असम की होकर भी बिहार की संस्कृति से है खास लगाव, कल्पना पटवारी बोलीं- 'यहां की विरासत पर है गर्व'
मुंबई, 8 नवंबर (आईएएनएस)। लोक संस्कृति और लोक गीतों की अपनी एक अलग पहचान होती है। ये किसी क्षेत्र की परंपराओं, रीति-रिवाजों और सांस्कृतिक विरासत को पीढ़ी-दर-पीढ़ी आगे बढ़ाने का काम करते हैं। लोक गायिका कल्पना पटवारी का भी बिहार की लोकसंस्कृति से कुछ ऐसा ही गहरा जुड़ाव है। असम से ताल्लुक रखने के बावजूद उनके दिल में बिहार की मिट्टी, यहां की परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत के लिए खास जगह है। इसी कड़ी में वह छठ महापर्व के अवसर पर बिहार की पांच भाषाओं में सात छठ गीतों की विशेष 'छठ गीतमाला' लेकर आ रही हैं।
असम की होकर भी बिहार की संस्कृति से है खास लगाव, कल्पना पटवारी बोलीं- 'यहां की विरासत पर है गर्व'
असम की होकर भी बिहार की संस्कृति से है खास लगाव, कल्पना पटवारी बोलीं- 'यहां की विरासत पर है गर्व'
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