Vegetable Gardening Ideas: ईजी उगाएं ये 5 वेजिटेबल, बहुत कम जगह में होगी गार्डनिंग
Easy vegetables to grow at home for beginners: अगर आप हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाना चाहते हैं तो घर में Kitchen Garden – किचन गार्डन बनाना एक बेहतरीन शुरुआत हो सकती है। थोड़ी सी देखभाल और सही तकनीक से आपका घर भी एक छोटा सा हरा-भरा गार्डन बन सकता है।
इंडिगो का हवाई सफर हुआ महंगा, कल से देना होगा एक्स्ट्रा 'फ्यूल चार्ज', चेक करें नई दरें
हवाई सफर करने वाले यात्रियों के लिए एक बड़ा अपडेट सामने आया है. भारत की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो ने अपनी फ्लाइट्स पर 'फ्यूल चार्ज' लगाने का ऐलान कर दिया है. यह नया नियम 14 मार्च 2026 की रात 12 बजकर 1 मिनट से प्रभावी हो जाएगा. इसका सीधा मतलब यह है कि अब इंडिगो की घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए आपको पहले के मुकाबले ज्यादा पैसे खर्च करने होंगे. कंपनी ने यह फैसला अचानक बढ़ी तेल की कीमतों और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चल रहे तनाव को देखते हुए लिया है.
क्यों बढ़ाया गया फ्यूल चार्ज?
इंडिगो के मुताबिक, मिडिल ईस्ट में चल रहे मौजूदा भू-राजनीतिक हालातों की वजह से एविएशन फ्यूल की कीमतों में जबरदस्त उछाल आया है. आईएटीए के जेट फ्यूल मॉनिटर के आंकड़े बताते हैं कि इस क्षेत्र में फ्यूल की कीमतों में 85 पर्सेंट से भी ज्यादा की बढ़ोतरी दर्ज की गई है. चूंकि किसी भी एयरलाइन के ऑपरेशन में फ्यूल का खर्च सबसे बड़ा हिस्सा होता है, इसलिए इतनी बड़ी बढ़ोतरी का असर कंपनी के नेट प्रॉफिट और ऑपरेशनल परफॉर्मेंस पर पड़ना तय था. इसी बोझ को कम करने के लिए कंपनी ने फ्यूल चार्ज लगाने का रास्ता चुना है.
कितना बढ़ेगा आपकी जेब पर बोझ?
कंपनी ने अलग-अलग रूट्स के हिसाब से फ्यूल चार्ज की दरें तय की हैं. अगर आप भारत के अंदर यानी डोमेस्टिक फ्लाइट्स में सफर करते हैं, तो आपको प्रति सेक्टर 425 रुपये अतिरिक्त देने होंगे. भारतीय उपमहाद्वीप के रूट्स पर भी यही दर लागू होगी. वहीं, अगर आप मिडिल ईस्ट की यात्रा कर रहे हैं तो 900 रुपये, साउथ ईस्ट एशिया और चीन के लिए 1800 रुपये, अफ्रीका और वेस्ट एशिया के लिए 1800 रुपये और यूरोप की लंबी दूरी वाली फ्लाइट्स के लिए आपको 2300 रुपये का एक्स्ट्रा फ्यूल चार्ज देना होगा.
ऑपरेशनल कॉस्ट और यात्रियों का हित?
इंडिगो का कहना है कि फ्यूल की कीमतों में आए इस भारी उछाल के असर को पूरी तरह कवर करने के लिए किरायों में बहुत बड़ी बढ़ोतरी की जरूरत थी. लेकिन ग्राहकों पर पड़ने वाले बोझ को ध्यान में रखते हुए कंपनी ने फिलहाल एक छोटा हिस्सा ही फ्यूल चार्ज के रूप में लेने का फैसला किया है. कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया है कि वे लगातार स्थिति पर नजर बनाए रखेंगे और जैसे ही ऑपरेशंस के माहौल में कोई सुधार होगा, वे इन चार्जेस में जरूरी एडजस्टमेंट करेंगे.
एयरलाइन सेक्टर पर पड़ता दबाव
एविएशन सेक्टर में फ्यूल की बढ़ती कीमतें हमेशा से एक बड़ी चुनौती रही हैं. इंडिगो जैसी कंपनी, जो रोजाना 2200 से ज्यादा फ्लाइट्स ऑपरेट करती है और जिसके बेड़े में 400 से ज्यादा एयरक्राफ्ट हैं, उसके लिए लागत को कंट्रोल करना बहुत जरूरी हो जाता है. 95 से ज्यादा घरेलू और 40 से ज्यादा इंटरनेशनल डेस्टिनेशंस को जोड़ने वाली यह एयरलाइन अपनी कम लागत और समय की पाबंदी के लिए जानी जाती है. हालांकि, मौजूदा वैश्विक संकट ने एयरलाइन के फ्यूचर प्लान्स और रेवेन्यू मॉडल को प्रभावित किया है.
यात्रियों के लिए सलाह क्या है?
अगर आप आने वाले दिनों में यात्रा करने का मन बना रहे हैं, तो नई बुकिंग्स पर ये चार्ज लागू होंगे. सरकार और एयरलाइंस दोनों की कोशिश है कि कनेक्टिविटी पर इसका बुरा असर न पड़े. पीएम मोदी की सरकार भी लगातार वैश्विक ऊर्जा संकट पर नजर रखे हुए है ताकि देश के अंदर सप्लाई और कीमतों को स्थिर रखा जा सके. फिलहाल, इंडिगो ने अपने यात्रियों से इस असुविधा के लिए खेद जताया है, लेकिन साफ कर दिया है कि बदलते माहौल में यह कदम उठाना उनके ऑपरेशन के लिए बेहद जरूरी हो गया था.
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