अलास्का के स्कूलों को एच-1बी वीजा शुल्क में राहत का प्रस्ताव, शिक्षक संकट गहराने की चेतावनी
वॉशिंगटन, 14 मार्च (आईएएनएस)। अमेरिका में एक सीनेटर ने ऐसा विधेयक पेश किया है, जिसका उद्देश्य अलास्का के पब्लिक स्कूलों के लिए एच-1बी वीजा की लागत कम करना है। प्रस्ताव के मुताबिक के-12 पब्लिक स्कूलों को प्रति एच-1बी वीजा लगाए गए 1 लाख डॉलर के नए शुल्क से छूट दी जाएगी, ताकि स्कूल विदेशी शिक्षकों की भर्ती जारी रख सकें।
अलास्का से रिपब्लिकन सीनेटर लिसा मुरकोव्स्की ने कहा कि उनके बिल का मकसद उन स्कूल जिलों को राहत देना है जो कक्षाओं को चलाने के लिए अंतरराष्ट्रीय शिक्षकों पर काफी हद तक निर्भर हैं।
मर्कोव्स्की ने कहा, “जैसे ही पिछले साल यह घोषणा जारी हुई, मैंने प्रशासन को आगाह किया था कि एच-1बी वीजा कार्यक्रम अलास्का के स्कूल जिलों के लिए कितना महत्वपूर्ण है।”
उन्होंने कहा कि राज्य के पब्लिक स्कूल लंबे समय से शिक्षकों की कमी से जूझ रहे हैं और एच-1बी वीजा पर काम करने वाले शिक्षक इस कमी को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
यह प्रस्ताव ऐसे समय आया है जब अलास्का के कई स्कूल जिलों को स्थानीय स्तर पर शिक्षक भर्ती करने में कठिनाई हो रही है, खासकर दूरदराज और ग्रामीण इलाकों में, जहां लंबे समय से विदेशी शिक्षकों पर निर्भरता रही है।
शिक्षा अधिकारियों के अनुसार, अलास्का में सैकड़ों शिक्षक फिलहाल वीजा पर काम कर रहे हैं और राज्य के आधे से अधिक स्कूल जिलों में कक्षाओं को भरने के लिए अंतरराष्ट्रीय शिक्षकों की जरूरत पड़ती है।
अलास्का काउंसिल ऑफ स्कूल एडमिनिस्ट्रेटर्स की कार्यकारी निदेशक डॉ. लिसा पैराडी ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय शिक्षक राज्य भर में कक्षाओं को चालू रखने के लिए बेहद जरूरी हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि इतना ऊंचा वीजा शुल्क कई जिलों के लिए शिक्षकों की भर्ती जारी रखना “वित्तीय रूप से असंभव” बना सकता है।
इसी तरह कोडियाक आइलैंड बरो स्कूल डिस्ट्रिक्ट की अधीक्षक डॉ. सिंडी मिका ने कहा कि नए 1 लाख डॉलर के एच-1बी वीजा शुल्क के कारण उनके जैसे जिलों के लिए जरूरी शिक्षकों की भर्ती करना मुश्किल हो गया है। उनके मुताबिक जिले के लगभग 20 प्रतिशत शिक्षक वीजा पर काम करते हैं और गांवों के स्कूलों में करीब 75 प्रतिशत शिक्षक अंतरराष्ट्रीय हैं।
उन्होंने स्पष्ट किया कि ये शिक्षक अमेरिकी शिक्षकों की जगह नहीं ले रहे, बल्कि कई पदों के लिए स्थानीय स्तर पर आवेदक ही नहीं मिलते।
शिक्षा क्षेत्र के अन्य अधिकारियों ने भी कहा कि राज्य के कई जिलों को बजट घाटे का सामना करना पड़ रहा है और ऐसे में प्रत्येक विदेशी शिक्षक के लिए 1 लाख डॉलर का वीजा शुल्क देना व्यावहारिक नहीं है।
यह विधेयक सितंबर 2025 में जारी उस राष्ट्रपति घोषणा के बाद आया है, जिसमें एच-1बी वीजा आवेदकों के लिए मौजूदा आवेदन शुल्क के अलावा 1 लाख डॉलर का अतिरिक्त शुल्क अनिवार्य कर दिया गया था।
हालांकि एच-1बी वीजा कार्यक्रम का उपयोग आम तौर पर अमेरिकी तकनीकी कंपनियां कुशल पेशेवरों की भर्ती के लिए करती हैं, लेकिन कई स्कूल जिलों ने भी योग्य शिक्षकों की कमी को पूरा करने के लिए इसी कार्यक्रम का सहारा लिया है।
--आईएएनएस
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