जरूरत की खबर- बारिश में जल्दी खराब होते आटा-चावल, दाल:बढ़ता बैक्टीरिया-फंगस का रिस्क, एक्सपर्ट से जानें मानसून फूड स्टोरेज टिप्स
बारिश के मौसम में वातावरण में नमी बढ़ने और तापमान में बार-बार बदलाव होने से खाने-पीने की चीजें जल्दी खराब होती हैं। इस मौसम में आटा, दाल, सब्जियां और डेयरी प्रोडक्ट्स में फंगस और बैक्टीरिया तेजी से पनपते हैं। ऐसे में मानसून में खाने की चीजों को सही तरीके से स्टोर करना बेहद जरूरी है। इसलिए ‘जरूरत की खबर’ में आज मानसून में फूड स्टोरेज सेफ्टी टिप्स की बात करेंगे। साथ ही जानेंगे कि- एक्सपर्ट- डॉ. अमृता मिश्रा, सीनियर डाइटीशियन, दिल्ली सवाल- मानसून में खाना जल्दी खराब क्यों होने लगता है? जवाब- पॉइंटर्स में इसे विस्तार से समझिए- सवाल- कौन-से फूड आइटम्स मानसून में जल्दी खराब होते हैं? जवाब- मानसून में आटा, बेसन, दालें, अनाज, मसाले और पका हुआ खाना जल्दी खराब होते हैं। इनके अलावा कुछ और फूड आइटम्स के खराब होने का रिस्क ज्यादा होता है। ग्राफिक में पूरी लिस्ट देखिए- सवाल- क्या बारिश के मौसम में बैक्टीरिया और फंगस तेजी से बढ़ते हैं? जवाब- हां, बारिश के मौसम में हवा में नमी बढ़ जाती है। साथ ही तापमान भी बैक्टीरिया व फंगस के पनपने के लिए अनुकूल रहता है। नमी और गर्माहट मिलने से ये तेजी से बढ़ते हैं और खाने को जल्दी खराब कर सकते हैं। सवाल- मानसून में आटा, दाल, चावल और मसाले खराब होने से कैसे बचाएं? जवाब- आटा, दाल, चावल और मसालों को साफ, सूखे और एयरटाइट डिब्बों में रखना चाहिए। इन्हें स्टोर करने के सभी टिप्स ग्राफिक में देखिए- सवाल- आलू, प्याज और लहसुन को कैसे स्टोर करें? जवाब- पॉइंटर्स से समझिए- सवाल- पत्तेदार सब्जियों को ज्यादा दिन ताजा कैसे रखें? जवाब- पत्तेदार सब्जियां (जैसे पालक, मेथी, धनिया) में पानी की मात्रा ज्यादा होती है। गलत स्टोरेज से ये जल्दी मुरझा जाती हैं या सड़ने लगती हैं। इन्हें ताजा रखने के लिए नमी और एयरफ्लो का संतुलन बनाए रखना जरूरी है। पॉइंटर्स से समझिए- सवाल- क्या सब्जियों को धोकर स्टोर करना चाहिए? जवाब- नहीं, सब्जियों को धोकर स्टोर करने से उनमें नमी बढ़ जाती है। इससे बैक्टीरिया और फंगस तेजी से पनपते हैं और सब्जियां जल्दी खराब होती हैं। इसलिए सब्जियों को इस्तेमाल करने से पहले धोएं। अगर धोकर रखना जरूरी हो, तो उन्हें पूरी तरह सुखाकर ही फ्रिज में रखें। सवाल- दूध मानसून में जल्दी क्यों फट जाता है? जवाब- दूध में लैक्टोज नाम का नेचुरल शुगर होता है। बैक्टीरिया इस शुगर को लैक्टिक एसिड में बदलता है। इससे दूध में खट्टापन बढ़ता है और उसका प्रोटीन जमने लगता है। इसी वजह से दूध फट जाता है। मानसून में नमी और गर्मी के कारण बैक्टीरिया तेजी से बढ़ सकते हैं। इसलिए दूध को सही तापमान पर न रखने से वह जल्दी फट सकता है। सवाल- मानसून में दही और पनीर को कैसे सुरक्षित रखें? जवाब- पॉइंटर्स में देखिए- दही पनीर सवाल- अंडे फ्रिज में रखें या बाहर? जवाब- आमतौर पर मानसून में अंडों को फ्रिज में रखना सेफ होता है। कम तापमान बैक्टीरिया की ग्रोथ को धीमा कर देता है और अंडे ज्यादा समय तक फ्रेश बने रहते हैं। सवाल- अचार/पापड़ को मानसून में सुरक्षित कैसे रखें? जवाब- अचार और पापड़, दोनों ही नमी के संपर्क में आते ही जल्दी खराब हो सकते हैं। इसलिए इन्हें ड्राई और एयरटाइट कंटेनर में रखें। सवाल- मानसून में किचन को सूखा और साफ कैसे रखें? जवाब- इसके लिए सिंक और प्लेटफॉर्म पर पानी जमा न होने दें। गीले कपड़े और स्पंज को इस्तेमाल के बाद सुखाएं। साथ ही ग्राफिक में दी गई कुछ बाताें का खास ख्याल रखें- सवाल- किचन कैबिनेट्स को सीलन से कैसे बचाएं? जवाब- पॉइंटर्स में इसके सभी टिप्स देखिए- सवाल- किचन में स्मेल और फंगस रोकने के आसान तरीके क्या हैं? जवाब- सही क्लीनिंग और नमी को कंट्रोल करके इसे आसानी से रोका जा सकता है। ग्राफिक में सभी तरीके देखिए- सवाल- मानसून में अनाज को कितने दिनों तक स्टोर करना सुरक्षित है? जवाब- यह सही स्टोरेज कंडीशन पर निर्भर करता है। आमतौर पर- अगर इनमें नमी अंदर चली जाए तो 2-4 हफ्तों में भी कीड़े, फफूंदी या स्मेल आ सकती है। सवाल- अगर बिजली चली जाए तो फ्रिज का खाना कितनी देर सुरक्षित रहता है? जवाब- आमतौर पर लगभग 3-4 घंटे तक सुरक्षित रहता है, बशर्ते फ्रिज का दरवाजा बार-बार न खोलें। ………………………………. ये खबर भी पढ़ें… जरूरत की खबर– बारिश में फट रही एड़ियां:नमी, पानी, गंदगी है कारण, जानें कैसे रखें सुरक्षित, मानसून फुट केयर रूटीन के 8 स्टेप्स बारिश का मौसम आते ही ज्यादातर लोग सर्दी-जुकाम, वायरल या डेंगू जैसी बीमारियों से बचने की बात करते हैं। लेकिन इसी मौसम में एक और समस्या परेशान करती है- एड़ियों का फटना। लोगों को लगता है कि एड़ियां सिर्फ सर्दियों में फटती हैं, लेकिन यह सच नहीं है। मानसून में लगातार गीलापन, गंदा पानी, खुले फुटवियर और पैरों की ठीक से देखभाल न करने की वजह से भी एड़ियां फट सकती हैं। पूरी खबर पढ़ें…
पंजाबी युवक ने 280 की स्पीड में भगाई कार,VIDEO:कनाडा में 81 लाख की कार्वेट गाड़ी से स्टंट, टायरों से धुआं भी निकाला
कनाडा के कैलगिरी में पंजाबी युवक की रैश ड्राइविंग का एक वीडियो सामने आया है। युवक ने 280 की स्पीड में अपनी कार्वेट कार को ट्रैफिक भरे रोड पर भगाया। वीडियो में कार का स्पीडोमीटर भी दिखाया गया है। युवक ने कार के टायरों से धुआं निकालने का एक अन्य वीडियो भी शेयर किया है। कनाडा के लोगों ने इस युवक का वीडियो एक्स (पूर्व ट्विटर) पर शेयर कर इसे डिपोर्ट करने और कार्रवाई करने की मांग की है। कार चला रहे युवक की पहचान जस सिंह के रूप में हुई है। युवक पंजाब में कहां का रहने वाला है, इसके बारे में पता नहीं लग पाया है। युवक ने इंस्टाग्राम पर अपने अकाउंट jas_singh_25 से 2 अगस्त को वीडियो अपलोड किया। वीडियो के साथ युवक ने अपने फोटो भी शेयर किए हैं। इसमें गोल्डन टेंपल में माथा टेकते दिख रहा है। फिलहाल युवक के खिलाफ अभी कनाडा पुलिस ने कोई एक्शन नहीं लिया है। बता दें कि कनाडा में इस तरह से रैश ड्राइविंग पर लाइसेंस रद्द हो सकता है। इसके साथ ही मामले की गंभीरता को देखते हुए जेल का भी प्रावधान है। अब पढ़िए वीडियों में क्या दिख रहा है… युवक को डिपोर्ट करने की उठी मांग सोशल मीडिया यूजर्स ने जस सिंह को कनाडा में पढ़ाई का मौका मिलने के बावजूद कानून और जनसुरक्षा का अनादर करने का आरोप लगाया। कई पोस्ट में कहा गया कि इससे पहले कि कोई गंभीर दुर्घटना हो, उसे देश से बाहर भेज दिया जाए। अभी तक कैलगरी पुलिस या किसी आधिकारिक एजेंसी ने इस मामले में कोई बयान जारी नहीं किया है। इंटरनेशनल स्टूडेंट्स की बढ़ रही शिकायतों पर चिंता कनाडा में इंटरनेशनल स्टूडेंट्स की संख्या बढ़ने के साथ कई शहरों में ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन और खतरनाक ड्राइविंग की शिकायतें पहले भी सामने आ चुकी हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसी घटनाएं सड़क सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा पैदा करती हैं। स्थानीय प्रशासन से इस वीडियो की जांच की मांग की जा रही है। रैश ड्राइविंग पर कनाडा में 2 साल जेल हो सकती है कनाडा में खतरनाक ड्राइविंग (क्रिमिनल कोड धारा 320.13) गंभीर अपराध है। चोट और मौत न होने पर अधिकतम 10 साल की जेल या 2 साल से कम या जुर्माना दोनों हो सकते हैं। चोट लगने पर अधिकतम 14 साल जेल, मौत होने पर आजीवन कारावास तक सजा संभव है। पहले अपराध पर न्यूनतम 1000 डॉलर जुर्माना, दोहराए जाने पर जेल की अवधि बढ़ती है। लाइसेंस रद्द, आपराधिक रिकॉर्ड और गैर-नागरिकों के लिए डिपोर्टेशन भी हो सकता है। ----------------- ये खबर भी पढ़ें… कनाडा में प्रदर्शन कर रही पंजाबी छात्रा का दर्द, रोकर बोली- जमीन बेच पढ़ने भेजा, यहां वर्क परमिट नहीं दे रहे, घर में आटा भी नहीं आ रहा कनाडा के पोर्टाज कॉलेज में पढ़ रहे पंजाबी छात्रों का आंदोलन में दर्द छलका है। पोस्ट ग्रेजुएशन वर्क परमिट (PGWP) के रिजेक्शन मिलने से स्टूडेंट्स 3 हफ्ते से सड़कों पर प्रदर्शन कर रहे हैं। छात्रों ने आंकड़े शेयर करते हुए बताया कि हालिया पोल्स के मुताबिक, 485 रिजेक्शन के मुकाबले 50 से भी कम अप्रूवल मिले हैं। (पढ़ें पूरी खबर)
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