How To Make Thick Curd: घर पर भी हलवाई जैसी गाढ़ी और मलाईदार दही जमाई जा सकती है अगर सही तरीका अपनाया जाए. इसके लिए सबसे पहले फुल क्रीम दूध का इस्तेमाल करना जरूरी होता है क्योंकि इससे दही का टेक्सचर क्रीमी बनता है. दूध को अच्छी तरह उबालकर हल्का गुनगुना होने पर ही जामन डालना चाहिए. जामन की मात्रा संतुलित होनी चाहिए ताकि दही ज्यादा खट्टी न हो. दही जमाने के लिए मिट्टी या कांच का बर्तन सबसे अच्छा माना जाता है. साथ ही दूध की मलाई को न हटाने से दही और ज्यादा गाढ़ी बनती है.
जैसे-जैसे गर्मियों में पारा चढ़ता है, परेशानियां न केवल इंसानों के लिए, बल्कि हमारे प्यारे कुत्ते साथियों के लिए भी बढ़ जाती हैं. इंसानों के विपरीत, कुत्तों को पसीना नहीं आता; इसके बजाय, वे हांफकर अपने शरीर का तापमान नियंत्रित करते हैं. ऐसे में भले ही आपके घर में एयर कंडीशनर न हो आप कुछ आसान और स्मार्ट तरीकों का इस्तेमाल करके अपने कुत्ते को ठंडा और खुश रख सकते हैं.
Suryakumar Yadav: भारतीय टी20 टीम के कप्तान सूर्यकुमार यादव ने इंटरनेशनल क्रिकेट में अपने पांच साल पूरे कर लिए। इस खास मौके पर उन्होंने सोशल मीडिया पर एक भावुक संदेश शेयर किया और कहा कि भारत की जर्सी पहनना एक ऐसा एहसास है, जिसे शब्दों में बयां करना आसान नहीं है।
सूर्यकुमार ने अपने क्रिकेट सफर का एक वीडियो शेयर करते हुए लिखा, '5 साल पहले एक सपना सच हुआ था। भारत की जर्सी पहनना आज भी ऐसा एहसास है जिसे शब्दों में पूरी तरह बयान नहीं कर सकता। उम्मीद है टीम इंडिया के लिए ऐसे ही कई और यादगार पल बनाने का मौका मिलता रहेगा।'
सूर्यकुमार यादव ने 14 मार्च 2021 को इंटरनेशनल क्रिकेट में कदम रखा था। उस समय उनकी उम्र 30 साल 181 दिन थी। उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ अहमदाबाद में खेले गए टी20 मैच से डेब्यू किया था। दिलचस्प बात यह है कि यही अहमदाबाद का मैदान बाद में उनके लिए और भी खास बन गया, जब उन्होंने इसी मैदान पर भारत को टी20 वर्ल्ड कप जिताने वाली टीम की कप्तानी की।
5 years ago, a dream turned into reality. Wearing the India jersey is a feeling I can still never fully put into words ????????
भारत इस जीत के साथ टी20 वर्ल्ड कप का तीसरा खिताब जीतने वाली दुनिया की पहली टीम बनी। साथ ही टीम इंडिया ने अपना खिताब भी बचाया और घरेलू मैदान पर भी ट्रॉफी उठाई।
डेब्यू मैच में सूर्यकुमार को बल्लेबाजी का मौका नहीं मिला था। लेकिन उसी सीरीज के चौथे टी20 मैच में जब वे बल्लेबाजी के लिए उतरे तो पहली ही गेंद पर इंग्लैंड के तेज गेंदबाज जोफ्रा आर्चर को छक्का जड़ दिया। यह शॉट उनके आत्मविश्वास और अंदाज की झलक थी।
इसके बाद उनका सफर लगातार ऊपर ही गया। पिछले पांच सालों में सूर्यकुमार यादव ने 113 टी20 इंटरनेशनल मैचों में 3272 रन बनाए हैं। इस दौरान उनके बल्ले से 4 शतक और 25 अर्धशतक निकले हैं। वह भारत के लिए टी20 इंटरनेशनल में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाजों की सूची में तीसरे स्थान पर हैं। उनसे आगे केवल रोहित शर्मा (4231 रन) और विराट कोहली (4188 रन) हैं।
टी20 के बाद उन्होंने वनडे और टेस्ट क्रिकेट में भी कदम रखा। सूर्यकुमार ने 18 जुलाई 2021 को कोलंबो में श्रीलंका के खिलाफ वनडे डेब्यू किया था। वहीं 2023 में नागपुर में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट डेब्यू किया। इसके साथ ही वे 30 साल की उम्र के बाद तीनों फॉर्मेट में डेब्यू करने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी बन गए।
उनके प्रदर्शन को देखते हुए उन्हें 2022 में आईसीसी ने मेंस टी20 इंटरनेशनल क्रिकेटर ऑफ द ईयर चुना था। यह अवॉर्ड उन्हें इंटरनेशनल डेब्यू के सिर्फ एक साल बाद मिला था।
हाल ही में खत्म हुए टी20 विश्व कप 2026 में भी सूर्यकुमार यादव का योगदान अहम रहा। उन्होंने टूर्नामेंट में 242 रन बनाए। फाइनल में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ उनका एक शानदार कैच मैच का टर्निंग पॉइंट बना। बाउंड्री लाइन पर उन्होंने डेविड मिलर का कैच लपककर भारत की जीत लगभग पक्की कर दी थी।
बाद में उन्हें भारतीय टी20 टीम की कप्तानी भी सौंपी गई, जबकि इससे पहले उन्होंने किसी बड़ी फ्रेंचाइजी टीम की कप्तानी नहीं की थी। इसके बावजूद बतौर कप्तान उनका रिकॉर्ड शानदार रहा है। सूर्यकुमार ने अब तक भारत की 52 टी20 मैचों में कप्तानी की है, जिसमें टीम ने 42 मैच जीते और सिर्फ 8 हारे। दो मैचों का नतीजा नहीं निकला। इस तरह उनका जीत प्रतिशत 80.76 का है, जो उनके सफल नेतृत्व की कहानी बताता है।
पांच साल पहले शुरू हुआ यह सफर अब भारतीय क्रिकेट की एक बड़ी कहानी बन चुका है और फिलहाल ऐसा लग रहा है कि सूर्यकुमार यादव के बल्ले से अभी कई और यादगार पल बाकी हैं।