पंजाबी युवक ने 280 की स्पीड में भगाई कार,VIDEO:कनाडा में 81 लाख की कार्वेट गाड़ी से स्टंट, टायरों से धुआं भी निकाला
कनाडा के कैलगिरी में पंजाबी युवक की रैश ड्राइविंग का एक वीडियो सामने आया है। युवक ने 280 की स्पीड में अपनी कार्वेट कार को ट्रैफिक भरे रोड पर भगाया। वीडियो में कार का स्पीडोमीटर भी दिखाया गया है। युवक ने कार के टायरों से धुआं निकालने का एक अन्य वीडियो भी शेयर किया है। कनाडा के लोगों ने इस युवक का वीडियो एक्स (पूर्व ट्विटर) पर शेयर कर इसे डिपोर्ट करने और कार्रवाई करने की मांग की है। कार चला रहे युवक की पहचान जस सिंह के रूप में हुई है। युवक पंजाब में कहां का रहने वाला है, इसके बारे में पता नहीं लग पाया है। युवक ने इंस्टाग्राम पर अपने अकाउंट jas_singh_25 से 2 अगस्त को वीडियो अपलोड किया। वीडियो के साथ युवक ने अपने फोटो भी शेयर किए हैं। इसमें गोल्डन टेंपल में माथा टेकते दिख रहा है। फिलहाल युवक के खिलाफ अभी कनाडा पुलिस ने कोई एक्शन नहीं लिया है। बता दें कि कनाडा में इस तरह से रैश ड्राइविंग पर लाइसेंस रद्द हो सकता है। इसके साथ ही मामले की गंभीरता को देखते हुए जेल का भी प्रावधान है। अब पढ़िए वीडियों में क्या दिख रहा है… युवक को डिपोर्ट करने की उठी मांग सोशल मीडिया यूजर्स ने जस सिंह को कनाडा में पढ़ाई का मौका मिलने के बावजूद कानून और जनसुरक्षा का अनादर करने का आरोप लगाया। कई पोस्ट में कहा गया कि इससे पहले कि कोई गंभीर दुर्घटना हो, उसे देश से बाहर भेज दिया जाए। अभी तक कैलगरी पुलिस या किसी आधिकारिक एजेंसी ने इस मामले में कोई बयान जारी नहीं किया है। इंटरनेशनल स्टूडेंट्स की बढ़ रही शिकायतों पर चिंता कनाडा में इंटरनेशनल स्टूडेंट्स की संख्या बढ़ने के साथ कई शहरों में ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन और खतरनाक ड्राइविंग की शिकायतें पहले भी सामने आ चुकी हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसी घटनाएं सड़क सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा पैदा करती हैं। स्थानीय प्रशासन से इस वीडियो की जांच की मांग की जा रही है। रैश ड्राइविंग पर कनाडा में 2 साल जेल हो सकती है कनाडा में खतरनाक ड्राइविंग (क्रिमिनल कोड धारा 320.13) गंभीर अपराध है। चोट और मौत न होने पर अधिकतम 10 साल की जेल या 2 साल से कम या जुर्माना दोनों हो सकते हैं। चोट लगने पर अधिकतम 14 साल जेल, मौत होने पर आजीवन कारावास तक सजा संभव है। पहले अपराध पर न्यूनतम 1000 डॉलर जुर्माना, दोहराए जाने पर जेल की अवधि बढ़ती है। लाइसेंस रद्द, आपराधिक रिकॉर्ड और गैर-नागरिकों के लिए डिपोर्टेशन भी हो सकता है। ----------------- ये खबर भी पढ़ें… कनाडा में प्रदर्शन कर रही पंजाबी छात्रा का दर्द, रोकर बोली- जमीन बेच पढ़ने भेजा, यहां वर्क परमिट नहीं दे रहे, घर में आटा भी नहीं आ रहा कनाडा के पोर्टाज कॉलेज में पढ़ रहे पंजाबी छात्रों का आंदोलन में दर्द छलका है। पोस्ट ग्रेजुएशन वर्क परमिट (PGWP) के रिजेक्शन मिलने से स्टूडेंट्स 3 हफ्ते से सड़कों पर प्रदर्शन कर रहे हैं। छात्रों ने आंकड़े शेयर करते हुए बताया कि हालिया पोल्स के मुताबिक, 485 रिजेक्शन के मुकाबले 50 से भी कम अप्रूवल मिले हैं। (पढ़ें पूरी खबर)
संसद परिसर में विपक्षी पार्टियों से सांसदों का प्रदर्शन, बैनर पर लिखा “अमित शाह संसद से गायब क्यों?”
संसद के मानसून सत्र में चल रहा गतिरोध और हंगामा आज भी जारी रहा, विपक्षी दलों के सांसदों ने विरोध प्रदर्शन का क्रम आज भी जारी रखा, समाजवादी पार्टी जहाँ राम मंदिर दान चोरी मुद्दे को लेकर हमलावर है वहीं कांग्रेस छात्रों पर हुए लाठीचार्ज को लेकर सवाल कर रही है, सभी विपक्षी दलों के सांसद इस पर गृहमंत्री अमित शाह की चुप्पी और उनकी सदन में अनुपस्थिति को लेकर सवाल कर रहे है।
संसद परिसर में विपक्ष ने एक बड़े से बैनर के साथ आज सोमवार को फिर प्रदर्शन किया, विपक्ष का राम मंदिर दान चोरी पर भी विरोध प्रदर्शन जारी है, सदन के अन्दर और संसद परिसर दोनों जगह विपक्ष एकजुट होकर मोदी सरकार को घेर रहा है और प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री अमित शाह से सवाल कर रहा है।
दान चोरी को लेकर सरकार पर विपक्ष का हमला बरक़रार
कांग्रेस के सांसदों के हाथ में एक बैनर था जिसपर लिखा था – अमित शाह सांसद से गायब क्यों? कांग्रेस के सांसद इसे लेकर नारेबाजी भी कर रहे थे, वहीं समाजवादी पार्टी के सांसद राम मंदिर दान चोरी के विरोध में दान पात्र रखकर प्रदर्शन कर रहे थे उनके हाथ में भाजपा के विरोध में नारे लिखे पोस्टर थे। मुद्दे भले ही अलग अलग थे लेकिन सभी विपक्षी सांसद एकजुट होकर सरकार पर हमलावर थे।
हर सत्र में गृह मंत्री एक्टिव रहते है लेकिन इस बार गायब क्यों ?
कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने मीडिया से बात करते हुए कहा हम एक सामान्य सवाल पूछ रहे हैं कि गृह मंत्री अमित शाह संसद में क्यों नहीं आ रहे हैं? वे सदन से क्यों भाग रहे हैं, क्या कारण है? वैसे सभी सत्रों में वे बहुत सक्रिय रहते थे। हम दो साल से देख रहे हैं वे हर बिल के समय लोकसभा और राज्यसभा में मौजूद रहते थे तो फिर इस सत्र में वे क्यों नहीं आ रहे हैं? छात्रों पर अत्याचार और हमले अभी भी जारी हैं। हमें और पूरे देश को गृह मंत्री से जवाब चाहिए।
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