चालक बन गया है। तेलंगाना तंजानिया की डिजिटल अर्थव्यवस्था बनाने के प्रयासों में मदद करने के लिए अपने अनुभव, तकनीकी विशेषज्ञता और संस्थागत ज्ञान को साझा करने को तैयार है।
मंत्री ने कहा कि राज्य दवाओं और स्वास्थ्य सेवा उत्पादों की आपूर्ति में मदद के लिए तंजानिया में एक दवा वितरण केंद्र स्थापित करने की व्यवहार्यता की भी जांच करेगा।
उन्होंने कहा कि तेलंगाना मीसेवा के माध्यम से नागरिक सेवा वितरण, डब्ल्यूई हब के माध्यम से महिला उद्यमिता को बढ़ावा देने और स्टार्टअप व नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने जैसे क्षेत्रों में एक ज्ञान भागीदार के रूप में काम कर सकता है। उन्होंने कहा कि यंग इंडिया स्किल्स यूनिवर्सिटी के माध्यम से कौशल विकास, पुनः कौशल विकास और उन्नत कौशल विकास कार्यक्रमों के लिए भी सहायता दी जा सकती है।
श्रीधर बाबू ने यह भी कहा कि तेलंगाना ब्लू इकोनॉमी (नीली अर्थव्यवस्था) और पर्यटन जैसे क्षेत्रों में तंजानिया द्वारा अपनाए गए सर्वोत्तम तरीकों का अध्ययन करेगा और राज्य के लिए उनकी प्रासंगिकता का पता लगाएगा।
इस अवसर पर बोलते हुए, सोरागा ने कहा कि तंजानिया अपनी डिजिटल अर्थव्यवस्था की महत्वाकांक्षाओं को आगे बढ़ाने के लिए तेलंगाना जैसे प्रगतिशील क्षेत्रों के साथ मिलकर काम करने को उत्सुक है। आईटी, स्वास्थ्य सेवा, चिकित्सा पर्यटन, डिजिटल शासन, स्टार्टअप और जीवन विज्ञान के क्षेत्रों में राज्य की उपलब्धियां प्रेरणादायक हैं।
उन्होंने कहा कि तंजानिया सहयोग को औपचारिक रूप देने के लिए जल्द ही तेलंगाना के साथ एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर करेगा। इस बैठक में तंजानिया के संचार, आईसीटी और नवाचार मंत्रालय की प्रधान सचिव फातिमा माब्रूक खामिस; ज़ांज़ीबार आईसीटी प्राधिकरण के मुख्य कार्यकारी अधिकारी शुकुरु अवाध सुलेमान; प्रेसिडेंट्स डिलीवरी ब्यूरो के प्रौद्योगिकी और निवेश प्रमुख जॉन महुंडी; और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया।
--आईएएनएस
एससीएच
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