ईरान पर ट्रंप की कार्रवाई का जेडी वेंस ने किया, बोले-आर्थिक नीतियों से अमेरिकी परिवारों की आर्थिक स्थिति सुधरी
वाशिंगटन, 14 मार्च (आईएएनएस)। अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने नॉर्थ कैरोलिना में दिए अपने एक संबोधन में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई का बचाव किया। उन्होंने कहा कि अमेरिकी प्रशासन का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि ईरान कभी भी परमाणु हथियार विकसित न कर सके।
साथ ही जेडी वेंस ने दावा किया कि ट्रंप प्रशासन की आर्थिक नीतियों से आम अमेरिकी परिवारों की आर्थिक स्थिति में सुधार हुआ है।
नॉर्थ कैरोलिना के रॉकी माउंट शहर में आयोजित कार्यक्रम में वेंस ने कहा कि अमेरिका फिलहाल एक सैन्य अभियान में शामिल है, जिसका मकसद ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना है।
जेडी वेंस ने इस दौरान विदेशों में तैनात अमेरिकी सैनिकों के समर्थन की भी अपील की। उन्होंने कहा, मैं चाहता हूं कि आप हर उस व्यक्ति को बताएं जो विदेश में खतरे के बीच सेवा कर रहा है कि नॉर्थ कैरोलिना की यह भीड़ उनके साथ खड़ी है।
हालांकि उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने यह बताने से इनकार कर दिया कि ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई को लेकर उन्होंने राष्ट्रपति ट्रंप को क्या सलाह दी थी? वेंस ने कहा, यह बेहद जरूरी है कि अमेरिका के राष्ट्रपति अपने सलाहकारों से खुलकर बातचीत कर सकें, बिना इस डर के कि उनके सलाहकार बाद में अमेरिकी मीडिया में जाकर सारी बातें बता देंगे।
अपने संबोधन में वेंस ने इस संघर्ष के संभावित आर्थिक प्रभावों और बढ़ती ईंधन कीमतों पर भी बात की। उन्होंने कहा कि प्रशासन इस स्थिति से निपटने के लिए काम कर रहा है। उन्होंने बताया कि ऊर्जा मंत्री क्रिस राइट और वित्त मंत्री स्कॉट बेसन प्रशासन की आर्थिक रणनीति को संभाल रहे हैं।
जेडी वेंस ने कहा, राष्ट्रपति को तेल की ऊंची कीमतें पसंद नहीं हैं और मुझे भी नहीं। हमारा लक्ष्य है कि पेट्रोल पंप पर कीमतों को उस स्तर तक वापस लाया जाए जो अमेरिकी लोगों के लिए सही और उचित हो।
कार्यक्रम के दौरान वेंस ने ट्रंप प्रशासन की आर्थिक नीतियों की भी तारीफ की। उन्होंने दावा किया कि इन नीतियों से आम अमेरिकी परिवारों की आय में सुधार हुआ है। उन्होंने कहा कि जो बाइडेन के नेतृत्व में औसत अमेरिकी परिवार की टेक-होम इनकम में करीब 3,300 डॉलर की गिरावट आई थी, जबकि डोनाल्ड ट्रंप के राष्ट्रपति रहते हुए इसमें लगभग 1,300 डॉलर की बढ़ोतरी हुई।
उपराष्ट्रपति ने कहा, अमेरिका में महंगाई और महंगाई से जुड़ा संकट पैदा करने वाले राष्ट्रपति जो बाइडेन थे, जबकि अमेरिकी लोगों को 1,300 डॉलर ज्यादा समृद्ध बनाने वाले राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप हैं।
जेडी वेंस ने यह भी दावा किया कि हाल के महीनों में महंगाई दर कम हुई है और ब्याज दरों में भी गिरावट देखने को मिली है, जो आर्थिक सुधार के संकेत हैं। शासन की आर्थिक नीतियों का मकसद कामकाजी परिवारों की समृद्धि बढ़ाना है।
कानून व्यवस्था का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि अपराध दर कम करने के लिए अवैध रूप से अमेरिका में रह रहे आपराधिक प्रवासियों को देश से बाहर करना जरूरी है। हम यह सुनिश्चित करेंगे कि नॉर्थ कैरोलिना के लोगों तक वह सभी संसाधन पहुंचें जिनकी उन्हें जरूरत है।
यह बयान ऐसे समय में आया है, जब ईरान के खिलाफ ट्रंप प्रशासन की सैन्य कार्रवाई के बाद मध्य पूर्व में तनाव बढ़ गया है और अमेरिका के भीतर भी इस कार्रवाई के दायरे और उसके संभावित परिणामों को लेकर बहस तेज हो गई है।
डोनाल्ड ट्रंप लंबे समय से यह कहते रहे हैं कि ईरान को कभी भी परमाणु हथियार हासिल नहीं करने दिए जाएंगे। पिछले करीब दो दशकों से कई अमेरिकी प्रशासन भी इसी नीति का समर्थन करते रहे हैं। यही मुद्दा अमेरिका और ईरान के बीच तनाव का एक बड़ा कारण बना हुआ है और मध्य पूर्व की राजनीति में भी इसका महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ता रहा है।
--आईएएनएस
वीकेयू/वीसी
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
अमेरिका: सीनेट ने भारतीय मूल के अमेरिकी नेता सुनील पुरी को दी श्रद्धांजलि
वॉशिंगटन, 14 मार्च (आईएएनएस)। अमेरिकी सीनेट ने भारतीय मूल के अमेरिकी व्यवसायी और समाजसेवी सुनील पुरी को श्रद्धांजलि दी। सीनेटर डिक डर्बिन ने भारत से बहुत कम पैसे लेकर आए एक युवा प्रवासी से लेकर रॉकफोर्ड, इलिनोइस को बदलने में मदद करने वाले एक नागरिक नेता बनने तक के सफर को याद किया।
डर्बिन ने बताया कि कैसे पुरी रॉकफोर्ड कॉलेज (जो अब रॉकफोर्ड यूनिवर्सिटी है) में पढ़ाई करने की उम्मीद में मुंबई छोड़कर रॉकफोर्ड आ गए थे। अपने कॉलेज के दिनों में, पुरी ने अपना खर्च चलाने के लिए कई तरह की नौकरियां कीं।
डर्बिन ने कहा, कड़ी मेहनत, लगन और कई तरह की छोटी-मोटी नौकरियों—जिनमें बेडपैन साफ करना और कंक्रीट बिछाना भी शामिल था—के जरिए सुनील ने अपनी पढ़ाई पूरी की।
डर्बिन ने उन शुरुआती वर्षों में पुरी को सफल होने में मदद करने में स्थानीय समुदाय की भूमिका पर भी प्रकाश डाला।
उन्होंने कहा, रॉकफोर्ड के नागरिकों ने सुनील का खुले दिल से स्वागत किया, और बदले में, सुनील ने अगले चार दशक उनके इस एहसान को चुकाने में बिता दिए।
अकाउंटिंग में डिग्री के साथ स्नातक होने के बाद, पुरी ने फर्स्ट रॉकफोर्ड ग्रुप की स्थापना की—जिसे बाद में फर्स्ट मिडवेस्ट ग्रुप के नाम से जाना गया—यह एक रियल एस्टेट डेवलपमेंट कंपनी थी जो शहर में कई पुनर्विकास परियोजनाओं में शामिल थी।
डर्बिन ने कहा कि इस कंपनी ने उपेक्षित संपत्तियों को उपयोगी जगहों में बदलने में मदद की।
डर्बिन ने कहा, उन्होंने वीरान और भूली-बिसरी इमारतों को फलते-फूलते रेस्टोरेंट, ऑफिस और गोदामों में बदल दिया है।
उन्होंने कहा कि कंपनी के निवेश ने पूरे क्षेत्र में आर्थिक विकास और रोजगार सृजन को बढ़ावा देने में मदद की।
उन्होंने कहा, रॉकफोर्ड में फर्स्ट मिडवेस्ट के निवेश ने शहर में नई जान फूंक दी है, जिससे आर्थिक विकास हुआ है और इलिनोइस के हजारों लोगों के लिए रोजगार के अवसर पैदा हुए हैं।
व्यवसाय के अलावा, डर्बिन ने रॉकफोर्ड में पुरी के व्यापक परोपकारी कार्यों का भी जिक्र किया। अपने माता-पिता से मिली एक सीख से प्रेरित होकर, पुरी अक्सर समाज को कुछ वापस देने के महत्व के बारे में बात करते थे।
डर्बिन ने कहा, जहां आपको गुलाबों की महक आए, वहां फूलों को पानी दें।
पुरी ने लाखों डॉलर दान किए और सामुदायिक पहलों में अपना काफी समय दिया। उनके दान से कई बड़ी परियोजनाओं को आर्थिक मदद मिली, जिनमें कीलिंग-पुरी पीस प्लाजा, दक्षिण-पूर्व रॉकफोर्ड वाईएमसीए शाखा और साल्वेशन आर्मी पुरी फैमिली डिजास्टर सर्विसेज सेंटर शामिल हैं।
डर्बिन ने अमेरिका और भारत के बीच मजबूत संबंधों के लिए पुरी की वकालत का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि पुरी अमेरिका-भारत संबंधों को बेहतर बनाने के लिए एक समर्पित समर्थक थे और दोनों देशों के बीच आपसी जुड़ाव को बढ़ाने में सहयोग देने के लिए राष्ट्रपति बिल क्लिंटन और बराक ओबामा के साथ भारत की यात्रा भी की थी।
--आईएएनएस
केआर/
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