Explainer: बॉलीवुड में दिवाली पर फिल्में रिलीज करने का ट्रेंड कब और कैसे शुरू हुआ? जानें इसकी पूरी कहानी
Explainer: दिवाली का त्योहार आते ही बॉलीवुड में भी रौनक बढ़ जाती है. जहां एक तरफ लोग अपने घरों को दीयों और लाइट्स से सजाते हैं, वहीं दूसरी तरफ फिल्मी दुनिया में भी इस त्योहार का खास महत्व होता है. दिवाली के आसपास सिनेमाघरों में बड़ी-बड़ी फिल्मों को रिलीज करने की तैयारी की जाती है. कई बार मेकर्स अपनी फिल्मों की रिलीज डेट महीनों पहले ही दिवाली के मौके के लिए तय कर देते हैं. आपने भी देखा होगा कि इस त्योहार पर सलमान खान, शाहरुख खान, आमिर खान और अक्षय कुमार जैसे बड़े सितारों की फिल्में रिलीज हो चुकी हैं.
लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि आखिर बॉलीवुड में दिवाली पर फिल्में रिलीज करने का ट्रेंड कब और कैसे शुरू हुआ? क्यों निर्माता इस त्योहार को अपनी फिल्मों के लिए इतना खास मानते हैं? क्या इसके पीछे सिर्फ छुट्टियों का फायदा है या फिर बॉक्स ऑफिस से जुड़ी कोई बड़ी रणनीति भी है? आइए जानते हैं बॉलीवुड की इस दिलचस्प परंपरा की कहानी.
दिवाली और बॉलीवुड का रिश्ता कैसे हुआ मजबूत?
भारतीय सिनेमा में त्योहारों का हमेशा से खास महत्व रहा है. दिवाली ऐसा मौका है जब देशभर में लोग परिवार और दोस्तों के साथ समय बिताते हैं. बाजारों में रौनक रहती है और लोगों के बीच खरीदारी के साथ मनोरंजन को लेकर भी उत्साह होता है. यही वजह है कि फिल्म निर्माताओं ने धीरे-धीरे दिवाली को फिल्मों की रिलीज के लिए एक बड़े मौके के रूप में देखना शुरू किया.
शुरुआती दौर में फिल्मों की रिलीज के लिए आज की तरह एडवांस बुकिंग, मल्टीप्लेक्स और डिजिटल प्रमोशन की चीजे नहीं थी. उस समय फिल्म की सफलता काफी हद तक दर्शकों की पसंद, सिनेमाघरों की उपलब्धता और वर्ड ऑफ माउथ पर निर्भर करती थी. हालांकि, त्योहारों के दौरान दर्शकों की बढ़ती आवाजाही ने फिल्म कारोबार से जुड़े लोगों को इस मौके की अहमियत समझाई. समय के साथ दिवाली सिर्फ रोशनी और खुशियों का त्योहार नहीं रही, बल्कि फिल्म इंडस्ट्री के लिए भी एक बड़े बिजनेस सीजन के रूप में पहचान बनाने लगी.
कब शुरू हुआ दिवाली पर फिल्में रिलीज करने का ट्रेंड?
अगर इस परंपरा की बात करें तो बॉलीवुड में दिवाली के आसपास बड़ी फिल्मों को रिलीज करने का चलन कई दशकों पुराना है. साल 1985 में अमिताभ बच्चन की फिल्म 'मर्द' इसका एक दिलचस्प उदाहरण है. मनमोहन देसाई के निर्देशन में बनी ये फिल्म 8 नवंबर 1985 को रिलीज हुई थी, जबकि उस साल दिवाली 12 नवंबर को मनाई गई थी. फिल्म को दर्शकों का शानदार रिस्पॉन्स मिला था. इसके बाद 90 के दशक में दिवाली के आसपास बड़ी फिल्मों को रिलीज करने का सिलसिला और मजबूत हुआ. साल 1993 में शाहरुख खान की फिल्म 'बाजीगर' रिलीज हुई.
इसके अगले साल 1994 में आमिर खान और सलमान खान की कॉमेडी फिल्म 'अंदाज अपना अपना' सिनेमाघरों में आई. वहीं, 1995 में शाहरुख खान और काजोल की फिल्म 'दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे' दिवाली से कुछ दिन पहले रिलीज हुई और बड़ी हिट साबित हुई. इस फिल्म ने न सिर्फ बॉक्स ऑफिस पर सफलता हासिल की, बल्कि हिंदी सिनेमा की सबसे यादगार फिल्मों में अपनी जगह भी बनाई. यहीं से दिवाली के आसपास फिल्मों की रिलीज को लेकर दर्शकों और फिल्म निर्माताओं के बीच उत्साह और बढ़ने लगा.
शाहरुख की फिल्मों ने बढ़ाई इस ट्रेंड की पॉपुलेरिटी
दिवाली और शाहरुख खान का रिश्ता भी काफी पुराना रहा है. 90 के दशक से ही उनकी कई फिल्में दिवाली के आसपास रिलीज हुईं और बॉक्स ऑफिस पर सफल रहीं. साल 1997 में उनकी फिल्म 'दिल तो पागल है' दिवाली के अगले दिन सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी. इसके बाद 1998 में 'कुछ कुछ होता है' और 2000 में 'मोहब्बतें' जैसी फिल्मों ने दर्शकों का खूब मनोरंजन किया. साल 2007 में शाहरुख खान की 'ओम शांति ओम' भी दिवाली के मौके पर रिलीज हुई थी. इस फिल्म से दीपिका पादुकोण ने हिंदी सिनेमा में डेब्यू किया था.
फिल्म के सामने रणबीर कपूर और सोनम कपूर की 'सांवरिया' भी रिलीज हुई थी. दोनों फिल्मों के बीच बॉक्स ऑफिस पर मुकाबला देखने को मिला, लेकिन 'ओम शांति ओम' ने शानदार प्रदर्शन किया. शाहरुख खान ने साल 2014 में अपनी फिल्म 'हैप्पी न्यू ईयर' को दिवाली के अगले दिन रिलीज किया था. फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर जबरदस्त ओपनिंग की. खुद शाहरुख खान ने भी दिवाली पर फिल्म रिलीज करने के पीछे किसी अंधविश्वास से इनकार किया था. उनका मानना था कि छुट्टी के दिन फिल्म रिलीज करना बिजनेस के लिहाज से अच्छा फैसला है.
सलमान और आमिर ने भी दिवाली पर खेला बड़ा दांव
दिवाली पर फिल्म रिलीज करने की परंपरा को आगे बढ़ाने में सलमान खान और आमिर खान का भी बड़ा योगदान रहा है. साल 1999 में सलमान खान की फिल्म 'हम साथ साथ हैं' दिवाली से कुछ दिन पहले रिलीज हुई थी. सूरज बड़जात्या के निर्देशन में बनी इस फिल्म में सलमान के साथ करिश्मा कपूर, सैफ अली खान, सोनाली बेंद्रे और तब्बू जैसे कलाकार नजर आए थे. पारिवारिक कहानी होने की वजह से फिल्म को दर्शकों का अच्छा रिस्पॉन्स मिला.
वहीं, आमिर खान की फिल्म 'राजा हिंदुस्तानी' भी साल 1996 में दिवाली के आसपास रिलीज हुई थी. फिल्म में आमिर के साथ करिश्मा कपूर मुख्य भूमिका में थीं. इसकी रोमांटिक कहानी और गानों ने दर्शकों को खूब आकर्षित किया. इसके अलावा साल 2015 में सलमान खान की 'प्रेम रतन धन पायो' दिवाली के मौके पर रिलीज हुई. इस फिल्म में सलमान खान के साथ सोनम कपूर नजर आई थीं. फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर शानदार कमाई की और त्योहार के मौके पर दर्शकों की पहली पसंद बनी.
FAQs
1. बॉलीवुड में दिवाली पर फिल्में रिलीज करने का ट्रेंड कब से शुरू हुआ?
बॉलीवुड में दिवाली के आसपास बड़ी फिल्में रिलीज करने का चलन कई दशकों पुराना है. 80 और 90 के दशक में इस परंपरा को काफी लोकप्रियता मिली.
2. दिवाली पर फिल्में रिलीज करना मेकर्स के लिए फायदेमंद क्यों होता है?
दिवाली के दौरान छुट्टियां होने की वजह से दर्शकों को परिवार के साथ फिल्म देखने का ज्यादा समय मिलता है. इससे फिल्मों की कमाई बढ़ने की संभावना रहती है.
3. शाहरुख खान की कौन-सी फिल्में दिवाली के आसपास रिलीज हुई थीं?
शाहरुख खान की 'दिल तो पागल है', 'कुछ कुछ होता है', 'ओम शांति ओम' और 'हैप्पी न्यू ईयर' जैसी फिल्में दिवाली के आसपास रिलीज हुई थीं.
4. क्या दिवाली पर रिलीज होने वाली हर फिल्म बॉक्स ऑफिस पर हिट होती है?
नहीं, दिवाली पर रिलीज होने से फिल्म की सफलता की गारंटी नहीं मिलती. फिल्म की कहानी, अभिनय, निर्देशन और दर्शकों का रिस्पॉन्स भी उसकी कमाई तय करते हैं.
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