Gujarat Govt: गुजरात के मुख्यमंत्री ने बुलाई हाईलेवल मीटिंग, गैस-तेल की सप्लाई के मुद्दे पर हुई चर्चा
Gujarat Govt.: ईरान, अमेरिका और इस्राइल इन दिनों युद्ध में जुटे हुए हैं. युद्ध की लपटें मिडिल ईस्ट तक पहुंच गई है. दुनिया भर में इन दिनों गैस और तेल की किल्लत की स्थिति बन रही है. देश में भी गैस और तेल की कथित समस्याओं के बारे में रिपोर्ट्स आ रही हैं.
इस बीच, गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल की अध्यक्षता में गांधीनगर में पीएनजी गैस और पेट्रोलियम उत्पादों की स्थिति को लेकर एक हाई-लेवल मीटिंग हुई. बैठक में राज्य में प्राकृतिक गैस की आपूर्ति की वर्तमान स्थिति और भविष्य की जरूरतों पर विस्तार से चर्चा की. बैठक में डिप्टी सीएम हर्ष सांघवी, ऊर्जा मंत्री रुशिकेश पटेल और खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री रमनभाई सोलंकी सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे.
મુખ્યમંત્રી શ્રી ભૂપેન્દ્રભાઈ પટેલની અધ્યક્ષતામાં રાજ્યમાં PNG ગેસ તથા પેટ્રોલિયમ પ્રોડક્ટ્સની સ્થિતિ અંગે ઉચ્ચસ્તરીય સમીક્ષા બેઠક ગાંધીનગર ખાતે યોજવામાં આવી હતી.
— CMO Gujarat (@CMOGuj) March 13, 2026
નાયબ મુખ્યમંત્રી શ્રી હર્ષભાઈ સંઘવી, ઊર્જામંત્રી શ્રી ઋષિકેશભાઈ પટેલ, અન્ન અને નાગરિક પુરવઠા મંત્રી શ્રી રમણભાઈ… pic.twitter.com/LKp0Ok0JYR
पीएनजी गैस का पर्याप्त भंडार उपलब्ध
समीक्षा के दौरान, अधिकारियों ने बताया कि घरेलू उपयोग के लिए प्रदेश में पाइपलाइन की मदद से मिलने वाली पीएनजी गैस का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है. नागरिकों के लिए गैस की सप्लाई की कमी नहीं है. प्रदेश सरकार ये सुनिश्चित कर रही है कि घरों तक पाइपलाइन गैस की सप्लाई को सुचारू रूप से जारी रखा जा सके.
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इन्हें तुरंत कनेक्शन दिया जाएगा
बैठक में मुख्यमंत्री ने एक अहम फैसला लेते हुए कहा कि जिन-जिन इलाकों में सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन का पाइपलाइन नेटवर्क पहले से मौजूद है. वहां होटल, शैक्षणिक संस्थान, रेस्टोरेंट और सामाजिक-धार्मिक संस्थाएं अगर पीएनज गैस कनेक्शन के लिए आवेदन किया है तो तुरंत उन्हें कनेक्शन दिया जाएगा.
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स्वच्छ ईंधन के उपयोग को मिलेगा बढ़ावा
सरकार का कहना है कि स्वच्छ ईंधन के उपयोग को इस फैसले से बढ़ावा मिलेगा. व्यवसायिक और संस्थागत गतिविधियों को भी इससे सुविधा मिलेगी. सरकार के इस फैसले से ऊर्जा के बेहतर प्रबंधन और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में राज्य को सहायता मिलेगी.
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बाजार में उतार-चढ़ाव से घबराएं नहीं, धैर्य रखें रिटेल निवेशक: सेबी प्रमुख
नई दिल्ली, 14 मार्च (आईएएनएस)। सेबी यानी भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (एसईबीआई) के चेयरमैन तुहिन कांत पांडे ने शनिवार को कहा कि वैश्विक अस्थिरता के बावजूद भारत के पूंजी बाजार लगातार मजबूत और व्यापक होते जा रहे हैं।
राष्ट्रीय राजधानी में एक मीडिया कार्यक्रम में बोलते हुए सेबी प्रमुख ने रिटेल निवेशकों को सलाह दी कि वे बाजार के अल्पकालिक उतार-चढ़ाव पर जल्दबाजी में प्रतिक्रिया न दें।
उन्होंने कहा, रिटेल निवेशकों के लिए सबसे बेहतर रणनीति धैर्य बनाए रखना है। उन्होंने यह भी कहा कि ऐतिहासिक रूप से, बड़े वैश्विक संकटों के बाद बाजार में फिर से सुधार देखने को मिलता है।
उन्होंने बताया कि भारत के पूंजी बाजार आकार, विविधता और मजबूती के मामले में तेजी से बढ़ रहे हैं।
पांडे ने कहा, हमारे बाजार लगातार गहरे और विविध हो रहे हैं और उनकी मजबूती भी बढ़ रही है, लेकिन जैसे-जैसे बाजार का आकार और जटिलता बढ़ती है, वैसे-वैसे वे वैश्विक घटनाओं से भी अधिक प्रभावित होने लगते हैं।
वैश्विक बाजारों में अस्थिरता को स्वीकार करते हुए, उन्होंने कहा कि भू-राजनीतिक तनाव, तकनीकी बदलाव और ऊर्जा संकट अनिश्चितता में योगदान दे रहे हैं।
उन्होंने कहा, भू-राजनीतिक तनाव आर्थिक संबंधों को आकार दे रहे हैं। मध्य पूर्व में संघर्ष ने ऊर्जा आपूर्ति को बुरी तरह प्रभावित किया है।
उन्होंने कहा कि मध्य पूर्व में चल रहे संघर्ष के कारण ऊर्जा आपूर्ति पर बड़ा असर पड़ा है, जिसका प्रभाव वैश्विक पूंजी बाजारों पर भी पड़ा है।
पांडे के अनुसार, आज के वित्तीय बाजारों की एक खासियत यह है कि उनमें अस्थिरता ज्यादा देखने को मिलती है, क्योंकि जानकारी और खबरें तेजी से पूरी दुनिया में फैलती हैं। हालांकि उन्होंने कहा कि ऐसे दौर स्थायी नहीं होते।
उन्होंने कहा, एक बात स्पष्ट है कि अत्यधिक अस्थिरता के दौर हमेशा के लिए नहीं रहते।
वैश्विक बाजारों में हो रहे संरचनात्मक बदलावों का जिक्र करते हुए सेबी चीफ ने कहा कि आर्थिक विभाजन, बदलते व्यापार मार्ग और तकनीक की बढ़ती भूमिका बाजारों को तेजी से बदल रही है।
उन्होंने बताया कि एल्गोरिदमिक ट्रेडिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और एडवांस्ड डेटा एनालिटिक्स के कारण बाजार पहले से कहीं ज्यादा तेजी से काम कर रहे हैं।
सेबी चेयरमैन ने यह भी कहा कि आज के दौर में जानकारी बहुत तेजी से फैलती है और राय उससे भी तेज, जिसके कारण बाजार अक्सर खबरों और कथाओं पर तुरंत प्रतिक्रिया देने लगते हैं।
उन्होंने कहा कि नीति निर्माताओं के लिए यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि बाजार की तेजी के साथ उसकी स्थिरता भी बनी रहे।
आगे की दिशा पर बात करते हुए सेबी प्रमुख ने कहा कि भारत के आर्थिक विकास के अगले चरण के लिए मजबूत बॉन्ड बाजार, संस्थागत निवेशकों की ज्यादा भागीदारी और तकनीकी नवाचार जरूरी होंगे।
उन्होंने यह भी बताया कि निवेशकों की सुरक्षा के लिए सेबी कई कदम उठा रहा है, जिनमें सोशल मीडिया पर भ्रामक जानकारी की निगरानी और पीएआरआरवीए जैसे निगरानी सिस्टम को मजबूत करना शामिल है, ताकि बाजार में संभावित हेरफेर और गलत जानकारी का पता लगाया जा सके।
--आईएएनएस
डीबीपी
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