ईरान के खिलाफ कार्रवाई को लेकर अमेरिकी मीडिया कवरेज पर भड़के ट्रंप, कहा- 'वो नाखुश हैं'
वॉशिंगटन, 14 मार्च (आईएएनएस)। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एक बार फिर से अमेरिकी मीडिया से नाखुश नजर आ रहे हैं। राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि ईरान के खिलाफ अमेरिकी सरकार जिस तरह से कार्रवाई कर रही है, उससे फेक न्यूज मीडिया नाखुश नजर आ रही है। इसके साथ ही अमेरिकी राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि ईरान अमेरिका के साथ समझौता करना चाहता है।
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रूथ सोशल पर लिखा, फेक न्यूज मीडिया को यह रिपोर्ट करना पसंद नहीं है कि अमेरिकी सेना ने ईरान के खिलाफ कितना अच्छा काम किया है, जो पूरी तरह से हार चुका है और एक डील चाहता है, लेकिन ऐसी डील नहीं, जिसे मैं मानूंगा।
अमेरिकी राष्ट्रपति ने इससे पहले भी यह दावा किया था कि ईरान पूरी तरह से खत्म हो रहा है। ईरान के खिलाफ अपनी जीत का दावा करते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, युद्ध के मोर्चे पर हमारे पास बहुत अच्छी खबर है। यानी, वे पूरी तरह से खत्म हो रहे हैं। ईरान पूरी तरह से खत्म हो रहा है। वे (ईरान) लगभग आखिरी रास्ते पर हैं। इसका मतलब यह नहीं है कि हम इसे तुरंत खत्म कर देंगे, लेकिन वे ऐसा कर रहे हैं। उनके पास कोई नौसेना नहीं है। उनके पास कोई एयर फोर्स नहीं है। उनके पास कोई एंटी-एयर ट्रैफिक नहीं है, कुछ भी नहीं है। उनके पास कंट्रोल का कोई सिस्टम नहीं है। हम बस उस देश पर आजादी से घूम रहे हैं।
उन्होंने कहा, अब हम संघर्ष पर बहुत ध्यान देंगे। सबसे जरूरी बात यह है कि हमें इसे जीतना है। इसे जल्दी जीतना है, लेकिन जीतना है। ज्यादातर लोग कहते हैं कि यह पहले ही जीत लिया गया है। बस सवाल यह है कि हम कब रुकेंगे? हम इसे दोबारा नहीं बढ़ने देना चाहते।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिका एक घंटे में ईरान की विद्युत क्षमता को नष्ट कर सकता है। ट्रंप ने कहा, हम तेहरान और दूसरी जगहों के कुछ हिस्सों पर हमला कर सकते हैं, लेकिन अगर आप ऐसा करते हैं, तो उनके लिए अपने देश को फिर से बनाना लगभग नामुमकिन हो जाएगा, और हम ऐसा नहीं चाहते। लेकिन, हम हमला कर सकते हैं। हम एक घंटे में उनकी इलेक्ट्रिक क्षमता खत्म कर सकते हैं और उन्हें इसे फिर से बनाने में 25 साल लगेंगे। तो, इसलिए हम ऐसा नहीं करने वाले हैं।
--आईएएनएस
केके/एबीएम
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मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना से लेकर सखी निवास तक, बहनों के लिए ये स्कीम चला रही योगी सरकार
UP News: उत्तर प्रदेश की योगी सरकार गांव और शहरों के विकास के साथ-साथ किसान, युवा, महिला और बुजुर्गों के लिए तमाम योजनाएं जा रही है. जिससे वे भी राज्य के विकास में अपना योगदान दे सकें. आज हम आपको योगी सरकार की ऐसी ही कुछ योनजाएं के बारे में बताने जा रहे हैं जिन्हें राज्य की महिआओं के लिए चलाया जा रहा है. इन योजनाओं का लाख राज्य की लाखों महिलाओं को मिल रहा है. इनमें कन्या सुमंगला योजना से लेकर सखी निवास तक कई योजनाएं शामिल हैं. तो चलिए जानते हैं योगी सरकार महिलाओं के लिए कौन-कौन सी योजनाएं चला रही है.
पति की मृत्युपरान्त निराश्रित महिला पेंशन योजना
योगी सरकार इस योजना को ऐसी महिलाओं की आर्थिक मदद के लिए चला रही है जिनके पति की मृत्यु हो चुकी है और उनके पास अब कमाई का कोई साधन नहीं है. इस योजना के तहत योगी सरकार प्रत्येक लाभार्थी महिला को 1000/- रुपये प्रति माह पेंशन दी जाती है. इस योजना के लिए महिला उम्मीदवार का यूपी का मूल निवासी होना अनिवार्य है. साथ ही महिला की उम्र कम से कम 18 वर्ष होनी चाहिए. महिला की आय 2 लाख रुपये से कम होनी चाहिए
मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना
इस योजना को योगी सरकार राज्य में समान लिंगानुपात स्थापित करने व कन्या भ्रूण हत्या को रोकने, बालिकाओं के स्वास्थ्य व शिक्षा को सुदृढ़ करने, बालिका के परिवार को आर्थिक सहायता प्रदान करने तथा बालिका के प्रति आम जन में सकारात्मक सोच विकसित करने के लिए चला रही है. मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना 01 अप्रैल 2019 से चल रही है.
इस योजना के तहत योगी सरकार बालिका के जन्म होने पर 5000/- देती है. जबकि बालिका के एक वर्ष तक के पूर्ण टीकाकरण के बाद 2000/- रुपये दिए जाते हैं. बालिका के पहली क्लास में प्रवेश दिलाने के बाद 3000/- रुपये जबकि कक्षा छ में प्रवेश के बाद 3000/- दोबारा से दिए जाते हैं. वहीं बालिका के कक्षा नौ में प्रवेश करने के बाद 5000 रुपये दिए जाते हैं. जब बेटी कक्षा 12वीं उतीर्ण करने के बाद स्नातक अथवा 02 वर्षीय या अधिक अवधि के डिप्लोमा कोर्स में प्रवेश लेती है तो योगी सरकार उसे 7000 रुपये की राशि देती है.
सखी निवास
इसके साथ ही योगी सरकार महिलाओं के लिए श्रमजीवी महिला छात्रावास योजना का भी संचालन कर रही है. जिसका अब नाम बदलकर मिशन शक्ति गाइडलाइन में 'सखी निवास' कर दिया गया है.
उत्तर प्रदेश रानी लक्ष्मीबाई महिला सम्मान कोष
यही नहीं योगी सरकार ने रानी लक्ष्मीबाई महिला सम्मान कोष भी चला रही है. इस योजना के तहत नियमावली 2015 के अन्तर्गत कोष का उपयोग जघन्य हिंसा की शिकार महिलाओं/बालिकाओं जिन्होंने तात्कालिक आर्थिक और चिकित्सीय राहत सुनिश्चित कराना, पीड़िताओं के भरण पोषण, शिक्षा और स्वास्थ्य, पुर्नरूद्धार के साथ-साथ यदि परिस्थितिवश ऐसा अपेक्षित हो , ऐसी पीड़ितों के अवयस्क बच्चों के भरण-पोषण एवं शिक्षा के लिए भी किये जाने की व्यवस्था है ऐसे दृष्टान्तों में आर्थिक क्षतिपूर्ति और अन्य अनुतोष उपलब्ध होंगे.
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पति की मृत्यु के बाद पुनर्विवाह करने वाली महिलाओं के लिए योजना
योगी सरकार ऐसी महिलाओं के लिए भी योजना चला रही है. जिनकी उम्र 35 वर्ष से कम है और उनके पति की मृत्यु हो चुकी है. ऐसी महिला के विवाह करने पर योगी सरकार दंपत्ति को पुरस्कार देती है. हालांकि इस योजना का लाभ तभी मिल सकता है जब महिला आयकर दाता न हो. यानी वह इनकम टैक्स के दायरे में न आती हो. इस योजना के तहत सरकार दम्पत्ति को 11000/— रुपये देती है.
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