Video: खेती का मैनेजमेंट गुरु! 150 दिनों की मेहनत और ₹4 लाख का रिटर्न, युवा किसान की 7 लाख वाली सक्सेस स्टोरी
Agriculture Success Story: सीमांचल की उपजाऊ मिट्टी और युवा सोच जब एक साथ मिलती है, तो खेतों में सोना उपजता है. अररिया के रानीगंज प्रखंड अंतर्गत काला बलुआ गांव के युवा किसान रंजीत कुमार ने इसे साबित कर दिखाया है. रंजीत पिछले 5 वर्षों से वैज्ञानिक तरीके से खेती कर रहे हैं. इस सीजन में उन्होंने 5 एकड़ जमीन पर मक्का की फसल से ₹4 लाख से अधिक की कमाई का लक्ष्य रखा है. रंजीत बताते हैं कि प्रति एकड़ खेती में लगभग ₹20-25 हजार का खर्च आता है. 150 से 180 दिनों में तैयार होने वाली इस फसल में वे 4 से 6 बार सिंचाई और जैविक-रासायनिक खाद के संतुलित मिश्रण का उपयोग करते हैं. खास बात यह है कि वे 'मक्का' के साथ 'सरसों साग' की सह-खेती (Intercropping) भी करते हैं, जिससे अतिरिक्त आमदनी होती है. मक्का के अलावा धान, गेहूं और पशुपालन को मिलाकर रंजीत हर साल ₹7 लाख तक का मुनाफा कमा रहे हैं. उनका मानना है कि अगर सही समय पर कीटनाशक का छिड़काव और सिंचाई का प्रबंधन किया जाए, तो मक्का बिहार के किसानों के लिए सबसे सुरक्षित और मुनाफे वाली फसल है.
होंडा की अमेरिका में इलेक्ट्रिक कार लॉन्च योजना रद्द:ट्रम्प ईवी से सब्सिडी घटा पेट्रोल कारों को बढ़ावा दे रहे; फोर्ड, जीएम, स्टेलांटिस भी ईवी योजनाएं टाल रहीं, होंडा को घाटे का अंदेशा
होंडा ने अमेरिका में इलेक्ट्रिक कार (ईवी) लॉन्च करने की योजना रद्द कर दी है। कंपनी ने कहा है कि अमेरिका में ईवी की मांग धीमी पड़ने और नीतिगत बदलावों के कारण उसने यह फैसला किया है। कंपनी को 1957 में शेयर बाजार में लिस्टिंग के बाद पहली बार 2025-26 में 36,550 करोड़ रुपए से ज्यादा घाटा होने का अंदेशा है। ईवी से जुड़ी रणनीति बदलने से भी कंपनी को 1.45 लाख करोड़ रुपए का नुकसान हो सकता है। होंडा के मुताबिक, अमेरिका में ईवी मार्केट का विस्तार कई कारणों से धीमा पड़ा है। सरकार ने ईवी प्रोत्साहन कम कर दिए हैं और पेट्रोल-डीजल से जुड़े नियमों में ढील दी है। अमेरिकी प्रशासन ऑटो कंपनियों को बड़े पिकअप और एसयूवी बेचने के लिए प्रोत्साहित कर रहा है। कंपनी को नई टैरिफ नीति के कारण पेट्रोल और हाइब्रिड कारों से मुनाफा घट रहा है। इससे कमाई पर दबाव बढ़ा है। इसी वजह से कंपनी ने मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए अपनी ईवी प्लान टालने का फैसला किया है। होंडा के साथ फोर्ड, जनरल मोटर्स और स्टेलांटिस जैसी कंपनियां भी ईवी योजनाएं टाल रही हैं। इन्हें इनमें किए गए निवेश पर भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। हालांकि कुछ कंपनियों ने अब भी ईवी रणनीति जारी रखी है। टोयोटा, सुबारू, बीएमडब्ल्यू, फॉक्सवैगन और ह्युंडई नई इलेक्ट्रिक कारें लॉन्च कर रही हैं। यूरोप और एशिया के कई देशों में इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री भी बढ़ रही है। कार खरीद से जुड़े प्लेटफॉर्म एडमंड्स के अनुसार हाल के युद्ध और पेट्रोल कीमतों में तेज बढ़ोतरी के बाद कुछ खरीदार इलेक्ट्रिक वाहनों पर भी विचार कर रहे हैं। इतिहास बताता है कि पेट्रोल पम्प पर कीमतें बढ़ने से लोग अगली कार के रूप में ईवी विकल्प पर ज्यादा ध्यान देने लगते हैं। स्टार्टअप्स सस्ते, तेज चार्ज होने वाले मॉडल बाजार में उतारने की तैयारी कर रहे अमेरिकी स्टार्टअप्स रिवियन और ल्यूसिड कम कीमत वाले नए मॉडल ला रही हैं। ये कंपनियां 50 लाख रुपए से कम कीमत वाले ईवी बाजार में उतारने की तैयारी कर रही हैं। मौजूदा मॉडल 65 लाख रुपए से ज्यादा कीमत के हैं। इसके कारण बड़ी संख्या में ग्राहक इन्हें खरीद नहीं पाते हैं। ल्यूसिड ने ‘कॉसमॉस’ नाम की कार पेश करने की योजना बनाई है। यह 14 मिनट में चार्ज होकर 322 किमी चलने में सक्षम होगी। कंपनी इस साल सऊदी अरब में उत्पादन शुरू करेगी और 2027 में बिक्री शुरू करेगी।
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