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Diwali 2026 Maa Laxmi Puja Vidhi: दिवाली की शाम कैसे करें मां लक्ष्मी की पूजा? जानें आसान पूजन विधि
Diwali 2026 Maa Laxmi Puja Vidhi: हर साल कार्तिक मास के अमावस्या तिथि पर दीपावली का त्योहार मनाया जाता है. इस साल दिवाली 8 नवंबर 2026, रविवार को मनाई जाने वाली है. दीपावली के दिन माता लक्ष्मी पृथ्वी पर वास करती है और भक्तों के घर आती हैं. इसलिए, इस रात में लक्ष्मी माता की पूजा करने का खास महत्व होता है. धार्मिक मान्यता है कि इस दिन लक्ष्मी पूजन करने से जीवन में सुख-शांति और समृद्धि आती है. लक्ष्मी माता के साथ गणेश भगवान का भी पूजन करना होता है. प्रथम पूज्य श्री गणेश का पूजन करने से विघ्नों से मुक्ति मिलती है. मान्यता है कि इस दिन दीप जलाने से रोशनी की जाती है. प्रदोष काल में दीये जलाए जाते हैं. कहा जाता है कि इस दिन भगवान राम 14 वर्षों के वनवास के बाद माता सीता के साथ अयोध्या लौटे थे. इसलिए, पूरी अयोध्या में राम जी का स्वागत पूरी धूमधाम से किया जाता है.
दिवाली पूजन विधि
दिवाली पूजा करने के लिए एक चौकी लें. उस पर लाल रंग का वस्त्र बिछाएं. इसके बाद चौकी पर गणेश और लक्ष्मी भगवान की मूर्ति को स्थापित करें. या फिर आप पोस्टर भी लगा सकते हैं. लक्ष्मी मां को कमल का फूल अर्पित करें. इसलिए, चौकी पर चावल से अष्टदल कमल बनाएं. यदि कमल के पुष्प नहीं मिल रहे हैं, तो चावल से अष्टदल कमल बनाना अनिवार्य नहीं है. अब एक लोटे में गंगा जल भरे और उसमें सुपारी, सिक्का, फूल, अक्षत और हल्दी डालें. अब इसमें पांच आम के पत्ते लगाएं. अब नारियल को तिलक लगाएं और उस पर कलावा बांधे. इस नारियल को लोटे के ऊपर रखें.
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पूजा की चौकी पर रखें ये चीजें
इसके बाद लक्ष्मी माता के बगल में सुपारी को भगवान विष्णु का स्वरूप मानकर रखें. दिवाली के दिन उनका पूजन भी करें. कहते हैं कि जहां लक्ष्मी माता के साथ ही भगवान विष्णु के साथ रहते हैं. दिवाली के दिन उन सभी सोने-चांदी की चीजों का पूजन करना होता है, जिन्हें धनतेरस पर खरीदा था. उन्हें भी चौकी पर रखें. अगर नया सोना-चांदी नहीं है, तो पुरानी चीजों को भी रखा जा सकता है. इसके साथ कुछ पैसों को भी रखें. धनतेरस के दिन जो बर्तन लिए हैं, उनका भी पूजन करें.
मूर्तियों का स्नान करवाएं
देवी-देवताओं की मूर्तियों को फूल से जल छीड़क कर स्नान करवाएं. अब सरसों का तेल का दीया जलाएं. यह दीया पूरी रात जलाना चाहिए. अब हाथ जोड़कर लक्ष्मी माता से प्रार्थना करें और कहें कि हम आपकी कृपा पाने के लिए पूजन कर रहे हैं. इस पूजन को स्वीकारें.
मूर्तियों का श्रृंगार करने की विधि
गणेश जी और भगवान विष्णु को वस्त्र के रूप में जनेऊ और मौली अर्पित करें. लक्ष्मी मां को लाल चुनरी अर्पित करें. सभी मूर्तियों को तिलक लगाएं. तिलक के ऊपर अक्षत लगाएं. अब देवी-देवताओं को फूल चढ़ाएं. लक्ष्मी मां को कमल का फूल और श्रृंगार का सामान अर्पित करें. इसके बाद लक्ष्मी माता को आकर्षित करने वाली चीजें जैसे कमल गट्टे, गोमती चक्र, सुपारी, कौड़ी और हल्दी की गांठ अर्पित करें. अब लक्ष्मी मां को सप्त धान अर्पित करें.
देवी-देवताओं को भोग लगाएं
अब माता लक्ष्मी को भोग के रूप में पान के पत्ते के ऊपर खील-बताशे रखें. इसके बाद पांच तरह के फूल चढ़ाएं. इसके बाद पंचमेवा अर्पित करें. एक लोटा जल अर्पित करें. पूजन के दौरान दक्षिणा भी चढ़ाएं. यदि आपने दिवाली पर व्रत रखा है तो व्रत कथा जरूर सुने. इसके बाद दो दीये एक घी और एक सरसों के तेल का दीया जलाएं. अब मां लक्ष्मी पर धान की वर्षा करें. अंत में लक्ष्मी माता और गणेश जी की आरती करें. परिवार के सभी सदस्यों की आरती और प्रसाद चढ़ाएं. इस तरह से दिवाली पूजन संपन्न करें.
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(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र पर आधारित है और केवल सूचना के लिए प्रदान की गई है. News Nation इसकी पुष्टि नहीं करता है.)
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