Video: शराब पीकर चलाई गाड़ी तो 40 सेकेंड में लॉक होगा इंजन! DU के प्रोफेसरों ने बनाया कमाल का 'E-Nose'
How E-Nose prevents car accidents: शराब पीकर गाड़ी चलाने और सीएनजी लीकेज से होने वाले सड़क हादसों पर लगाम लगाने के लिए दिल्ली यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने एक अनोखा 'स्मार्ट डिवाइस' तैयार किया है. आचार्य नरेंद्र देव कॉलेज के प्रोफेसर अरिजीत चौधरी और मिरांडा हाउस की रिसर्च टीम द्वारा विकसित इस डिवाइस को 'इलेक्ट्रॉनिक नोज' (E-Nose) नाम दिया गया है. यह डिवाइस इंसानी नाक की तरह काम करती है, लेकिन उससे कहीं ज्यादा सटीक है. इसमें लगे चार विशेष सेंसर 4 से 5 सेकेंड के भीतर शराब की गंध (Alcohol), मिथेन, CO2 और कार्बन मोनोऑक्साइड जैसी खतरनाक गैसों की पहचान कर लेते हैं. यदि चालक शराब पीकर गाड़ी चलाता है, तो ब्लूटूथ तकनीक से जुड़ा यह सिस्टम 40 सेकेंड के अंदर गाड़ी का इंजन अपने आप बंद कर देगा और मोबाइल पर अलर्ट भेज देगा. फिलहाल प्रोटोटाइप स्टेज पर मौजूद यह तकनीक अगले 3 से 6 महीनों में बाजार में आ सकती है.
कैल्क्युलेटर-बही-खाते की छुट्टी! दिल्ली के छात्रों ने बनाया गजब AI, सेकेंडों में पकड़ेगा बिल की गड़बड़ी
Zoffer AI Billing Success Story: लाखों-करोड़ों के बिल और अकाउंटिंग की उलझनों से अब चंद सेकेंड में छुटकारा मिलेगा. नेताजी सुभाष यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी (NSUT) के 'अटल इनक्यूबेशन सेंटर' में तैयार AI स्टार्टअप 'ज़ॉफर' (Zoffer) ने बिलिंग और हिसाब-किताब का तरीका पूरी तरह बदल दिया है. स्टार्टअप के फाउंडर चिराग गोयल के अनुसार, यह AI टूल सीधे व्हाट्सएप पर काम करता है. व्यापारियों या ग्राहकों को सिर्फ अपने बिल या रसीद की फोटो व्हाट्सएप पर भेजनी होती है. AI ऑटोमेशन के जरिए पूरे बिल को स्कैन कर जीएसटी, टैक्स और गणना की गलतियों को पकड़ लेता है. इतना ही नहीं, यह खुद-ब-खुद बही-खाते (अकाउंटिंग) की सटीक एंट्री भी दर्ज कर देता है. दावा है कि यह तकनीक 90% तक सही परिणाम दे रही है. बिना किसी तकनीकी ज्ञान के व्यापारी अब अपने समय और पैसों की बचत कर रहे हैं, जिससे यह टूल बाजार में काफी पसंद किया जा रहा है.
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