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मिडटर्म चुनाव में हार के बाद ट्रंप का बड़ा बयान, बोले- 'पहले से ज्यादा ताकत के साथ करेंगे वापसी'
Donald Trump: अमेरिका में हाल ही में हुए मिडटर्म इलेक्शन में रिपब्लिकन पार्टी को मिली करारी शिकस्त के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर से सत्ता में मजबूत वापसी का दावा किया है. उन्होंने चुनावी नतीजों को देश के लिए बड़ा झटका बताते हुए कहा कि अमेरिका इस फैसले के साथ इतिहास में पीछे चला गया है. हालांकि, ट्रम्प ने अपने समर्थकों को भरोसा दिलाया कि उनकी वापसी पहले से कहीं ज्यादा मजबूत होगी.
ट्रंप ने रविवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर एक पोस्ट किया. जिसमें उन्होंने लिखा कि चुनाव के नतीजों से अमेरिकी अर्थव्यवस्था और शेयर बाजार को भी नुकसान पहुंचा है. ट्रंप ने कहा कि जिस शेयर बाजार में उनके कार्यकाल के दौरान तेजी देखने को मिल रही थी, उसे एक ही दिन में करीब 3 ट्रिलियन डॉलर का नुकसान हुआ. राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि उनकी टीम दोबारा मजबूती के साथ वापसी करेगी.
डेमोक्रेट्स की जीत से ट्रंप प्रशासन को झटका
बता दें कि अमेरिकी मध्यावधि चुनाव में डेमोक्रेटिक पार्टी ने सीनेट और प्रतिनिधि सभा में बढ़त हासिल कर रिपब्लिकन पार्टी को बड़ा राजनीतिक नुकसान पहुंचाया है. इस नतीजे को ट्रंप प्रशासन की नीतियों के खिलाफ जनता की नाराजगी के तौर पर देखा जा रहा है. राष्ट्रपति ट्रंप और उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने चुनाव में पार्टी के खराब प्रदर्शन के लिए ईरान के साथ चल रहे युद्ध को प्रमुख वजह बताया. उनका कहना था कि 2024 के राष्ट्रपति चुनाव में रिपब्लिकन पार्टी का समर्थन करने वाले कई मतदाताओं का रुख इस बार बदल गया.
ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई पर ट्रंप को पछतावा नहीं
इसके साथ ही अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी स्वीकार किया कि ईरान के साथ युद्ध का चुनावी नतीजों पर असर पड़ा और इसकी वजह से रिपब्लिकन पार्टी को नुकसान उठाना पड़ा. हालांकि, उन्होंने सैन्य कार्रवाई के अपने फैसले का बचाव किया. राष्ट्रपित ट्रंप ने कहा कहा कि ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकने के लिए सैन्य अभियान जरूरी था. उन्होंने साफ किया कि इस फैसले को लेकर उन्हें कोई पछतावा नहीं है और अगर दोबारा ऐसी स्थिति पैदा होती है तो वह फिर इसी तरह की कार्रवाई करने से पीछे नहीं हटेंगे.
इससे पहले ट्रंप ने दावा किया था कि अमेरिकी सैन्य कार्रवाई ने ईरान की सैन्य ताकत को भारी नुकसान पहुंचाया है. उन्होंने कहा कि ईरान की नौसेना, वायुसेना और एयर डिफेंस सिस्टम को काफी हद तक तबाह कर दिया. होर्मुज जलडमरूमध्य से तेल की आपूर्ति का जिक्र करते हुए ट्रंप ने कहा कि अब वहां से बड़ी मात्रा में तेल की निकासी हो रही है. जबकि सैन्य अभियान की शुरुआत में ऐसी स्थिति नहीं थी. इसके साथ ही उन्होंने संकेत दिया कि चुनावी नुकसान के पीछे युद्ध के अलावा तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव भी एक अहम कारण रहा.
चुनावी हार के बाद ट्रंप की टीम में किया गया बदलाव
बता दें कि मिडटर्म चुनाव के नतीजे आने के बाद ट्रंप प्रशासन में संगठनात्मक बदलाव भी देखने को मिले हैं. व्हाइट हाउस के चीफ ऑफ स्टाफ सूसी वाइल्स को पद से हटाए जाने के बाद उनकी जगह स्टीफन मिलर को जिम्मेदारी सौंपी गई है. उन्हें ट्रंप का करीबी और भरोसेमंद सहयोगी माना जाता है. वह सोमवार से नई जिम्मेदारी संभालेंगे.
वहीं, भारतीय मूल की अमेरिकी वकील हरमीत कौर ढिल्लों ने भी अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. वह अमेरिकी न्याय विभाग के सिविल राइट्स डिवीजन की प्रमुख के तौर पर काम कर रही थीं. उनके इस्तीफे को भी प्रशासन में हो रहे बदलावों के लिहाज से अहम माना जा रहा है.
2028 के चुनावों पर भी टिकी हैं नजर
मध्यावधि चुनाव में मिली हार के बाद अब रिपब्लिकन पार्टी के सामने अपनी राजनीतिक स्थिति मजबूत करने की चुनौती है. पार्टी के भीतर 2028 के राष्ट्रपति चुनाव को लेकर भी चर्चाएं तेज हो सकती हैं. राजनीतिक जानकारों का मानना है कि चुनावी झटके के बावजूद ट्रंप अपनी प्रमुख नीतियों में बड़े बदलाव करने के पक्ष में शायद ही दिखाई दें. ऐसे में आने वाले दिनों में उनकी सरकार का रुख किस दिशा में जाता है, इस पर अमेरिकी राजनीति की नजर रहेगी.
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