सीकर का छिपा हुआ शिवधाम! हर्षनाथ मंदिर का इतिहास, रहस्य और प्राकृतिक खूबसूरती बना रही हर किसी को दीवाना
Harsh Temple Sikar: राजस्थान के सीकर जिले में स्थित हर्षनाथ मंदिर शेखावाटी क्षेत्र की ऐतिहासिक और धार्मिक धरोहरों में प्रमुख स्थान रखता है. करीब 1053 वर्ष पुराने इस प्राचीन शिव मंदिर का निर्माण अपनी भव्य स्थापत्य कला और ऐतिहासिक महत्व के लिए प्रसिद्ध है. हर्ष पर्वत पर स्थित यह मंदिर प्राकृतिक सुंदरता के कारण शेखावाटी का हिल स्टेशन भी कहलाता है. यहां भगवान शिव के दर्शन के साथ पर्यटक पहाड़ियों, हरियाली और मनमोहक दृश्यों का आनंद लेते हैं. सावन और महाशिवरात्रि जैसे अवसरों पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं, जिससे यह स्थल धार्मिक आस्था और पर्यटन का प्रमुख केंद्र बन जाता है.
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026: MP की यामिनी मौर्य ने जीता सिल्वर, अजय बाबू भी बने रजत पदक विजेता, 25-25 लाख रुपये की पुरस्कार राशि का ऐलान
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारतीय खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन लगातार जारी है। दरअसल बॉक्सिंग में भारत ने रिकॉर्ड गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास रचा, वहीं मध्य प्रदेश के दो खिलाड़ियों ने भी देश का नाम रोशन किया। जूडो खिलाड़ी यामिनी मौर्य और वेटलिफ्टर अजय बाबू ने अपने-अपने मुकाबलों में शानदार खेल दिखाते हुए रजत पदक हासिल किए। दोनों खिलाड़ियों की उपलब्धि पर पूरे प्रदेश में खुशी का माहौल है।
दरअसल मध्य प्रदेश के खेल मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने दोनों खिलाड़ियों को बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि राज्य के खेल इतिहास के लिए गर्व का पल है। उन्होंने घोषणा की कि यामिनी और अजय बाबू को 25-25 लाख रुपये की पुरस्कार राशि दी जाएगी। साथ ही खेल नीति के अनुसार दोनों को सरकारी विभाग में नौकरी भी मिलेगी।
किसान परिवार की बेटी ने कॉमनवेल्थ में बढ़ाया देश का मान
वहीं सागर जिले की रहने वाली यामिनी मौर्य ने महिला 57 किलोग्राम जूडो वर्ग में शानदार प्रदर्शन करते हुए फाइनल तक का सफर तय किया। फाइनल मुकाबले में उन्हें इंग्लैंड की खिलाड़ी असेल्या टोपराक के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा, लेकिन सिल्वर मेडल जीतकर उन्होंने नया इतिहास रच दिया। यामिनी एक साधारण किसान परिवार से आती हैं। उनके पिता हरिओम मौर्य खेती करते हैं और परिवार की आर्थिक स्थिति बहुत मजबूत नहीं रही। उनके कोच दीपक रजक ने बचपन में उनकी प्रतिभा को पहचाना और परिवार को नियमित प्रशिक्षण के लिए तैयार किया। शुरुआत में आर्थिक कारणों और सामाजिक सोच की वजह से परिवार हिचकिचा रहा था, लेकिन बाद में उन्होंने बेटी का पूरा साथ दिया। आज उसी मेहनत का नतीजा है कि यामिनी अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश और मध्य प्रदेश का नाम रोशन कर रही हैं। उनकी सफलता उन हजारों बेटियों के लिए प्रेरणा है, जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े सपने देखती हैं।
अजय बाबू का शानदार प्रदर्शन
दरअसल पुरुष 79 किलोग्राम वेटलिफ्टिंग स्पर्धा में अजय बाबू वल्लुरी ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए सिल्वर मेडल अपने नाम किया। उन्होंने कुल 330 किलोग्राम वजन उठाया, जिसमें 149 किलोग्राम स्नैच और 181 किलोग्राम क्लीन एंड जर्क शामिल रहा। स्नैच स्पर्धा में उन्होंने गेम्स रिकॉर्ड भी बनाया, जबकि क्लीन एंड जर्क में रिकॉर्ड की बराबरी की। हालांकि मलेशिया के एरी हिदायत मुहम्मद ने आखिरी प्रयास में 184 किलोग्राम वजन उठाकर कुल 331 किलोग्राम के साथ नया गेम्स रिकॉर्ड बना दिया और गोल्ड मेडल जीत लिया। अजय बाबू सिर्फ एक किलो के अंतर से स्वर्ण पदक से चूक गए। मूल रूप से आंध्र प्रदेश के रहने वाले अजय लंबे समय से मध्य प्रदेश का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं क्योंकि उनके पिता भोपाल में पदस्थ हैं। खेल विशेषज्ञों का मानना है कि उनका प्रदर्शन भविष्य के अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों के लिए बेहद सकारात्मक संकेत है। दूसरी ओर, कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत का अभियान लगातार मजबूत होता दिख रहा है।
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