ये हैं आईपीएल इतिहास में सबसे ज्यादा मैच हारने वाले कैप्टन, टॉप-5 में शामिल 4 कप्तानों ने तो जीती हैं ट्रॉफी
IPL Record: इंडियन प्रीमियर लीग 2026 की तैयारियां जोरों-शोरों से चल रही हैं. 28 मार्च से टूर्नामेंट की शुरुआत होने वाली है, जिसके शुरुआती 20 मैचों का शेड्यूल जारी हो चुका है. अब हर क्रिकेट फैन इसी की शुरुआत कर रहे हैं. ये बात तो हर कोई जानता है कि आईपीएल के सबसे सफल कप्तान एमएस धोनी और रोहित शर्मा हैं, जिन्होंने 5-5 आईपीएल ट्रॉफीज जीती हैं. मगर, क्या आपको मालूम है कि आईपीएल में सबसे ज्यादा मैच हारने वाला कप्तान कौन है? तो आइए इस आर्टिकल में आपको ऐसे ही टॉप-5 कप्तानों के बारे में बताते हैं, जिन्होंने आईपीएल में सबसे ज्यादा मैच हारे हैं.
5- डेविड वॉर्नर
सनराइजर्स हैदराबाद को उसकी पहली और एकमात्र ट्रॉफी जिताने वाले कप्तान डेविड वॉर्नर आईपीएल में सबसे ज्यादा मुकाबले हारने वाले कप्तानों की लिस्ट में पांचवें नंबर पर आते हैं. वॉर्नर ने आईपीएल में कुल 83 मुकाबलों में 2 टीमों की कप्तानी की है, जिसमें उन्होंने 40 मैचों में अपनी टीम को जीत दिलाई है, जबकि 41 मैचों में टीम को हार का सामना करना पड़ा है. 2 मैच टाई रहे. आपको बता दें, वॉर्नर आईपीएल में 3 ऑरेन्ज कैप जीतने वाले एकमात्र बल्लेबाज हैं.
4- गौतम गंभीर
आईपीएल में सबसे ज्यादा मुकाबले हारने वाले कप्तानों की लिस्ट में चौथे नंबर पर गौतम गंभीर का नाम आता है. गंभीर ने 2009 से 2018 तक कप्तानी की है, जिसमें उन्होंने कोलकाता नाइट राइडर्स को 2 बार 2012-2014 में ट्रॉफी जिताई. इस दौरान गंभीर ने 129 मुकाबलों में कोलकाता नाइट राइडर्स और दिल्ली कैपिटल्स की कप्तानी की, जिसमें उन्होंने 71 मुकाबले जीते, जबकि 57 मैचों में उन्हें हार का सामना करना पड़ा. वहीं, एक मैच टाई रहा.
3- रोहित शर्मा
रोहित शर्मा ने 2013 से 2023 तक मुंबई इंडियंस की कप्तानी संभाली, जिसमें उन्होंने 5 बार टीम को चैंपियन बनाया. मगर, हिटमैन आईपीएल में सबसे ज्यादा मैच हारने वाले कप्तानों की लिस्ट में तीसरे नंबर पर रोहित शर्मा का नाम आता है. उन्होंने 158 मुकाबलों में MI की कप्तानी की, जिसमें उन्होंने 87 मैचों में अपनी टीम को जीत दिलाई, जबकि 67 मैचों में टीम को हार का सामना करना पड़ा. 4 मैच टाई पर खत्म हुए.
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2- विराट कोहली
IPL में सबसे ज्यादा मैच हारने वाले कप्तानों की लिस्ट में दूसरे नंबर पर विराट कोहली का नाम आता है. विराट ने 2011 से 2022 तक 143 मुकाबलों में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु की कप्तानी की है, जिसमें उन्होंने 66 मैच जीते, जबकि 70 मैचों में उन्हें हार का सामना करना पड़ा. विराट भले ही बतौर कप्तान अपनी फ्रेंचाइजी को एक भी आईपीएल ट्रॉफी न जिता पाए हो, लेकिन आईपीएल 2025 में रजत पाटीदार की कैप्टेंसी में RCB ने पहली ट्रॉफी जीती, जिसमें विराट कोहली ने टीम को खिताबी जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई.
1- एमएस धोनी
महेंद्र सिंह धोनी... जी हां, आईपीएल में सबसे अधिक मैच हारने वाले कप्तान कोई और नहीं बल्कि चेन्नई सुपर किंग्स को 5 ट्रॉफी जिताने वाले एमएस धोनी ही हैं. माही ने आईपीएल में अब तक 235 मुकाबले खेले हैं, जिसमें उन्होंने 136 मैच जीते हैं, जबकि उन्हें 97 मैचों में हार का सामना करना पड़ा है. वहीं, 2 मैच बेनतीजे रहे हैं. आपको बता दें, धोनी ही आईपीएल में सबसे ज्यादा मैचों में कप्तानी करने वाले क्रिकेटर भी हैं.
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डिएगो गार्सिया सैन्य अड्डे पर अधिकार की लड़ाई, अमेरिकी सीनेटर ने पेश किया बिल
वाशिंगटन, 14 मार्च (आईएएनएस)। अमेरिका के एक सीनेटर ने ऐसा विधेयक पेश किया है, जिसका उद्देश्य चागोस द्वीपसमूह — जिसमें रणनीतिक रूप से अहम डिएगो गार्सिया सैन्य अड्डा भी शामिल है — की संप्रभुता में किसी भी बदलाव को तब तक रोकना है जब तक अमेरिकी सीनेट औपचारिक रूप से अमेरिका-ब्रिटेन रक्षा समझौते में बदलाव को मंजूरी न दे दे।
लुइसियाना से रिपब्लिकन सीनेटर जॉन केनेडी, जो सीनेट एप्रोप्रियेशन्स कमेटी के सदस्य हैं, ने “डिएगो गार्सिया ट्रीटी ओवरसाइट एक्ट” (डिएगो गार्सिया संधि पर्यवेक्षण अधिनियम) नाम का विधेयक पेश किया है। इस प्रस्ताव के तहत 1966 में अमेरिका और ब्रिटेन के बीच ब्रिटिश इंडियन ओशन टेरिटरी को लेकर हुए समझौते में किसी भी बदलाव के लिए सीनेट की सलाह और सहमति जरूरी होगी।
यह कदम ऐसे समय आया है जब वाशिंगटन में ब्रिटेन के उस प्रस्ताव को लेकर चिंता जताई जा रही है, जिसमें चागोस द्वीपसमूह की संप्रभुता मॉरीशस को सौंपने की बात कही गई है। इस द्वीपसमूह में मौजूद डिएगो गार्सिया अमेरिका और ब्रिटेन का एक महत्वपूर्ण संयुक्त नौसैनिक समर्थन अड्डा है।
सीनेटर केनेडी ने कहा, “जब दो देश किसी संधि पर सहमत होते हैं, तो उनमें से एक देश दूसरे की सहमति के बिना उसकी शर्तों में बदलाव नहीं कर सकता। यह सामान्य समझ की बात है।”
उन्होंने ब्रिटेन की इस पहल की आलोचना करते हुए कहा कि वह डिएगो गार्सिया पर स्थित संयुक्त सैन्य अड्डे को ऐसे व्यक्ति के “करीबी” देश को सौंपने की कोशिश कर रहा है, जिसे उन्होंने चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग का सहयोगी बताया। केनेडी ने कहा कि उनका बिल यह सुनिश्चित करेगा कि अमेरिकी सीनेट की मंजूरी के बिना संधि में कोई बदलाव न किया जा सके।
प्रस्तावित कानून के अनुसार, 1966 के समझौते में किसी भी संशोधन को लागू करने से पहले सीनेट की मंजूरी अनिवार्य होगी। साथ ही यह भी प्रावधान है कि यदि सीनेट की सहमति न हो तो कोई भी संघीय एजेंसी इस समझौते में बदलाव के लिए धन का उपयोग नहीं कर सकेगी।
इसके अलावा विधेयक में यह भी कहा गया है कि किसी भी संभावित संशोधन पर बातचीत शुरू करने से पहले राष्ट्रपति को कांग्रेस के समक्ष एक विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी। इस रिपोर्ट में राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े कारण, डिएगो गार्सिया पर अमेरिकी संचालन नियंत्रण पर संभावित प्रभाव, और किसी तीसरे देश के दावे या विदेशी सैन्य उपस्थिति से उत्पन्न जोखिमों का आकलन शामिल होगा।
सीनेटर केनेडी पहले भी चागोस द्वीपसमूह को मॉरीशस को सौंपने के प्रस्ताव की आलोचना कर चुके हैं। उन्होंने ब्रिटेन में इस योजना के विरोधियों से भी बातचीत की है और अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो और रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ से इस व्यवस्था का विरोध करने की अपील की है।
डिएगो गार्सिया, जो चागोस द्वीपसमूह का सबसे बड़ा द्वीप है, अमेरिका-ब्रिटेन के संयुक्त सैन्य प्रतिष्ठान का केंद्र है और हिंद महासागर क्षेत्र में अमेरिकी बलों के लिए एक महत्वपूर्ण लॉजिस्टिक और ऑपरेशनल हब माना जाता है।
यह अड्डा लंबे समय से मध्य-पूर्व, अफ्रीका और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य अभियानों में अहम भूमिका निभाता रहा है। इसकी भौगोलिक स्थिति अमेरिका को हिंद महासागर के विशाल क्षेत्र में नौसैनिक और हवाई अभियानों को समर्थन देने तथा रणनीतिक मौजूदगी बनाए रखने की सुविधा देती है।
चागोस द्वीपसमूह को लेकर विवाद अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में लंबे समय से जारी है। यूनाइटेड किंगडम ने 1968 में मॉरीशस की स्वतंत्रता से पहले इस द्वीपसमूह को अलग कर लिया था, जबकि मॉरीशस लंबे समय से इस पर अपनी संप्रभुता का दावा करता रहा है।
--आईएएनएस
केआर/
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