साल में 11वीं बार..., भारत से हारते ही न्यूजीलैंड के नाम दर्ज हो गया शर्मनाक रिकॉर्ड, ऑस्ट्रेलिया का 21 साल पुराना रिकॉर्ड ध्वस्त
IND vs NZ: भारतीय क्रिकेट टीम का न्यूजीलैंड दौरे पर शानदार प्रदर्शन लगातार जारी है. वेलिंगटन में खेले गए दूसरे वनडे मैच में टीम इंडिया ने न्यूजीलैंड को DLS नियम के तहत 4 रन से हराकर सीरीज में 2-0 की मजबूत बढ़त बना ली है. वहीं इस हार के साथ ही न्यूजीलैंड क्रिकेट इतिहास में एक बेहद शर्मनाक और अनचाहा रिकॉर्ड दर्ज हो गया है. कीवी टीम को इस साल भारत के खिलाफ एक ऐसी करारी शिकस्त झेलनी पड़ी है, जिसने उनके क्रिकेट इतिहास का सबसे खराब पन्ना लिख दिया है.
एक साल में भारत के खिलाफ 11वीं हार
दरअसल, वेलिंगटन वनडे में मिली हार इस साल भारत के खिलाफ न्यूजीलैंड की 11वीं करारी शिकस्त है. क्रिकेट के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है जब कीवी टीम एक ही साल के अंदर किसी एक टीम से 11 बार मैच हारी हो. टीम इंडिया ने इस पूरे साल टेस्ट, वनडे और टी20, तीनों ही फॉर्मैट में न्यूजीलैंड पर अपना पूरा दबदबा बनाकर रखा है.
ऑस्ट्रेलिया का 21 साल पुराना रिकॉर्ड टूटा
इस शर्मनाक रिकॉर्ड के मामले में न्यूजीलैंड ने अपना ही 21 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया है. इससे पहले साल 2005 में न्यूजीलैंड को ऑस्ट्रेलियाई टीम के खिलाफ एक साल में सबसे ज्यादा 10 बार हार का सामना करना पड़ा था, लेकिन इस बार टीम इंडिया के शानदार प्रदर्शन ने ऑस्ट्रेलिया के उस पुराने रिकॉर्ड को भी पीछे छोड़ दिया और कीवियों पर 11वीं बार जीत का दबदबा बनाया है.
एक कैलेंडर वर्ष में किसी एक टीम के खिलाफ न्यूजीलैंड की सबसे ज्यादा हार
• 11 हार: बनाम भारत (साल 2026)
• 10 हार: बनाम ऑस्ट्रेलिया (साल 2005)
• 9 हार: बनाम इंग्लैंड (साल 2008)
*⃣ The last time New Zealand lost successive ODIs at home was in Jan 2019 – also against India
— Cricbuzz (@cricbuzz) November 7, 2026
*⃣ That was also the last instance of New Zealand losing a bilateral series at home.
*⃣ The 3rd ODI is now a must-win game for the hosts to extend their streak. pic.twitter.com/qlooyIogru
गेंदबाजों का जलवा और बारिश का ड्रामा
बारिश ने इस मुकाबले को काफी प्रभावित किया, जिसके कारण मैच का नतीजा डकवर्थ-लुईस नियम के आधार पर निकला. जब खेल रुका, तब भारतीय टीम ने 26 ओवरों में 7 विकेट खोकर 113 रन बना लिए थे और उसे जीत के लिए 66 गेंदों में महज 22 रनों की दरकार थी, लेकिन इसके बाद बारिश आई और मैच फिर रुक गया. खेल दोबारा शुरू नहीं हो सका, जिसके बाद टीम इंडिया को 4 रन से विजयी घोषित कर दिया गया.
इससे पहले, टॉस जीतकर पहले बैटिंग करने उतरी कीवी टीम वेलिंगटन की कठिन पिच का सामना नहीं कर सकी. भारतीय आक्रमण के आगे मेजबान बल्लेबाज शुरू से ही बेबस दिखे और पूरी टीम 41 ओवरों में सिर्फ 134 रनों पर सिमट गई. भारत की इस कसी हुई गेंदबाजी के हीरो युवा तेज गेंदबाज गुरनूर बराड़ रहे, जिन्होंने घातक स्पेल फेंकते हुए न्यूजीलैंड के 4 प्रमुख बल्लेबाजों को पवेलियन का रास्ता दिखाया. उनकी इस घातक गेंदबाजी के लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच का अवॉर्ड भी दिया गया.
Gurnoor Brar named player of the match in Wellington after picking up a four-wicket haul. pic.twitter.com/JTzlboRG9L
— Cricbuzz (@cricbuzz) November 7, 2026
कीवी सरजमीं पर टीम इंडिया का राज
इस साल के आंकड़े साफ दिखाते हैं कि टीम इंडिया ने न्यूजीलैंड को उसी के घर में घुसकर घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया है. कप्तान चाहे जो भी रहा हो, लेकिन हमारे बल्लेबाजों और गेंदबाजों के दमदार खेल के आगे कीवी टीम पूरे साल बेबस नजर आई. अब सीरीज में 2-0 से पिछड़ने के बाद न्यूजीलैंड के सामने अपनी इज्जत बचाने की बड़ी चुनौती है. वे किसी भी हाल में हार के इस शर्मनाक सिलसिले को यहीं रोकना चाहेंगे. जबकि टीम इंडिया अपना रिकॉर्ड और भी शानदार बनाना चाहेगी.
Explainer: फिल्म रिलीज से पहले क्यों रखे जाते हैं प्रेस शो और पेड प्रीव्यू, क्या इनसे बॉक्स ऑफिस पर पड़ता है असर?
Why Are There Press Shows And Paid Previews: फिल्म रिलीज होने से पहले आपने अक्सर प्रेस शो और पेड प्रीव्यू दो शब्द सुने होंगे. मेकर्स कई बार किसी फिल्म का प्रेस शो रिलीज से एक या दो दिन पहले रखते हैं. जबकि कुछ फिल्मों के पेड प्रीव्यू रिलीज से एक शाम पहले शुरू किए जाते हैं. दोनों में फिल्म रिलीज से पहले दिखाई जाती है, लेकिन इनका मकसद, ऑडियंस और बॉक्स ऑफिस से जुड़ा हिसाब अलग होता है. फिल्म इंडस्ट्री में इनका इस्तेमाल प्रमोशन, रिव्यू और शुरुआती कमाई की स्ट्रैटेजी के तौर पर किया जाता है. हालांकि, हर फिल्म के लिए इनका फायदा मिले, ये कहा नहीं जा सकता. अगर फिल्म की तारीफ होती है, तो लोगों की दिलचस्पी बढ़ सकती है. वहीं, खराब रिव्यू या नेगेटिव वर्ड ऑफ माउथ से फिल्म पर असर भी पड़ सकता है. इसलिए यह समझना जरूरी है कि प्रेस शो और पेड प्रीव्यू आखिर होते क्या हैं, इन्हें कौन देखता है, इससे मेकर्स को क्या फायदा मिलता है और क्या इनकी वजह से किसी फिल्म की ओपनिंग धमाकेदार हो सकती है.
किसे कहते हैं प्रेस शो?
प्रेस शो वह स्पेशल स्क्रीनिंग होती है, जिसमें फिल्म को रिलीज से पहले पत्रकारों, फिल्म क्रिटिक्स और कुछ मीडिया प्रतिनिधियों को दिखाया जाता है. इसका मैन मकसद फिल्म के बारे में रिव्यू, खबरें और एनालिटिक्स तैयार करने का मौका देना होता है. आमतौर पर ऐसे शो फिल्म की रिलीज से एक या दो दिन पहले रखे जाते हैं. हालांकि, इसकी कोई टाइम या तारीख तय नहीं है. मेकर्स अपनी रिलीज डेट, प्रमोशन प्लान और मीडिया शेड्यूल के हिसाब से स्क्रीनिंग का टाइम फिक्स करते हैं. प्रेस शो में शामिल होने वाले पत्रकार फिल्म देखने के बाद उसकी स्टोरी, एक्टिंग, डायरेक्शन, म्यूजिक और अन्य पहलुओं पर अपनी राय लिख सकते हैं. प्रेस शो का मतलब यह नहीं है कि फिल्म की टिकट बेचकर कमाई की जाए. यह मीडिया को फिल्म दिखाने और रिलीज से पहले उसके बारे में जानकारी देने का तरीका है. ऐसी स्क्रीनिंग में एंट्री आमतौर पर इनविटेशन के जरिए होती है.
क्या होता है पेड प्रीव्यू?
पेड प्रीव्यू उस शो को कहते हैं. जिसमें आम लोग फिल्म की रिलीज से पहले टिकट खरीदकर उसे सिनेमाघर में देख सकते हैं. ये शो अक्सर रिलीज से एक शाम पहले रखे जाते हैं, लेकिन भी कोई तय समयसीमा नहीं है. मान लीजिए अगर कोई फिल्म शुक्रवार रिलीज हो रही है और उसके पेड प्रीव्यू गुरुवार शाम शुरू होते हैं, तो टिकट खरीदने वाले दर्शक फिल्म को एक दिन पहले देख सकते हैं. इसके लिए उन्हें आम शो की तरह टिकट बुक करनी पड़ती है. टिकट की कीमत नॉमर्ल शो के बराबर भी हो सकती है और खास समय, थिएटर या सीट के हिसाब से ज्यादा भी.
पेड प्रीव्यू का मकसद सिर्फ लोगों को जल्दी फिल्म दिखाना नहीं है. इससे मेकर्स को रिलीज से पहले टिकट बिक्री के जरिए कमाई करने और शुरुआती ऑडियंस तक फिल्म पहुंचाने का मौका मिलता है. साथ ही, फिल्म देखने वाले लोग सोशल मीडिया पर फिल्म को लेकर रिएक्शन भी देते हैं. जिससे और लोगों की दलचस्पी बढ़ सकी है.
मेकर्स रिलीज से पहले क्यों रखते हैं प्रेस शो
फिल्म बनाने के बाद उसे ऑडियंस तक पहुंचाना भी मेकर्स के लिए बड़ा चैलेंज होता है. ट्रेलर, गाने और इंटरव्यू के जरिए फिल्म का प्रमोशन किया जाता है, लेकिन रिलीज से पहले रिव्यू भी लोगों पर असर डाल सकता है. अगर फिल्म को अच्छे रिव्यू मिलते हैं, तो दर्शक उसे अधिक संख्या में देखते हैं. वे फिल्म की कहानी, एक्टिंग या डायरेक्शन के बारे में जानकर सिनेमाघर जाने के बारे में सोच सकते हैं. इससे फिल्म को रिलीज के शुरुआती दिनों में फायदा मिलने की संभावना रहती है. प्रेस शो से फिल्म को मीडिया कवरेज भी मिलता है. रिव्यू आने के बाद फिल्म का नाम उन लोगों तक पहुंच सकता है, जिन्होंने उसका ट्रेलर नहीं देखा या प्रमोशन पर ध्यान नहीं दिया. इस तरह मेकर्स को रिलीज से पहले चर्चा बढ़ाने का एक और मौका मिलता है.
पेड प्रीव्यू से मेकर्स को क्या मिलता फायदा है?
पेड प्रीव्यू का फायदा है कि फिल्म की ऑफिशियल रिलीज से पहले भी टिकट बिक्री हो जाती है. अगर फिल्म के लिए दर्शकों में अच्छी दिलचस्पी है, तो गुरुवार शाम के शो भी अच्छी कमाई कर सकते हैं. इससे शुक्रवार के बॉक्स ऑफिस कलेक्शन से पेड प्रीव्यू का कलेक्शन जुड़ जाता है. दूसरा फायदा शुरुआती वर्ड ऑफ माउथ है. फिल्म देखकर निकले दर्शक अपने दोस्तों, फैमिली और सोशल मीडिया पर फिल्म के बारे में चर्चा करते हैं. अगर फिल्म को लेकर अच्छा रिएक्शन आता है तो लोग टिकट बुक करने के लिए प्रेरित हो सकते हैं. इसका एक और फायदा यह है कि मेकर्स यह तय कर सकते हैं कि शुरुआती शो कितने शहरों में रखे जाएं, कितने सिनेमाघरों में फिल्म दिखाई जाए और किस टाइम शो शुरू हों.
क्या प्रेस शो और पेड प्रीव्यू से पड़ता बॉक्स ऑफिस पर असर?
हां, इनका असर पड़ सकता है, लेकिन यह जरूरी नहीं कि हर फिल्म को फायदा ही मिले. प्रेस शो से मिले रिव्यू लोगों की उम्मीदों और फिल्म देखने के फैसले पर असर डाल सकते हैं. वहीं, पेड प्रीव्यू से टिकट बिक्री और शुरुआती कमाई सीधे बढ़ सकती है. अगर पेड प्रीव्यू में लोग अधिक मात्रा टिकट खरीदते हैं तो फिल्म की रिलीज से पहले ही कमाई शुरू हो जाती है. इसके अलावा अगले दिन के शो की बुकिंग भी बढ़ सकती है. लेकिन अगर रिएक्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं आते तो फिल्म की कमाई पर असर पड़ सकता है. यहां एक जरूरी बात समझनी चाहिए. पेड प्रीव्यू से हुई कमाई और रिलीज के पहले दिन की कमाई को हर रिपोर्ट एक ही तरह से नहीं गिनती. कुछ बॉक्स ऑफिस ट्रैकर प्रीव्यू कलेक्शन को अलग दिखाते हैं, जबकि कुछ रिपोर्टों या हेडलाइंस में इसे ओपनिंग के कुल आंकड़े में जोड़ दिया जाता है.
ओपनिंग डे के कलेक्शन में क्यों जोड़ा जाता है पेड प्रीव्यू की कमाई को?
बॉक्स ऑफिस पर किसी फिल्म की ओपनिंग की चर्चा होते समय कई बार अलग-अलग आंकड़े देखने को मिलते हैं. इसकी एक वजह यह है कि पेड प्रीव्यू और ऑफिशियल रिलीज के पहले दिन की कमाई को अलग-अलग तरीके से पेश किया जा सकता है. मान लीजिए कि किसी फिल्म ने गुरुवार शाम के पेड प्रीव्यू से 5 करोड़ रुपये का कारोबार किया और शुक्रवार को 20 करोड़ कमाए. अगर दोनों आंकड़ों को अलग रखा जाए, तो शुक्रवार की कमाई 20 करोड़ होगी. लेकिन अगर रिपोर्ट में प्रीव्यू की कमाई को जोड़े तो कुल कमाई 25 करोड़ रुपये होगी.
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